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त्योहार पर मिलावट से बचें! 2 बूंद आयोडीन से खुल जाएगी नकली पनीर की पोल; पूर्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताए टिप्स

Published: Tue, 27 Oct 2026 08:58 AM (IST)

Diwali Adulteration Alert : दीपावली और धनतेरस पर मिठाइयों व पनीर में मिलावट से बचने के लिए पूर्व खाद्य सुरक्षा ...और पढ़ें

Diwali Adulteration Alert : दीपावली पर मिठाई और पनीर खरीदते समय बरतें सावधानी।

Diwali Adulteration Alert : दीपावली पर मिठाई और पनीर खरीदते समय बरतें सावधानी।

HighLights

  1. आयोडीन से नकली पनीर में स्टार्च की पहचान करें।

  2. मिठाइयों पर एल्युमिनियम वर्क स्वास्थ्य के लिए हानिकारक।

  3. कृत्रिम रंगों और बिना एक्सपायरी डेट वाले उत्पाद से बचें।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Diwali Adulteration Alert : दीपावली और धनतेरस के पावन त्योहार पर घरों में मिठाइयों और पनीर की मांग कई गुना बढ़ जाती है। मांग में इस अप्रत्याशित उछाल का अनुचित लाभ उठाने के लिए मुनाफाखोर मिलावट का सहारा लेते हैं, जिससे त्योहार की खुशियों के बीच स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगता है।

त्योहार की खरीदारी करते समय आम उपभोक्ता थोड़ी सी जागरूकता और वैज्ञानिक सावधानी बरतकर मिलावटी खाद्य पदार्थों के जहर से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

दैनिक जागरण के साप्ताहिक 'सोमवारी विमर्श' कार्यक्रम में सेवानिवृत्त खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अर्जुन प्रसाद ने मिलावटी मिठाई, नकली मावा और अमानक पनीर की सटीक पहचान करने के आसान घरेलू और व्यावहारिक तरीके साझा किए।

आयोडीन की 2 बूंदें खोलेंगी मिलावटी पनीर की पोल

अर्जुन प्रसाद ने बताया कि बाजार में मिलने वाले पनीर में वजन और गाढ़ापन बढ़ाने के लिए मैदा, स्टार्च या अरारोट का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। इसकी शुद्धता परखने के लिए पनीर के छोटे टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन की दो से चार बूंदें डालकर देखें। यदि पनीर का रंग बदलकर काला या गहरा नीला हो जाता है, तो यह स्पष्ट प्रमाण है कि उसमें स्टार्च मिलाया गया है।

मिलावट से बचाव: 4 आसान घरेलू जांच

  1. पनीर में स्टार्च टेस्ट: पनीर के टुकड़े पर 2 से 4 बूंद आयोडीन सॉल्यूशन डालें; यदि पनीर का रंग नीला या काला पड़ जाए, तो उसमें मैदा या अरारोट मिलाया गया है।

  2. चांदी के वर्क की जांच: वर्क को उंगलियों के बीच हल्के से रगड़ें; असली चांदी का वर्क बिखरकर गायब हो जाता है, जबकि एल्युमिनियम चिपचिपा और स्लेटी हो जाता है।

  3. हानिकारक रंगों की पहचान: अत्यधिक भड़कीले, गाढ़े या असामान्य रूप से चमकीले रंगों वाली मिठाइयों से परहेज करें, क्योंकि इनमें केमिकल डाई हो सकती है।

  4. पैकेजिंग डिटेल्स: पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी, बैच नंबर और ग्रीन/रेड लोगो देखकर ही उत्पाद खरीदें।

इसके अतिरिक्त, कई विक्रेता दूध से मलाई (फैट) पूरी तरह निकालकर बचे हुए सेपरेटा दूध से पनीर तैयार करते हैं। ऐसे पनीर में फैट की मात्रा नगण्य हो जाती है, जिससे उसकी पौष्टिकता खत्म हो जाती है और स्वाद रबड़ जैसा महसूस होता है।

चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम का खतरा

मिठाइयों की सुंदरता बढ़ाने के लिए उन पर लगाए जाने वाले वर्क को लेकर विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी दी है। कई अवांछित कारोबारी असली चांदी के वर्क के स्थान पर सस्ते और जहरीले एल्युमिनियम के वर्क का उपयोग करते हैं, जो पेट और आंतों के लिए बेहद घातक है।

इसकी प्रारंभिक जांच के लिए वर्क को उंगलियों के पोरों से रगड़कर देखा जा सकता है; असली चांदी का वर्क तुरंत पिघलकर गायब जैसा हो जाता है, जबकि एल्युमिनियम चिपक जाता है। हालांकि, पूरी तरह पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच ही सबसे पुख्ता माध्यम है, इसलिए संशय होने पर तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें।

कृत्रिम भड़कीले रंगों से परहेज, पैकेट पर एक्सपायरी जरूर जांचें

स्थानीय स्तर पर बनने वाली मिठाइयों में अक्सर मानक से अधिक और गैर-अनुमत (Non-Permitted) औद्योगिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। खाद्य पदार्थों में केवल सरकारी मानकों के अनुसार सुरक्षित फूड ग्रेड रंगों का ही एक निश्चित सीमा तक उपयोग मान्य है। अत्यधिक चमकीली, बहुत गाढ़ी हरी, पीली या लाल दिखने वाली मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए।

इसके अलावा, बंद पैकेट में मिलने वाले डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद जैसे केक, बेकरी आइटम्स, सोनपापड़ी और पैक्ड पनीर खरीदते समय पैकिंग की तारीख, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशन वैल्यू की जांच अवश्य करें। पैकेट पर बने हरे निशान (शाकाहारी) और भूरे/लाल निशान (मांसाहारी) को देखकर ही खरीदारी करें और त्योहारों में विश्वसनीय व प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों को ही प्राथमिकता दें।