जागरण टीम, तारापुर (मुंगेर)। Bihar Vidhan Sabha By-Election: तारापुर उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) को प्रचार प्रसार की कमान सौंप दी है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद कन्हैया की ये पहली ऐसी सभा है, जिसमें उन्होंने लोगों को संबोधित किया। कांग्रेस प्रत्याशी राजेश मिश्रा के लिए वोट मांगने तारापुर पहुंचे कन्हैया ने नुक्कड़ सभा में प्रतिभाग किया। 

देश की विरासत को कांग्रेस ही बचा सकती है: कन्हैया

- कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सिकंदरा में कन्हैया कुमार का गर्मजोशी से किया स्वागत

सूत्र,सिकंदरा(जमुई)। कांग्रेसी नेताओं के काफिले के साथ शनिवार को सिकंदरा पहुंचे जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष सह कांग्रेसी नेता कन्हैया कुमार का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। दरअसल कन्हैया कुमार 30 अक्टूबर को तारापुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेसी उम्मीदवार के पक्ष में चुनावी सभा करने पटना से सिकंदरा होते तारापुर जा रहे थे। इस मौके पर कन्हैया ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बदलाव अब बिहार से शुरू होगा। कांग्रेस कुशेश्वरस्थान और तारापुर दोनों उपचुनाव जीतेगी और 2024 संसदीय चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा है। अपनी ऊर्जा इधर-उधर खर्च करने के बजाय हम सभी को अपनी ऊर्जा एक ही स्थान पर केंद्रित करनी चाहिए।

कन्हैया ने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जो इस देश और इसकी विरासत को बचा सकती है। यह लोकतंत्र तभी कायम रह सकता है जब कांग्रेस मजबूत हो। किसानों के आंदोलन की बात हो या महंगाई जैसे मुद्दों का समाधान तभी होगा जब हमारा विपक्ष मजबूत होगा। इस अवसर पर कन्हैया कुमार के काफिले में कटिहार के कदवा विधायक शकील खान, सासाराम विधायक संतोष मिश्रा, संगठन प्रभारी ब्रजेश पांडेय, पूर्व विधायक सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, प्रदेश युवा अध्यक्ष गुंजन पटेल के अलावा स्वागत करने वालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व मुखिया रामसागर सिंह, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण प्रसाद, दिनेश सिंह, गाजी शाहनवाज समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल रहे।

इससे पहले पटना पहुंचे कन्हैया कुमार ने कहा कि  'विधानसभा चुनाव 2020 में मैंने राजद, कांग्रेस और वामपंथी, सभी पार्टियों के लिए प्रचार किया था। मुद्दा वही है, हमलोग जिस मुद्दे को उठा रहे थे। वह अभी भी पूरा नहीं हुआ है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास, विस्थापन या बिहारियों के आत्मसम्मान की बात हो।

कन्हैया ने कहा कि हमारे यहां रोजगार नहीं है इसलिए हमें बाहर जाना पड़ता है। इलाज के लिए स्वास्थ्य की अच्छी व्यवस्था नहीं है। पढ़ाई व्यवस्था बेहतरीन नहीं है, यही सब वजह हैं कि हम बाहर जाते हैं। पलायन करते हैं। बाहर जाकर हम बिहारी मेहनत करते हैं, इसके बदले आत्म सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन गाली मिलती हैं। बिहार की इस स्थिति में पिछले कई दशक में परिवर्तन नहीं हुआ है। यही बदलाव चाहिए यही हमारी प्रमुख लड़ाई है।

Edited By: Shivam Bajpai