विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भागलपुर नगर निगम को मिली नई आउटसोर्सिंग एजेंसी; लायंस सिक्योरिटी संभालेगी कमान, 900 से बढ़कर 1658 होंगे सफाईकर्मी

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:38 PM (IST)

Bhagalpur Municipal Corporation Safai Agency: भागलपुर नगर निगम ने अपनी सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए लायंस सिक्योरिटी गार्ड ...और पढ़ें

Bhagalpur Municipal Corporation Safai Agency: भागलपुर की सफाई में बड़ा बदलाव

Bhagalpur Municipal Corporation Safai Agency: भागलपुर की सफाई में बड़ा बदलाव

HighLights

  1. लायंस सिक्योरिटी को मिला भागलपुर सफाई का ठेका।

  2. सफाईकर्मियों की संख्या 900 से बढ़कर 1658 होगी।

  3. 175 ई-रिक्शा और 4 कंपेक्टर होंगे शामिल।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Municipal Corporation Safai Agency: भागलपुर महानगर की वर्षों पुरानी सफाई व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक और चाक-चौबंद बनाने की दिशा में नगर निगम को बड़ी सफलता मिली है। पिछले करीब छह महीने से चल रही जटिल निविदा (टेंडर) प्रक्रिया का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की लायंस सिक्योरिटी गार्ड प्राइवेट लिमिटेड ने बाजी मार ली। महाराष्ट्र की दिग्गज कोणार्क कंपनी को पछाड़ते हुए लायंस ने अगले चार वर्षों के लिए भागलपुर शहर की सफाई का जिम्मा हासिल किया है।

दोनों कंपनियों की तकनीकी बीड (Technical Bid) में सफल रहने के बाद गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में वित्तीय बीड खोली गई, जिसमें लायंस के सबसे कम और उपयुक्त प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब कंपनी को चयन पत्र (एलओआई) जारी करने, बैंक गारंटी जमा कराने और एकरारनामा (एमओयू) की औपचारिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

वित्तीय बीड खोलने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपनगर आयुक्त राजेश पासवान, उपनगर आयुक्त आमिर सोहेल, सिटी मैनेजर विनय प्रसाद यादव, स्वच्छता पदाधिकारी शशि भूषण सिंह और सहायक अभियंता सहित सभी तकनीकी व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

सफाई बजट में मासिक सवा करोड़ रुपये की वृद्धि

नई और वृहद व्यवस्था के लागू होने से नगर निगम के वित्तीय भार में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में निगम आउटसोर्सिंग के जरिए सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।

भागलपुर नगर निगम: नई सफाई आउटसोर्सिंग का पूरा ब्योरा

  • चयनित एजेंसी: लायंस सिक्योरिटी गार्ड प्राइवेट लिमिटेड, उत्तर प्रदेश (कार्यकाल: 4 वर्ष)

  • प्रतिद्वंद्वी कंपनी: कोणार्क कंपनी, महाराष्ट्र (तकनीकी बीड के बाद वित्तीय बीड में पिछड़ी)

  • सफाई बजट में बदलाव:

    • पूर्व का खर्च: लगभग ₹3.50 करोड़ प्रतिमाह

    • नया खर्च: लगभग ₹4.62 करोड़ प्रतिमाह (प्रतिमाह ₹1.12 करोड़ की वृद्धि)

  • सफाईकर्मियों का विस्तार: संख्या 900 से बढ़कर 1658 होगी (विशेष ड्रेस कोड अनिवार्य)

  • वाहन और संसाधनों की खरीद:

    • 175 नए ई-रिक्शा (कचरा उठाव हेतु)

    • 62 होपो टिपर वाहन

    • 4 बड़े कंपेक्टर वाहन

  • खरीद की समय सीमा: नवंबर 2026 के अंत तक (सारे वाहनों का संचालन व ईंधन खर्च एजेंसी का होगा)

लेकिन, नए मॉडल नियमों और बढ़े हुए संसाधनों के अनुबंध के बाद यह खर्च बढ़कर प्रतिमाह लगभग 4.62 करोड़ रुपये हो जाएगा। यानी शहर को चकाचक रखने के लिए नगर निगम हर महीने करीब 1.12 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगा। अधिकारियों का मानना है कि शहर के विस्तार और घनी आबादी को देखते हुए यह अतिरिक्त खर्च बेहद जरूरी था।

900 से बढ़कर 1658 होगी सफाईकर्मियों की फौज, वार्डों को मिलेगी राहत

नई आउटसोर्सिंग प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ वार्डों में जमीनी स्तर पर दिखेगा। वर्तमान में शहर के सभी 51 वार्डों की सफाई के लिए महज 900 सफाईकर्मी व अन्य स्टाफ उपलब्ध हैं, जो पर्याप्त नहीं पड़ते थे।

नई एजेंसी के अनुबंध की शर्तों के तहत अब मानव बल की संख्या सीधे बढ़ाकर 1658 की जाएगी। इससे प्रत्येक वार्ड में गलियों, नालियों और मुख्य मार्गों की सफाई के लिए दो गुने से अधिक कर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, सभी कर्मियों के लिए लायंस एजेंसी को अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस कोड, पीपीई किट (दस्ताने, मास्क) और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने होंगे।

175 नए ई-रिक्शा और 4 कंपेक्टर खरीदेगी एजेंसी, नवंबर अंत तक समय

तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए एजेंसी को बड़े पैमाने पर नए वाहन और उपकरण खरीदने होंगे। अनुबंध के अनुसार, लायंस सिक्योरिटी को शहर के तंग रास्तों और गलियों से डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए 175 नए ई-रिक्शा और 62 नए होपो टिपर वाहन खरीदने होंगे। इसके अतिरिक्त, कचरे को डंपिंग यार्ड तक संपीड़ित (कंप्रेस) कर ले जाने के लिए 4 बड़े कंपेक्टर वाहनों की भी खरीद करनी होगी।

इन सभी नए वाहनों की खरीद, संचालन, मरम्मत, सर्विसिंग और ईंधन (डीजल/बिजली) का पूरा खर्च खुद आउटसोर्सिंग एजेंसी लायंस ही वहन करेगी। नगर निगम ने एजेंसी को दो टूक कह दिया है कि नवंबर के अंत तक सभी निर्धारित वाहनों की खरीद पूरी कर उसकी रिपोर्ट सौंपे, जिसके बाद दिसंबर की शुरुआत से नए संसाधनों के साथ सफाई व्यवस्था का श्रीगणेश किया जा सके।

यह भी पढ़ें- अब मैदान में ही बदल जाएगी क्रिकेट पिच, ब‍िहार के राकेश प्रियदर्शी की तकनीक ने खींचा ध्यान, मिला अंतरराष्ट्रीय पेटेंट