लखीसराय, जेएनएन। Bihar Assembly Election 2020 : पांच साल बाद एक बार फिर वक्त करवट लेने को बेताब है। राज्य का मुख्यमंत्री और लखीसराय एवं सूर्यगढ़ा विधानसभा का विधायक चुना जाना है। बदलाव वक्त ही करता है और वह आ गया है। इस बार भी लोकतंत्र के महापर्व (विधानसभा चुनाव) की तैयारी हर घर में है तो चर्चा हर चौराहे पर। जनता किस महारथी को विजय दिलाएगी यह तो मतगणना के बाद स्पष्ट होगा लेकिन इतना तय है कि पांच साल में किसने कितनी साख बनाई और किसने आम आदमी के दिलों में कितना विश्वास पैदा किया परीक्षा तो इसी की होनी है। लखीसराय जिले के दोनों विधानसभा में मुकाबला काफी रोमांचक है। जनता अपनी भड़ास निकालने को तैयार है।

राजनीति के दिग्गज

वहीं राजनीतिक बिसात पर बिछे मोहरों की सफलता सुनिश्चित कराने की खातिर राजनीति के दिग्गज हर दांव खेल रहे हैं। कारण यही है कि मोहरों के साथ-साथ दिग्गजों की साख और विश्वास की अग्नि परीक्षा भी होनी है। चुनाव प्रचार समाप्ति के बाद सभी प्रत्याशी बूथ मैनेजमेंट पर पूरा फोकस किया है। जिला प्रशासन द्वारा चुनाव को शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,058 मतदान केंद्र है। लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे 18 और सूर्यगढ़ा विधानसभा से चुनाव लड़ रहे 19 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 7,02,985 मतदाता करेंगे।

एनडीए  और महागठबंधन के प्रत्याशी के बीच मुकाबला

सभी प्रत्याशी अपने अपने स्तर से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। जिले के मतदाता लखीसराय के विधायक सह राज्य सरकार के श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, लखीसराय के पूर्व विधायक फुलेना सिंह एवं सूर्यगढ़ा विधायक प्रह्लाद यादव सहित कई दिग्गजों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव लड़ रहे  एनडीए  और महागठबंधन के प्रत्याशी के साथ-साथ उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं की भी साख दाव पर लगी हुई है।

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