विक्रमशिला सेतु बंद होने पर गंगा की लहरें बनेंगी सहारा, भागलपुर से नवगछिया के बीच 3 महीने चलेगा जलयान
भागलपुर जिला प्रशासन विक्रमशिला सेतु के तीन माह के बंद के दौरान भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा नदी में वैकल्पिक जलमार्ग की व्यवस्था कर रहा है।

HighLights
विक्रमशिला सेतु तीन माह के लिए बंद रहेगा।
भागलपुर-नवगछिया के बीच वैकल्पिक जलमार्ग की व्यवस्था।
बरारी-महादेवपुर घाटों पर यात्रियों को मिलेंगी सुविधाएं।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। त्रेता में केवट ने गंगा पार कराई थी, अब कलियुग में भागलपुर जिला प्रशासन उसी गंगा को भागलपुर और नवगछिया के बीच वैकल्पिक सफर की नई राह बनाने जा रहा है।
विक्रमशिला सेतु के एक अक्टूबर से संभावित तीन माह के बंद रहने के दौरान एक ओर बरारी का गंगा घाट तो दूसरी ओर नवगछिया का महादेवपुर घाट यात्रियों की आवाजाही के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
तीन महीने तक दोनों घाटों पर केवल जलयान का आवागमन ही नहीं होगा, बल्कि गंगा किनारे मेले जैसा माहौल भी दिखाई देगा।
जलयान से उतरते ही यात्रियों को खानपान से लेकर बैठने, वाहन ठहराने और अन्य जरूरी सुविधाएं व्यवस्थित रूप से मिलेंगी।
प्रशासन की कोशिश है कि सेतु बंद होने की मजबूरी को लोगों के लिए सुरक्षित, सुगम और कुछ हद तक यादगार जलयात्रा में बदला जा सके।
मानसून भी सितंबर तक विदा हो जाने की संभावना है। ऐसे में अक्टूबर से दिसंबर तक गंगा की लहरों के बीच यात्रा का अपना अलग आनंद होगा।
न बारिश में भींगने की चिंता, न बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के बीच वज्रपात का भय। मार्च-अप्रैल जैसी चिलचिलाती गर्मी भी नहीं होगी।
गंगा की शांत लहरें, दोनों किनारों पर सजती रोशनी और घाटों पर जुटती भीड़ तीन महीने के इस अस्थायी जलमार्ग को सामान्य आवागमन से अलग अनुभव देगी।
बरारी से महादेवपुर तक घाटों पर सजेगा अस्थायी बाजार
प्रशासन की तैयारी केवल जलयान चलाने तक सीमित नहीं है। बरारी और महादेवपुर घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक आधारभूत व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
जलयान से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने पर दोनों छोर पर चहल-पहल बढ़ेगी। इसे ध्यान में रखते हुए चढ़ने-उतरने के सुरक्षित स्थान, वाहनों के व्यवस्थित ठहराव और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी।
घाटों के आसपास खानपान की दुकानों और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी व्यवस्थित करने की तैयारी है।जिसमें जीविका दीदी का समूह अहम कड़ी बनेगा।
प्रमुख स्थानों पर निर्धारित दरों को प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि यात्रियों को खान पान से लेकर यात्रा का किराया तक की जानकारी आसानी हो सके। कंट्रोल रुम रहेगा जहां से सभी गति विधि और सुविधा का अपडेट एलाउसमेंट होता रहेगा।
एक तरफ जलयान के आने-जाने की हलचल, दूसरी तरफ घाट पर यात्रियों की चहल-पहल, खानपान की दुकानें और गंगा की लहरें—यात्रा का यह नया अनुभव भागलपुर-नवगछिया के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इधर से खुलेगा जलयान तो उधर से भी रहेगा तैयार
जिला प्रशासन ने जलमार्ग को सुचारू बनाने के लिए पटना मुख्यालय से दो जलयान उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही अन्य जलयान संचालकों से भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना यह है कि एक जलयान बरारी से रवाना हो तो दूसरी ओर महादेवपुर से भी जलयान उपलब्ध रहे।
छह सदस्यीय टीम के जिम्मे सुरक्षा से यातायात तक
विक्रमशिला सेतु बंद रहने की संभावित अवधि को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
अपर समाहर्ता, लोक शिकायत निवारण, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर एवं नवगछिया, पुलिस उपाधीक्षक, नगर-1 की संयुक्त कमिटी वैकल्पिक यातायात मार्गों, ट्रैफिक डायवर्जन, वन-वे व्यवस्था, बोर्डिंग, और डी-बोर्डिंग प्वाइंट , भीड़ नियंत्रण, किराया, जलयान की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा की समीक्षा करेगी। सदर और नवगछिया अनुमंडल प्रशासन अपने-अपने छोर पर व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
यानी विक्रमशिला सेतु तीन महीने के लिए बंद जरूर रहेगा, लेकिन भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही की डोर नहीं टूटेगी। सड़क के विकल्प के रूप में गंगा का जलमार्ग सामने होगा और दोनों किनारों के घाट इस दौरान संपर्क के नए केंद्र बनेंगे।
प्रशासन की कोशिश है कि लोगों को केवल दूसरी ओर पहुंचाया ही न जाए, बल्कि सुरक्षित सफर, उचित किराया, गुणवत्तापूर्ण खानपान और गंगा के मनोहारी दृश्य सब एक ही यात्रा में मिले।
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