भागलपुर में 4 प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण में वनभूमि बनेगी बाधा, 19.945 हेक्टेयर जमीन की दरकार
भागलपुर जिले में चार महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के चौड़ीकरण के लिए वनभूमि के बदले गैर-वनभूमि की आवश्यकता है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
भागलपुर में चार सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं प्रस्तावित।
परियोजनाओं हेतु 19.945 हेक्टेयर गैर वनभूमि की आवश्यकता।
वनभूमि के बदले समान गैर वनभूमि उपलब्ध कराने की पहल।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने के लिए वनभूमि के बदले समान क्षेत्रफल की गैर वनभूमि उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
सड़क निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं के निर्धारित मार्ग में वन क्षेत्र की भूमि आने के कारण भूमि के वैकल्पिक प्रबंध की आवश्यकता है।
इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए कुल 19.945 हेक्टेयर गैर वनभूमि की जरूरत बताई गई है।
जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सड़क निर्माण विभाग के अधीन विभिन्न पथों के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य कराया जाना है।
इन सड़कों के निर्धारित संरेखण में वनभूमि पड़ने के कारण निर्माण कार्य के लिए उसका उपयोग आवश्यक हो रहा है। वनभूमि के उपयोग के बदले नियमानुसार समतुल्य गैर वनभूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इसके लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है, ताकि परियोजनाओं का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
इन चार सड़कों के लिए चाहिए जमीन
प्रस्ताव के अनुसार, भागलपुर-अमरपुर वाया कजरैली पथ (एसएच-25) के शून्य से 16 किलोमीटर खंड के लिए 9.60 हेक्टेयर गैर वनभूमि की आवश्यकता है। यह चारों परियोजनाओं में सबसे अधिक भूमि की मांग वाला पथ है।
वहीं, मुंगेर पथ प्रमंडल के अंतर्गत सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चांदन-दर्दमारा (बिहार सीमा) पथ (एसएच-22) के शून्य से 40 किलोमीटर खंड के लिए 5.590 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई है।
इसके अलावा भागलपुर-अगरपुर-कोतवाली पथ के शून्य से 17.750 किलोमीटर खंड के लिए 1.434 हेक्टेयर गैर वनभूमि की आवश्यकता होगी।
एशियाई विकास बैंक से संबंधित सहायता प्राप्त धोरैया-इंग्लिशिया मोड़-असरगंज पथ के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण के लिए 3.321 हेक्टेयर भूमि की मांग की गई है।
निर्माण कार्य शुरू कराने पर जोर
चारों परियोजनाओं के लिए गैर वनभूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना निर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि प्रस्तावित सड़कों के संरेखण में आने वाली वनभूमि के बदले समतुल्य गैर वनभूमि उपलब्ध कराने के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जाए।
इससे संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त करने और निर्माण कार्य को गति देने में मदद मिल सकेगी। हालांकि, पत्र में भूमि उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई है। जमीन का अंतिम चयन और परियोजनाओं के लिए जरूरी स्वीकृतियों की स्थिति तत्काल स्पष्ट नहीं की गई है।
