संवाद सूत्र, नवहट्टा ( सहरसा )। बिहार पंचायत चुनाव 2021: दशहरा के मौके पर मंदिरों एवं पूजा पंडाल में भी पंचायत चुनाव का असर दिखा। प्रत्याशी एवं निवर्तमान जनप्रतिनिधि यहां जमे रहे तथा मंदिर में मां दुर्गा के साथ ही मतदाताओं के सामने माथा टेकते रहे। कहरा एवं पतरघट प्रखंड का परिणाम आने के बाद वर्तमान में पद पर बने प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पिछली गलतियों के लिए माफी भी मांग रहे हैं। ऐसे लोग जनता को भरोसा दिला रहे है कि इसबार मौका मिला तो सबकुछ जनता की राय से तय होगा। लेकिन मतदाता भी कहां कम हैं।

दुर्गापूजा है चुनावी चहलकदमी में आई कमी

पूजा के कारण प्रचार में कुछ कमी रही। प्रत्याशी भी मां दुर्गा की आराधना में जुटे रहे। अधिकांश समय मंदिरों या पूजा पंडालों में ही बीतता था। अपनी जीत के लिए मां की पूजा भी की। अष्टमी के बाद काफी संख्या में प्रत्याशी मां दुर्गा की पूजा के बाद मंदिर परिसर एवं पंडाल में जमे रहते थे। जैसे ही किसी पर नजर पड़ती थी उनसे राय मशविरा करने लगते थे।

थाना में आपसी सुलह से सुलझाया गया पारिवारिक विवाद

संवाद सूत्र, बनमाईटहरी (सहरसा): ओपी परिसर में गुरुवार को ओपी अध्यक्ष अकमल हुसैन ने अलग-अलग गांव के तीन पारिवारिक विवाद को आपसी सुलह के आधार पर सुलझाया। रसलपुर गांव के मु. मोहसिम के पुत्र के शादी खगडिय़ा जिला के बेलदौड़ थाना क्षेत्र के चौड़ली गांव में मु. अयुब की पुत्री से हुई थी। लेकिन दोनों पक्ष में विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष को बुलाकर आपसी सुलह कराया गया। इसी तरह खुरेशान गांव में बच्चे की मां की मौत होने पर बच्चे के अभिभावक को लेकर विवाद था। जबकि तरहा गांव में मु. मुजाहिर की पूर्व पत्नी से दहेज की सामान वापस लौटाने का विवाद था।

ओपी अध्यक्ष ने ओपी में दोनों पक्षों के लोगों की बात सुनकर समाज के लोगों की उपस्थिति में सुलहके आधार पर सुलझाया। बताया गया कि खुरेशान गांव में बच्चे के अभिभावक को लेकर सामाजिक स्तर पंचायत भी हुई थी। लेकिन बच्चे के नाना चार वर्षीय नाति को लेकर चले गये। जिसके बाद ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष से पहुंचे पंचों को बंधक बना लिया था। मौके पर पहुंची ओपी पुलिस ने दोनों पक्षों को ओपी पर लाकर पंचायत कर मामले को सुलझाया। तरहा में नौ वर्ष पहले पत्नी को तलाक देने के बाद बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर बाजार की चांद बेगम दहेज का सामान लौटाने ओपी पहुंच गई। उन्होंने कहा कि जब रिश्ता ही नहीं रहा तो दान दहेज की सामान रखने का भी हक नहीं है। जिसका निपटारा किया गया।

Edited By: Shivam Bajpai