भागलपुर में 125 करोड़ के ROB निर्माण में अड़ंगा! जगह की कमी से अटके पिलर, घरों से सट रहे हैमरहेड; लेट हो सकता है प्रोजेक्ट
Bhagalpur Bounsi ROB Construction Encroachment: भागलपुर में 125 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण जमीन की कमी और ...और पढ़ें

Bhagalpur Bounsi ROB Construction Encroachment: भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर बन रहे आरओबी निर्माण में अड़ंगा
HighLights
125 करोड़ के आरओबी निर्माण में जमीन की कमी।
अतिक्रमण और भू-अर्जन से परियोजना में देरी।
कई पिलर घरों से सट रहे, कार्यक्षेत्र की कमी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Bounsi ROB Construction Encroachment: भागलपुर-गोराडीह मुख्य मार्ग पर शीतला स्थान चौक के समीप बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का कार्य जमीन और जगह की भारी कमी के चलते उलझ गया है। सड़क किनारे अतिक्रमण और भू-अर्जन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्माण एजेंसी को पिलरों के ऊपर हैमरहेड (शीर्ष ढांचा) बनाने के लिए पर्याप्त कार्यक्षेत्र नहीं मिल पा रहा है। इस भौगोलिक बाधा के कारण 125.86 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
21 में से अब तक 10 पिलर खड़े
परियोजना के स्वीकृत डिजाइन के अनुसार पूरे आरओबी में कुल 21 पिलर बनाए जाने हैं। वर्तमान में 10 पिलर खड़े किए जा चुके हैं, जबकि 11वें पिलर का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से केवल पिलर संख्या तीन का हैमरहेड ढाला जा चुका है और पिलर संख्या छह के हैमरहेड का निर्माण जारी है।
कई जगह मकानों से सटेंगे पिलर
कार्य एजेंसी के अभियंताओं के अनुसार, पिलर संख्या चार, पांच, आठ और नौ के निर्माण में सबसे गंभीर संकट खड़ा होने वाला है। इन स्थानों पर सड़क अत्यंत संकरी है और किनारे स्थित रिहायशी मकान बिल्कुल पास हैं। यदि इन पिलरों का हैमरहेड तैयार किया जाता है, तो वह सीधे स्थानीय मकानों से सटेगा। इसके अलावा निर्माण सामग्री और शटरिंग लगाने के दौरान मार्ग पर भारी जाम की स्थिति बनेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप होने का खतरा है।
धंसे पिलरों की नई ड्राइंग तैयार, छठ बाद तेजी की उम्मीद
उल्लेखनीय है कि करीब साढ़े तीन माह पूर्व मिट्टी धंसने के कारण पिलर संख्या 13 और 20 की 10 से 12 मीटर पाइलिंग जमीन में धंस गई थी। इस तकनीकी खामी के बाद रेलवे व निर्माण विशेषज्ञों की जांच कराई गई और अब दोनों पिलरों की नई संशोधित ड्राइंग तैयार कराई गई है। निर्माण से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि छठ पूजा के उपरांत इन पिलरों के काम में तेजी लाई जाएगी।
रेलवे से मिली मंजूरी, लेकिन समय पर पूरा होना चुनौती
इस आरओबी परियोजना की आधारशिला 17 जून 2025 को रखी गई थी और इसे पूरा करने की अंतिम समय-सीमा 16 दिसंबर 2027 निर्धारित की गई है। प्रशासनिक स्तर पर परियोजना के बियरिंग फोर्स कैलकुलेशन और जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (GAD) को ईस्टर्न रेलवे से औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही बिजली के तारों और खंभों (इलेक्ट्रिसिटी यूटिलिटी) को शिफ्ट करने का काम भी चल रहा है।
इसके बावजूद अब तक फाउंडेशन (नींव) का कार्य ही पूरी तरह संपन्न नहीं हो सका है। सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर का बड़ा हिस्सा अभी बाकी है। यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द अतिक्रमण हटाकर भू-अर्जन का पेच नहीं सुलझाया गया, तो तय मियाद में आरओबी का काम पूरा होना मुश्किल हो जाएगा।
