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भागलपुर : विक्रमशिला सेतु बंद होने से पहले एक्शन में प्रशासन! बना रूट प्लान, नाव व क्रूज के किराये पर रहेगी पैनी नजर

Published: Mon, 21 Sep 2026 09:09 AM (IST)

Vikramshila Setu Closure Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु के मरम्मत के कारण संभावित बंदी को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन ने कमर ...और पढ़ें

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु मरम्मत के लिए संभावित बंदी की तैयारी।

  2. यातायात, एंबुलेंस हेतु छह सदस्यीय समिति गठित।

  3. नाव-क्रूज सुरक्षा, किराया नियंत्रण पर विशेष ध्यान।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Closure Bhagalpur: उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु के आगामी दिनों में मरम्मत व रखरखाव कार्यों के मद्देनजर बंद रहने की संभावित अवधि को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सेतु बंद रहने के दौरान आम लोगों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के आवागमन को निर्बाध रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर छह सदस्यीय उच्चस्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। यह समिति जमीनी स्तर पर वैकल्पिक मार्गों के चयन, यातायात डायवर्जन, नाव एवं क्रूज परिचालन तथा यात्रियों की सुरक्षा की समग्र मॉनिटरिंग करेगी।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण), अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम), नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम), पुलिस उपाधीक्षक नगर 1 तथा नवगछिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

वैकल्पिक मार्गों का स्थलीय निरीक्षण और वन वे व्यवस्था

प्रशासन की गठित छह सदस्यीय समिति सबसे पहले सेतु बंद रहने की स्थिति में वाहनों और आम नागरिकों की आवाजाही के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों की भौतिक समीक्षा करेगी। मार्ग की चौड़ाई और दबाव को देखते हुए आवश्यकतानुसार वन वे व्यवस्था, भारी वाहनों का रूट डायवर्जन और नो एंट्री के नियम तय किए जाएंगे।

समिति यह भी तय करेगी कि यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों छोरों (भागलपुर शहर और नवगछिया क्षेत्र) पर ऑटो, ई रिक्शा और अन्य सवारी वाहनों के चढ़ने और उतरने के लिए उपयुक्त ड्रॉपिंग व पिक अप प्वाइंट कहां बनाए जाएं। इन चिन्हित स्थलों पर पर्याप्त खुली जगह, व्यवस्थित वाहन पड़ाव और भीड़ नियंत्रण के विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि जाम की स्थिति न बने।

मनमाना किराया वसूली पर सख्त रोक, रेट चार्ट लगाना अनिवार्य

पुल बंद होने की स्थिति में गंगा नदी पार करने के लिए यात्रियों की निर्भरता नाव और क्रूज सेवाओं पर बढ़ जाती है। इसका अनुचित लाभ उठाकर नाविकों या संवेदकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की आशंका बनी रहती है।

  • विक्रमशिला सेतु के आगामी दिनों में बंद रहने की संभावित अवधि को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन ने कसी कमर

  • वैकल्पिक यातायात और यात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए छह सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन

  • अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) बने अध्यक्ष; दोनों अनुमंडलों के एसडीएम, एसडीपीओ और एडीएम होंगे सदस्य

  • यातायात डायवर्जन और पिक अप ड्रॉप प्वाइंट होंगे तय; नाव व क्रूज के किराये की सार्वजनिक सूची और सुरक्षा जांच अनिवार्य

इसे देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के तहत नाव व क्रूज से सफर करने वाले यात्रियों के लिए निर्धारित किराया दर को घाटों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बड़े बोर्डों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने की शिकायत पर संबंधित दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

सुरक्षा मानकों की पूरी जांच के बाद ही शुरू होगा नौका संचालन

प्रशासन ने गंगा में नाव और क्रूज के सुरक्षित परिचालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। चयनित संचालन एजेंसियों की ओर से घाटों पर उपलब्ध कराए जाने वाले आधारभूत ढांचे (जैसे जेटी, अप्रोच रोड, रोशनी और बैरिकेडिंग) की तकनीकी जांच की जाएगी।

साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक नाव और क्रूज पर लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, अग्निशामक यंत्र और प्रशिक्षित गोताखोरों की मौजूदगी सुनिश्चित हो। क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। सभी सुरक्षा मानकों के सत्यापन के बाद ही परिचालन की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है और इसकी प्रति नगर निगम आयुक्त, उप विकास आयुक्त व संबंधित थानों को अनुपालन के लिए भेज दी गई है।

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"विक्रमशिला सेतु बंद रहने की अवधि में जिलेवासियों और यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो, यही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गठित छह सदस्यीय समिति वैकल्पिक यातायात, सुरक्षा प्रबंध और तय किराये पर पैनी नजर रखेगी। किसी भी स्तर पर ओवरचार्जिंग या सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

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— भागलपुर जिला प्रशासन