भागलपुर [जेएनएन]। मालदा मंडल की रेल मंडल प्रबंधक तन्नू चंद्रा ने कहा कि 2020 तक भागलपुर जंक्शन मॉर्डन स्टेशन के रूप में दिखेगा। स्टेशन भवन और सरर्कुलेटिंग एरिया का लुक बदल जाएगा। अगले साल से स्टेशन भवन का स्वरूप नई दिल्ली जंक्शन या फिर विक्रमशिला विवि भवन की तरह हो जाएगा। स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंची डीआरएम ने आर्किटेक्ट के साथ स्टेशन भवन की डिजाइन के लिए विशेष बैठक की। इसमें कई प्रमुख शहरों के स्टेशन भवनों की डिजाइन पर चर्चा भी हुई।

वहीं, डीआरएम ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर खूबसूरत टाइल्स लगेंगे। यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी। स्टेशन भवन की रिमॉडलिंग के लिए 10 करोड़ का बजट है। डीआरएम शनिवार को स्टेशन अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने पहुंची थीं। इन्होंने कहा कि स्टेशन पर दो और नए एस्केलेटर लगेंगे। एक नंबर पर एस्केलेटर बनकर तैयार है। सेफ्टी सीट लगाने के बाद जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। यात्री सुविधाएं और विकास कार्यो में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भागलपुर जंक्शन पूर्व रेलवे और मालदा मंडल के बेहतरीन स्टेशनों की श्रेणी में होगा। डीआरएम ने करीब तीन घंटे तक स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान सीनियर डीइएन कॉर्डिनेशन सुखबीर सिंह, स्टेशन अधीक्षक समर सिंह, सीनियर डीएमओ डॉ. सत्येंद्र कुमार चीफ यार्ड मास्टर प्रमोद कुमार, सीआइटी आरएन पासवान सहित मंडल के अधिकारी थे।

एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा विकसित

डीआरएम ने कहा कि स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए प्लेटफॉर्म के बाहर (सर्कुलेटिंग एरिया) प्रतीक्षालय और टिकट काउंटर बनाने की योजना है। ऐसी व्यवस्था होगी कि ट्रेन से उतरने के बाद यात्री एयरपोर्ट की तरह सीधे बाहर निकल सकें। स्टेशन पर भीड़ न बढ़े। इसके लिए परिसर में बन रहे फुट ओवर ब्रिज (एफओबी)को अगस्त तक चालू कर दिया जाएगा। रेल कुंज में कर्मियों का शिफ्ट करने करने के बाद दक्षिण की तरफ बने नए प्रवेश द्वार और टिकट काउंटर का निर्माण शुरू हो जाएगा।

साफ-सफाई पर विशेष दें ध्यान

स्टेशन की साफ-सफाई में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने को कहा है। डीआरएम ने कहा कि उन्हें जानकारी मिलती है कि निरीक्षण की सूचना पर सफाई होती है। इस तरह की शिकायत फिर से नहीं मिले। सभी कार्यशैली में सुधार लाएं। दीवार पर पेंटिंग पर धूल-मिट्टी जमा रहने पर नाराजगी जताई

एस्केलेटर की ली ट्रायल

डीआरएम तनु चंद्रा ने नवनिर्मित एस्केलेटर को चालू करवाया और चढ़कर सफल ट्रायल ली। उन्होंने कहा कि स्वचालित सीढिय़ों के निर्माण में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।

तिरंगे के मेंटेनेंस में नहीं बरतें लापरवाही

निरीक्षण के दौरान वेटिंग हॉल गई। शौचालय की व्यवस्था को देखी। बुकिंग ऑफिस जाकर कामकाज का जायजा ली। सेकेंड क्लास वेटिंग हॉल में सफाई को देखा। सरर्कुलेटिंग एरिया में लगे 100 फीट के तिरंगे को देखा और मेंटेनेंस का पूरा ख्याल रखने की हिदायत दी।

ऑन द स्पॉट जुर्माना

प्लेटफॉर्म संख्या एक स्थित भोजनालय के पास समान बिखरा था। इस कारण आगे जाने में दिक्कत हो रही थी। पूछने पर पता चला पैसेंजर का सारा समान है। डीआरएम के निर्देश पर सीआइटी आरएन पासवान ने मानक से ज्यादा लगेज रहने और बुकिंग नहीं कराने पर 500 रुपये का लिया गया।

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Posted By: Dilip Shukla