जमुई, जेएनएन। सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 2020 की मैट्रिक की परीक्षा में आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया। बिहार बोर्ड द्वारा जारी सूची में टॉप टेन के राज्‍य के 41 छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई। लेकिन इस विद्यालय के महज तीन छात्र ही इस सूची में शामिल हो पाए। यहां तक कि टॉप फाइव तक के यहां के एक भी विद्यार्थी नहीं थे। जिले के इस विद्यालय के तीन छात्र जो टॉप टेन में है, पेश से उनसे की गई बातचीत के कुछ अंश।

राज ने परीक्षाफल प्रकाशन से पहले ही शुरू कर दी पढ़ाई

सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र राज रंजन ने मैट्रिक परीक्षा में 474 अंक हासिल कर सूबे में सातवां रैंक प्राप्त किया है। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए राज रंजन ने बताया कि वह मैट्रिक परीक्षा के समय से ही आश्वस्त था कि उसे टॉप टेन में जगह मिलेगी। रिजल्ट प्रकाशन होने के बाद राज रंजन के पश्चिमी चंपारण स्थित घर में खुशियों का माहौल है। उसकी मां रंजीता कुमारी इस उपलब्धि को लेकर फूले नहीं समा रही हैं। घर पर तथा फोन के माध्यम से बधाई देने वालों का तांता लगा है। राज रंजन आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहता है। इसकी तैयारी उसने अप्रैल से ही शुरू कर दी है। 13 अप्रैल से उसने कोटा के एक संस्थान से आगे की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी है। राज बताता है कि समय के सदुपयोग और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसी कारण उसने संसाधनों की कमी के बावजूद यह सफलता हासिल की है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बमबम को दी खुशखबरी

सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र बमबम कुमार ने मैट्रिक की परीक्षा में 473 नंबर प्राप्त लाकर सूबे में आठवीं रैंक हासिल की है। गरीब किसान परिवार से आने वाले बमबम को इस बात तक की जानकारी नहीं थी कि उसने टॉप टेन में अपनी जगह बना ली है। उसे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा फोन पर इसकी जानकारी दी गई। गरीब परिवार से आने वाले बमबम के पिता रवींद्र मंडल एक साधारण किसान हैं और अपने बेटे की उपलब्धि से बहुत खुश नजर आ रहे हैं। उपलब्धि का श्रेय विद्यालय परिवार को देते हुए बमबम ने बताया कि वह आगे सिविल सेवा ज्वाइन कर देश की सेवा करना चाहता है। उसका घर भागलपुर जिले के एक छोटे से गांव में है। आधुनिक संसाधनों की कमी के बावजूद उसने मेहनत के बल पर इस उपलब्धि को हासिल किया है। फिलहाल, बमबम के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है और पूरा परिवार खुश है।

सीए बनना चाहता है रोहित

सिमुलतला आवासीय विद्यालय से रोहित कुमार ने मैट्रिक की परीक्षा में 471 अंक हासिल कर सूबे में 10वीं रैंक प्राप्त की है। टॉप टेन में जगह बनाने पर रोहित कुमार की माता रीना देवी, पिता रामेश्वर कुमार सहित परिवार के सभी सदस्य बहुत खुश हैं। रिजल्ट की जानकारी मिलने के बाद रोहित कुमार ने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों तथा परिवार को दिया है। उसने बताया कि वह आगे पढ़कर चार्टर्ड एकाउंटेंट बनना चाहता है। रोहित ने बताया कि उनके पिताजी व्यापारी हैं और इसी कारण वह चार्टर्ड एकाउंटेंट की पढ़ाई करना चाहता है। इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी है। रोहित के पिता रामेश्वर कुमार बताते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज रहा है और यही कारण है कि मैट्रिक की परीक्षा में उसने शानदार रिजल्ट लाकर पूरे परिवार को गौरवान्वित किया है। फिलहाल, रोहित के जहानाबाद स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

Posted By: Dilip Shukla

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