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विक्रमशिला सेतु के जीर्णोद्धार के दौरान इन साधनों से करें गंगा पार! भागलपुर प्रशासन ने जलमार्ग को दिया ग्रीन सिग्नल

Published: Sun, 20 Sep 2026 05:59 AM (IST)

Vikramshila Setu Closure News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए 1 अक्टूबर से लगभग तीन महीने ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Closure News: 1 अक्टूबर से 3 महीने के लिए बंद होगा विक्रमशिला सेतु; भागलपुर-नवगछिया के बीच चलेंगे यात्री व मालवाहक जहाज, जलमार्ग बनेगा लाइफलाइन

Vikramshila Setu Closure News: 1 अक्टूबर से 3 महीने के लिए बंद होगा विक्रमशिला सेतु; भागलपुर-नवगछिया के बीच चलेंगे यात्री व मालवाहक जहाज, जलमार्ग बनेगा लाइफलाइन

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से तीन महीने के लिए बंद।

  2. क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्निर्माण का कार्य होगा।

  3. गंगा जलमार्ग यात्रियों और माल ढुलाई का मुख्य विकल्प।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Closure News:उत्तर और दक्षिण बिहार की जीवनरेखा कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्निर्माण को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। आगामी 1 अक्टूबर से सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन करीब तीन महीने के लिए पूरी तरह बंद किए जाने की योजना है।

इस अवधि में भागलपुर शहर और नवगछिया अनुमंडल के बीच आम जनता के आवागमन तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने गंगा जलमार्ग को मुख्य वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने की कवायद तेज कर दी है।

जिला पदाधिकारी के विशेष निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने इस दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। सेतु के बंद रहने की अवधि में यात्रियों के साथ-साथ आवश्यक खाद्य सामग्री और माल ढुलाई के लिए बड़े यात्री व मालवाहक जलयानों (स्टीमर/जहाजों) का परिचालन कराया जाएगा।

जलयान संचालकों से मांगे गए आवेदन, घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

जलमार्ग से सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नियमानुसार सक्षम जलयान संचालकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि 1 अक्टूबर से पूर्व जहाजों की उपलब्धता, उनके संचालन का समय, किराया निर्धारण, घाटों पर जेटी निर्माण तथा यात्रियों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली जाए।

  • विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए 1 अक्टूबर से करीब तीन महीने तक बंद रहेगा परिचालन

  • भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन सुचारू रखने के लिए जलमार्ग बना मुख्य विकल्प; यात्री व मालवाहक जहाजों के लिए मांगे गए आवेदन

  • अस्थायी बेली ब्रिज को हटाने के लिए निर्माण एजेंसी को दोबारा बुलाया गया; गंगा घाटों की सुरक्षा और व्यवस्था पर डीएम की सीधी नजर

  • जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने शुरू की कवायद; आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न और दैनिक यात्रियों की आवाजाही नहीं होगी बाधित

इसके लिए अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन शाखा और परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। डीएम की अध्यक्षता में हो रही इन बैठकों में गंगा के दोनों छोर (बरारी/भागलपुर और नवगछिया की ओर) पर एप्रोच रोड, रोशनी, पार्किंग और बैरिकेडिंग को लेकर बिंदुवार समीक्षा की जा रही है।

3 माह में पूरा होगा स्थायी पुनर्निर्माण, हटेगा बेली ब्रिज

उल्लेखनीय है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्पैन को स्थायी मजबूती देने के लिए निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला द्वारा आधुनिक स्टील ब्रिज और नए कंक्रीट स्लैब स्थापित किए जाने हैं। इस जटिल तकनीकी कार्य को पूरा करने में कम से कम तीन महीने का समय निर्धारित किया गया है। वर्तमान में जिस हिस्से पर अस्थायी बेली ब्रिज के सहारे हल्के वाहनों को निकाला जा रहा था, उसे भी हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए बेली ब्रिज निर्माता एजेंसी की तकनीकी टीम को भागलपुर बुला लिया गया है।

नियमित आवागमन का भरोसेमंद माध्यम बनेगा जलमार्ग

प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि महासेतु बंद होने के कारण नवगछिया, पूर्णिया, कटिहार और सीमांचल की ओर जाने वाले लाखों लोगों को किसी गंभीर संकट का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का ध्यान एक ऐसा सशक्त और सुरक्षित जल परिवहन नेटवर्क तैयार करने पर है, जिससे तीन माह की मरम्मत अवधि के दौरान गंगा जलमार्ग महज एक कामचलाऊ साधन न रहकर, दोनों ओर के निवासियों के लिए एक सुलभ, समयबद्ध और भरोसेमंद नियमित परिवहन माध्यम साबित हो सके।