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बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार के गांव में टूटा बांध, घरों में घुसा बाढ़ का पानी; CM ने फोन पर लिया अपडेट

Published: Mon, 24 Aug 2026 05:26 AM (IST)

बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के पैतृक गांव राघोपुर में तटबंध टूट गया है। बांध कटने ...और पढ़ें

HighLights

  1. ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार के पैतृक गांव में बांध कटा।

  2. राघोपुर-नरकटिया तटबंध दोपहर करीब तीन बजे टूटा।

  3. पानी तेजी से फैल रहा, मरम्मत कार्य जारी।

खरीक, भागलपुर। राघोपुर गांव के समीप जमीनदारी बांध टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से गांव में फैल गया है। बाढ़ का पानी बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री के घर तक पहुंच गया है।

स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारी कटाव स्थल पर मौजूद हैं और युद्धस्तर पर बचाव एवं कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि तटबंध के दोनों नोज को पहले मजबूत करने का काम किया जा रहा है, ताकि कटाव को आगे बढ़ने से रोका जा सके। इसके साथ ही तटबंध को पार कर गांव की ओर आ रहे पानी को रोकने के लिए भी विभाग की टीम लगातार काम कर रही है।

राघोपुर गांव के लोग वर्ष 2004 से बाढ़ की समस्या का सामना करते आ रहे हैं। वर्ष 2004 से ही इस क्षेत्र में जमीनदारी बांध के कटाव की समस्या बनी हुई है। वर्ष 2005 से कटावरोधी कार्य शुरू किए गए थे।

विभाग द्वारा अलग-अलग समय में करीब 14 करोड़ रुपये तथा अन्य चरणों में बड़ी राशि खर्च कर कटावरोधी कार्य कराए जाने की बात सामने आ रही है। करीब नौ किलोमीटर क्षेत्र में पहले भी कटाव की समस्या रही है।

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मंत्री के घर में घुसा पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 14 वर्षों बाद इस बार राघोपुर तटबंध पर बाढ़ के पानी का दबाव काफी बढ़ा, जिसके कारण तटबंध टूट गया। जिस स्थान पर बांध टूटा है, वह ऊर्जा मंत्री के आवास से करीब चार किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

बांध टूटने के बाद करीब पांच हजार की आबादी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ता है तो आसपास के अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है।

इधर, मुख्यमंत्री ने भी स्थिति की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री से फोन पर बातचीत कर राघोपुर में बाढ़ की स्थिति और तटबंध टूटने के बाद किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर रहकर तटबंध को सुरक्षित करने और पानी के फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

फिलहाल विभाग की टीम तटबंध के टूटे हिस्से को नियंत्रित करने और कटाव को रोकने में जुटी हुई है। ग्रामीणों के बीच भी बाढ़ के बढ़ते पानी को लेकर चिंता बनी हुई है।

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