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विक्रमशिला सेतु बंद होने से पहले गंगा में उतरेंगे जहाज व नाव, 1 अक्टूबर से फेरी सेवा, 72 से 600 यात्रियों की क्षमता

Published: Wed, 30 Sep 2026 06:18 AM (IST)

Vikramshila Setu Repair विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य के लिए 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी, ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Repair भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद होने पर गंगा में दौड़ेगा जहाज

Vikramshila Setu Repair भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद होने पर गंगा में दौड़ेगा जहाज

HighLights

  1. 1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू।

  2. यात्रियों की सुविधा हेतु गंगा नदी में 1 अक्टूबर से फेरी सेवा।

  3. जहाजों की क्षमता 72 से 600 यात्री, लाइफ जैकेट अनिवार्य।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Repair विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य को गति देने के लिए 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सेतु पर सड़क मार्ग से आवागमन बाधित होने के मद्देनजर आम यात्रियों की सुविधा के लिए गंगा नदी के जलमार्ग से प्रस्तावित फेरी सेवा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

जिला प्रशासन द्वारा गठित तकनीकी जांच टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें फेरी सेवा के लिए उपलब्ध कराए गए सभी जहाजों को सुरक्षा और परिचालन के निर्धारित मानकों के शत-प्रतिशत अनुकूल पाया गया है। 1 अक्टूबर से इस बहुप्रतीक्षित जल परिवहन सेवा को प्रारंभ करने की रूपरेखा तय कर ली गई है।

नोडल पदाधिकारी सह अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ) अमित कुमार ने बताया कि फेरी सेवा में लगाए जाने वाले जहाजों की वहन क्षमता अलग-अलग है। तकनीकी मानकों के अनुसार इनमें न्यूनतम 72 और अधिकतम 600 यात्री एक साथ सुरक्षित सफर कर सकेंगे।

उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि जिस जहाज की जितनी अधिकृत क्षमता निर्धारित है, उस पर उतने ही यात्रियों को बैठाया जाएगा; किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गंगा फेरी सेवा

  • शुरुआत की तिथि: 1 अक्टूबर 2026 से।

  • कारण: विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य हेतु बेली ब्रिज को हटाया जाना।

  • जहाजों की यात्री क्षमता: न्यूनतम 72 से लेकर अधिकतम 600 यात्री प्रति जहाज (क्षमता अनुरूप परिचालन)।

  • अनिवार्य सुरक्षा नियम: प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य; क्षमता से एक भी अधिक यात्री सवार नहीं होगा।

  • निरीक्षण स्थल: तिनटंगा करारी जहाज घाट (नवगछिया छोर)।

  • समीक्षा अधिकारी: नवगछिया एसपी, नोडल पदाधिकारी सह एडीटीओ अमित कुमार, थानाध्यक्ष रविशंकर सिंह।

नवगछिया एसपी ने तिनटंगा करारी जहाज घाट का लिया जायजा

उधर, नवगछिया और भागलपुर के बीच सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए नवगछिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने मंगलवार को तिनटंगा करारी स्थित जहाज घाट का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा के रास्ते यात्रियों के सुरक्षित आवागमन की सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की और मौके पर तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्टीमर और जहाजों के परिचालन के दौरान जल सुरक्षा मानकों की रत्ती भर भी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। नदी पार करने वाले प्रत्येक यात्री को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी को भी जहाज में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

घाटों पर बढ़ेगी भीड़, सुरक्षा व विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

विक्रमशिला सेतु पर पहियों की रफ्तार थमने के बाद तिनटंगा करारी सहित अन्य जहाज घाटों पर यात्रियों और दोपहिया वाहनों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे भांपते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग, टिकट काउंटर, कतार प्रबंधन और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय थानाध्यक्ष रविशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीमों को भी मुस्तैद रखा जाएगा।

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