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भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन का रास्ता साफ, बांका के 16 गांवों में 43.62 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:08 AM (GMT+05:30)

भागलपुर-हंसडीहा NH-133E फोरलेन परियोजना के दूसरे चरण के लिए बांका जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

एआई द्वारा जनरेट की गई सांकेतिक तस्वीर है।

एआई द्वारा जनरेट की गई सांकेतिक तस्वीर है।

HighLights

  1. NH-133E फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण अधिसूचना जारी।

  2. बांका के 16 गांवों में 43.62 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित।

  3. बिहार-झारखंड कनेक्टिविटी सुधरेगी, जाम से मिलेगी मुक्ति।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर से हंसडीहा (NH-133E) को जोड़ने वाले अति-महत्वपूर्ण सड़क मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक प्रगति हुई है। दूसरे चरण में खड़हरा से भलजोर तक बनने वाले इस फोरलेन कॉरिडोर को लेकर बांका जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ गई है।

भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम (National Highways Act) के तहत भूमि अधिग्रहण से संबंधित आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (अधिसूचना) जारी कर दिया गया है।

इस गजट प्रकाशन के साथ ही एनएच-133ई पर किलोमीटर 36.600 से किलोमीटर 63.630 तक के लगभग 27 किलोमीटर लंबे हिस्से में फोरलेन सड़क निर्माण, पक्के शोल्डर के निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन और सुचारू संचालन के लिए जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

अधिसूचना जारी होने के साथ ही भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों के लिए निर्धारित समयावधि के भीतर दावों व आपत्तियों को दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

तीन प्रखंडों के 16 गांवों के 573 भूखंड चिह्नित

जारी अधिसूचना के अनुसार, बांका जिले के तीन प्रमुख प्रखंडों— बाराहाट, बांका और बौंसी के कुल 16 गांवों में स्थित 573 भूखंड (प्लॉट) इस अधिग्रहण के सीधे दायरे में आ रहे हैं।

इन सभी चिह्नित भूखंडों की कुल 43.6227086 हेक्टेयर (लगभग 43.62 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहित की जाने वाली इस भूमि में लोगों की आवासीय संपत्ति के साथ-साथ उपजाऊ दोफसला कृषि योग्य जमीन भी शामिल है।

इन 16 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण

अधिसूचना के तहत अधिग्रहित होने वाले गांवों की सूची निम्नलिखित है:

  • बाराहाट प्रखंड: खड़हरा, डफरपुर और औरिया गांव।

  • बांका प्रखंड: ढाका गांव।

  • बौंसी प्रखंड: कसबा मंदार, बगडुमा, भीखाकीता, नया गांव, बौंसी, सिकंदपुर, दहुआ, सुखिया बरैत, भागा, गोकुला, करूआनी कीता और मैनमा गांव।

फोरलेन बनने से सीमावर्ती राज्यों से बेहतर होगी कनेक्टिविटी

भागलपुर-हंसडीहा एनएच-133ई मार्ग बिहार और झारखंड के बीच व्यापारिक और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जीवनरेखा (लाइफलाइन) है। फोरलेन निर्माण पूरा हो जाने से भागलपुर, बांका और बौंसी के यात्रियों को जहां जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी, वहीं बांका के मंदार पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंचना काफी सुगम हो जाएगा।

भूमि अधिग्रहण संबंधी विस्तृत विवरण:

विवरण का दायरा प्रशासनिक जानकारी
राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-133ई (भागलपुर - हंसडीहा मार्ग)
प्रोजेक्ट का दायरा दूसरे चरण में खड़हरा से भलजोर तक
चिह्नित मार्ग की लंबाई किलोमीटर 36.600 से किलोमीटर 63.630 तक
प्रभावित जिला व प्रखंड बांका जिला (प्रखंड: बाराहाट, बांका, बौंसी)
प्रभावित गांव व भूखंड 16 गांव (कुल 573 भूखंड)
कुल अधिग्रहित भूमि 43.6227086 हेक्टेयर
भूमि का स्वरूप आवासीय एवं दोफसला (कृषि योग)

राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत एनएच-133ई फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का गजट प्रकाशित कर दिया गया है। चिह्नित 16 गांवों के भू-स्वामियों से नियमानुसार आपत्तियां प्राप्त कर उनका निष्पादन किया जाएगा, जिसके बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

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