अंधेरे में गूंजती हैं चीखें! भागलपुर में खुला 'यमलोक का द्वार', दैत्य के जबड़े से होकर मां दुर्गा के दर्शन कर रहे भक्त
Bhagalpur Horror Durga Puja Pandal: भागलपुर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर 'भूतिया संसार और यमलोक' की थीम पर एक ...और पढ़ें
HighLights
पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार विशालकाय दैत्य का जबड़ा है।
भीतर भूत, चुड़ैल और यमलोक का भयावह चित्रण किया गया है।
अंत में मां दुर्गा के भव्य, सौम्य दर्शन होते हैं।
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। Bhagalpur Horror Durga Puja Pandal: शारदीय नवरात्र के अवसर पर शहर के पूजा पंडालों में जहां एक ओर भव्य महलों और मंदिरों के प्रारूप देखने को मिल रहे हैं, वहीं भागलपुर के छोटी खंजरपुर स्थित एसएम कॉलेज रोड पर एक ऐसा पंडाल बना है, जिसे देखकर रूह कांप जाती है। यहां पुस्तकालय स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में इस बार पूजा समिति ने पारंपरिक प्रारूप से बिल्कुल अलग 'भूतिया संसार और यमलोक' की थीम पर पंडाल का निर्माण कराया है। पंडाल का दृश्य इतना खौफनाक है कि मां दुर्गा के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु रोमांच और सिहरन से भर उठते हैं, जबकि बच्चों के तो कदम ही ठिठक जा रहे हैं।
-1792384018395.webp)
दैत्य के जबड़े से होकर पहुंच रहे मां के दरबार में
पंडाल का मुख्य आकर्षण इसका मुख्य प्रवेश द्वार है। सड़क से ही एक विशालकाय, नीले रंग के सींग वाले विकराल दैत्य का चेहरा नजर आता है। उसके सिर पर नुकीले सींग, माथे पर लाल बिंदी, उभरे हुए कान और जबड़े में नुकीले सफेद दांत बनाए गए हैं। इस दैत्य का खुला हुआ जबड़ा ही पंडाल का मुख्य दरवाजा है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों को इस दैत्य के खौफनाक मुंह के भीतर से होकर गुजरना पड़ता है। गेट पर दोनों तरफ कंकाल और खोपड़ियों के ढांचे चिपकाए गए हैं, जो पहली नजर में ही सिहरन पैदा कर देते हैं।
-1792384154190.webp)
झूले पर झूलती चुड़ैल और छत से लटके भूत
जैसे ही श्रद्धालु दैत्य के मुंह से भीतर प्रवेश करते हैं, सामने का दृश्य और भी भयावह नजर आता है। चारों तरफ घना काला पर्दा और धुंधली नीली-लाल रोशनी है। कहीं पेड़ों की डालियों पर बने झूले पर लाल आंखों और खून से सने कपड़ों वाली चुड़ैल झूलती दिखती है, तो कहीं छत से उल्टे लटके भूत-पिशाच के पुतले नजर आते हैं। जमीन पर जलती हुई चिताएं, बिखरे हुए अस्थि पंजर और दीवारों पर लटकी रस्सियों के बीच से गुजरना किसी हॉरर फिल्म के सेट से गुजरने जैसा अहसास कराता है। रोशनी कम होते ही और साउंड बॉक्स पर सुबह-शाम भूतिया व डरावनी आवाजें बजते ही माहौल बेहद डरावना हो जाता है।
-1792384242100.webp)
यमलोक का दरबार, 'जैसी करनी वैसा फल' का संदेश
भय और कौतूहल के इस माहौल के बीच पंडाल के आयोजकों का उद्देश्य महज डराना नहीं, बल्कि समाज को एक गहरा आध्यात्मिक व नैतिक संदेश देना है। पंडाल के एक हिस्से में बाकायदा यमलोक का दरबार सजाया गया है। यहां 'यम हैं हम' के बोर्ड के साथ यमराज का सिंहासन, पाप-पुण्य का लेखा-जोखा करते चित्रगुप्त और दंड देने के लिए तैयार यमदूतों के पुतले स्थापित हैं।
-1792384322741.webp)
गरुड़ पुराण में वर्णित नरक यातनाओं जैसे—'कुंभीपाक' (खौलते तेल के कड़ाह में पापी को तलना) और 'असिपत्रवन' के दृश्य भी मूर्तियों के माध्यम से जीवंत किए गए हैं। इसके जरिए यह संदेश दिया गया है कि मनुष्य इस संसार में जैसा कर्म करता है, मृत्यु के उपरांत यमलोक में उसे वैसा ही फल भुगतना पड़ता है।
-1792384412379.webp)
गर्भगृह में मां दुर्गा के दर्शन, सोशल मीडिया पर रील्स वायरल
इस डरावने और रहस्यमयी रास्ते को पार करने के बाद अंत में मंदिर की मुख्य वेदी आती है, जहां मां दुर्गा की अत्यंत भव्य, सौम्य और मनोहारी प्रतिमा स्थापित है। मां के दर्शन पाते ही श्रद्धालुओं का भय भक्ति और शांति में बदल जाता है। खंजरपुर का यह अनूठा पंडाल पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। दिन-रात यहां युवाओं और परिवारों की भारी भीड़ जुट रही है। लोग इस भूतिया पंडाल के वीडियो और तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर तेजी से साझा कर रहे हैं।
