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ब‍िहार के प्रिंस का भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में चयन, भागलपुर में झालमुड़ी बेचने वाले का बेटा अब विदेश में चमकेगा

Published: Thu, 29 Oct 2026 07:48 PM (IST)

Bhagalpur Prince Kumar Pencak Silat: प्रिंस कुमार ने सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में जगह बनाई है। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Prince Kumar Pencak Silat:  प्रतिभा किसी सुख-सुविधा या संपन्नता की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है भागलपुर के लाल प्रिंस कुमार ने। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगहाली के बीच पसीना बहाकर प्रिंस ने भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।

अब वह अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का प्रतिनिधित्व करने की दहलीज पर खड़े हैं। हालांकि, भारतीय जर्सी हासिल करने के इस गौरवशाली क्षण के बीच उनके परिवार के सामने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का खर्च जुटाना एक बड़ा संकट बनकर खड़ा हो गया है।

प्रिंस के पिता दीपक मंडल सड़क किनारे झालमुड़ी बेचकर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घर की माली हालत बेहद कमजोर होने के बावजूद उन्होंने कभी बेटे के सपनों के आड़े गरीबी को नहीं आने दिया। प्रिंस ने भी पिता के संघर्षों को अपनी ताकत बनाया और बरारी स्थित 'किलकारी बिहार बाल भवन' में नियमित कड़ा अभ्यास शुरू किया। खेल के प्रति लगन और अनुशासन का ही नतीजा है कि उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को प्रभावित कर भारतीय टीम में स्थान सुनिश्चित किया।

Bihar Bhagalpur Prince Kumar Joins Indian Pencak Silat Team (1)

किलकारी बाल भवन में तराशे गए दांव-पेंच

प्रिंस कुमार ने मार्शल आर्ट्स की विधा पेनकैक सिलाट का ककहरा और तकनीकी दांव-पेंच किलकारी बाल भवन के खेल प्रांगण में सीखे हैं। उनके प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि प्रिंस शुरू से ही असाधारण रूप से मेहनती और अनुशासित रहे हैं। उन्होंने वर्षों तक मैट पर दिन-रात पसीना बहाया है।

प्रिंस कुमार: संघर्ष से सफलता तक

  • खिलाड़ी: प्रिंस कुमार

  • खेल विधा: पेनकैक सिलाट (मार्शल आर्ट्स)

  • चयन: भारतीय राष्ट्रीय पेनकैक सिलाट टीम (अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु)

  • पिता व व्यवसाय: दीपक मंडल (झालमुड़ी विक्रेता)

  • प्रशिक्षण केंद्र: किलकारी बिहार बाल भवन, बरारी परिसर, भागलपुर

  • प्रशिक्षक (कोच): कुंदन कुमार

कोच कुंदन कुमार ने कहा, "प्रिंस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की पूरी क्षमता है। लेकिन यह बेहद चिंताजनक है कि परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते विदेश यात्रा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का खर्च वहन करना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है।" उन्होंने शहर के उद्योगपतियों, सामाजिक संस्थाओं और खेल प्रेमियों से आगे आकर प्रिंस को वित्तीय संबल प्रदान करने की भावुक अपील की।

Bihar Bhagalpur Prince Kumar Joins Indian Pencak Silat Team

किलकारी परिवार में खुशी की लहर

प्रिंस के इस चयन पर किलकारी बिहार बाल भवन से जुड़े पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है। पदाधिकारी साहिल राज ने कहा कि किलकारी बच्चों की सुप्त प्रतिभा को मंच देने का कार्य करती है और प्रिंस ने यह साबित कर दिया है कि लगन हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रिंस अंतरराष्ट्रीय अखाड़े में भी तिरंगा लहराकर बिहार और भागलपुर का मान बढ़ाएंगे। इस अवसर पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी यशस्वी निधि ने भी प्रिंस को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अब समाज और सरकार से सहयोग की आस

प्रिंस का चयन उन हजारों वंचित युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अभावों के बीच बड़े सपने देखते हैं। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा के लिए आवश्यक खेल किट, वीजा, यात्रा और खान-पान का खर्च जुटाना उनके मजदूर पिता के बूते से बाहर है।

खेल संघों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि सरकार और समाज के सक्षम लोग समय रहते हाथ बढ़ाएं, तो भागलपुर की यह युवा प्रतिभा विदेशी सरजमीं पर देश का परचम फहरा सकती है।

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