भागलपुर में 64 लाख से बनेंगे भव्य कर्ण द्वार और ढेबर गेट; टेंडर प्रक्रिया तेज, नए साल में मिलेगा तोहफा
Bhagalpur Nagar Nigam Entry Gates: भागलपुर में शहर की ऐतिहासिक पहचान को निखारने के लिए 64 लाख रुपये की लागत ...और पढ़ें

Bhagalpur Nagar Nigam Entry Gates: भागलपुर के चंपा पुल मार्ग और लाजपत पार्क का दृश्य। प्रतीकत्मक तस्वीर
HighLights
भागलपुर में 64 लाख से बनेंगे दो भव्य प्रवेश द्वार।
'कर्ण द्वार' और 'ढेबर गेट' से बढ़ेगी शहर की पहचान।
निविदा प्रक्रिया तेज, नए साल तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Nagar Nigam Entry Gates: सिल्क सिटी भागलपुर की ऐतिहासिक पहचान को निखारने और शहर के प्रमुख मार्गों को आकर्षक व भव्य रूप देने के लिए दो नए प्रवेश द्वारों के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। भागलपुर नगर निगम की योजना के तहत अंग महाजनपद की ऐतिहासिकता को दर्शाते हुए चंपा नदी के तट पर करीब 34 लाख रुपये की लागत से भव्य 'कर्ण द्वार' तैयार किया जाएगा।
वहीं, शहर के व्यस्त लाजपत पार्क के समीप लगभग 30 लाख रुपये की लागत से 'ढेबर गेट' का निर्माण कराया जाएगा। दोनों महत्वपूर्ण प्रवेश द्वारों के लिए नगर निगम ने निविदा प्रक्रिया तेज कर दी है।
ढेबर गेट के लिए संवेदक चयनित, जल्द जारी होगा वर्क ऑर्डर
लाजपत पार्क के समीप बनने वाले ढेबर गेट के निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस गेट के निर्माण के लिए कुल चार संवेदकों ने टेंडर डाला था। स्क्रूटनी के दौरान दो संवेदक तकनीकी बिड (Technical Bid) में सफल पाए गए।
इसके बाद खोली गई वित्तीय बिड (Financial Bid) के आधार पर न्यूनतम दर प्रस्तुत करने वाले संवेदक अंकुर को निर्माण कार्य आवंटित कर दिया गया है। नगर निगम की ओर से अब कागजी औपचारिकताएं और एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके तुरंत बाद वर्क ऑर्डर जारी कर मौके पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
कर्ण द्वार की तकनीकी जांच जारी, नवंबर के पहले हफ्ते में खुलेगी बिड
चंपा नदी के किनारे चंपा पुल मार्ग में प्रस्तावित 'कर्ण द्वार' शहर का मुख्य आकर्षण केंद्र बनेगा। लगभग 34 लाख रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस द्वार के लिए जारी निविदा की तकनीकी बिड खोली जा चुकी है। इसमें तीन एजेंसियों ने अपनी दावेदारी पेश की है।
फिलहाल नगर निगम की तकनीकी शाखा द्वारा संवेदकों के अनुभव और जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, स्क्रूटनी पूरी होते ही नवंबर के पहले सप्ताह में वित्तीय बिड खोलकर सफल एजेंसी का अंतिम चयन कर लिया जाएगा और कार्यादेश दे दिया जाएगा।
नए साल में बदलेगी शहर की सूरत, बढ़ेगी ऐतिहासिक पहचान
इन दोनों प्रवेश द्वारों के निर्माण से न केवल शहर की आंतरिक सुंदरता में इजाफा होगा, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों को भी शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का अहसास होगा। चंपा पुल मार्ग अंग संस्कृति का मुख्य केंद्र रहा है, जहां कर्ण द्वार का निर्माण पौराणिक महत्व को दर्शाएगा। नगर निगम प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि टेंडर और आवंटन की सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि नए साल में शहरवासियों को दोनों प्रवेश द्वारों की सौगात मिल सके।
