भागलपुर (जेएनएन)। केंद्र सरकार ने भागलपुर के गांगेय क्षेत्र में गरुड़ प्रजाति और सुपौल, सहरसा तथा अररिया में डॉल्फिन एवं अन्य जीव जंतुओं की रक्षा और संरक्षण में दिलेरी दिखाई है। सरकार ने गरुड़ प्रजाति की सुरक्षा और संरक्षण के नाम पर 10 लाख 75 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें 8 लाख 60 हजार रुपये तत्काल व्यय करने को कहा है। वहीं, भागलपुर सहित कोसी के तीन जिलों में डॉल्फिन एवं अन्य जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए 53 लाख 49 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। दोनों ही में केंद्र सरकार ने अपना अंश 60 फीसद दे दिया है। डॉल्फिन की रक्षा में तत्काल 42 लाख 79 हजार रुपये खर्च करने की अनुमति दे दी गई है।

यह जानकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव रत्नेश झा ने महालेखाकार को भेजे पत्र में दी है। पत्र की कॉपी संबंधित जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारियों को भी भेजी गई है। सरकार ने कहा है कि 2018-19 में गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने के लिए केंद्र ने योजनाओं की स्वीकृति दी है। इस संबंध में इन जिलों के वन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था। सरकार के स्तर पर इसकी समीक्षा की गई थी। यह माना गया कि दोनों ही प्रजातियों का संरक्षण नहीं होने से ये लुप्त होने लगे हैं। पर्यावरण की दृष्टि से इनकी रक्षा करना अनिवार्य हो गया है। अभी सरकार ने प्रथम किश्त जारी किया है। राशि के व्यय होने के बाद शेष राशि भी भेज दिया जाएगा।

Posted By: Dilip Shukla