यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics : आरसीपी सिंह के लिए कितना सुगम है आगे का रास्ता? JDU ने जिलास्तर पर उनके खिलाफ खोला मोर्चा
Bihar Politics- बिहार की राजनीति में अब आरसीपी सिंह के लिए आगे का रास्ता कितना सुगम है? ये बड़ा सवाल ...और पढ़ें

Bihar Politics, संवाद सहयोगी, मुंगेर : JDU के प्रधान कार्यालय में जिला स्तरीय जदयू पदाधिकारी, कार्य समिति सदस्य, प्रकोष्ठों के जिलाध्यक्ष, सभी प्रखंड अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। जदयू जिलाध्यक्ष संतोष सहनी के नेतृत्व में ये बैठक आयोजित हुई। बैठक में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं आरसीपी सिंह के दिए गए तमाम बयानों का जमकर विरोध किया गया।
आरसीपी सिंह को बताया गया बीजेपी का एजेंट
बैठक में आरसीपी सिंह की ओर से मुख्यमंत्री पर किए गए मनगढ़ंत बयानबाजी का विरोध किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आरसीपी सिंह को दो बार राज्यसभा भेजा, पार्टी की पूरी कमान सौंप दी। वह भाजपा के एजेंट बनकर पार्टी की तोड़ने की तैयारी कर रहे थे, इसलिए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया। सभी ने पार्टी के सर्वमान्य नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के प्रति आस्था व्यक्त किए। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री के हाथ और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
आरसीपी सिंह ने दिया धोखा- ज्ञान चंद पटेल
प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञान चंद पटेल ने कहा आरसीपी सिंह एक सरकारी कर्मचारी और पदाधिकारी थे। मुख्यमंत्री ने विश्वासपात्र मानकर पार्टी में सम्मान दिया और उन्होंने पार्टी के साथ धोखा दिया। मुख्य जिला प्रवक्ता मनोरंजन मजूमदार ने भी आरसीपी सिंह पर हमला बोला। बैठक के बाद जुलूस निकाला गया। इस मौके पर प्रदेश सचिव राजेश कुशवाहा, कुमार कृष्ण चंद, सुजीत मंडल, विपिन कुशवाहा, अनिल यादव, समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आरसीपी सिंह के हाल में दिए हुए बयान
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सह पूर्व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे आरसीपी सिंह ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया था। उनका कहना है कि अब जदयू के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। पार्टी का राजद में विलय होना तय है। वहीं खुद की राजनीति के बारे में उनका कहना है कि ये अब उनके कार्यकर्ताओं पर निर्भर करता है। वे लगातार उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं से मुखातिब हो रहे हैं। बीजेपी में जाएंगे या नहीं? ये कार्यकर्ता ही तय करेंगे।