'मेडल लाओ नौकरी पाओ' से चमके प्रतीक, कुणाल बने रेफरी! राजगीर में इंडिया-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज में करेंगे अंपायरिंग
Rugby Referees Kunal And Prateek: भागलपुर के कुणाल कर्ण और प्रतीक राज को राजगीर में होने वाली इंडिया-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी ...और पढ़ें

Rugby Referees Kunal And Prateek: इंडिया-न्यूजीलैंड U-20 रग्बी सीरीज में रेफरी चुने गए भागलपुर के कुणाल कर्ण और प्रतीक राज
HighLights
कुणाल कर्ण और प्रतीक राज अंतरराष्ट्रीय रग्बी निर्णायक बने।
राजगीर में इंडिया-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी सीरीज में अंपायरिंग करेंगे।
प्रतीक को 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' योजना से मिली नौकरी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Rugby Referees Kunal And Prateek: क्या आप जानते हैं भागलपुर के रहने वाले कुणाल कर्ण और प्रतीक राज को? खेल के मैदान में अनुशासन और सही फैसले की अपनी असाधारण क्षमता के दम पर इन दोनों युवाओं ने सीधे अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान दर्ज कराई है।
नालंदा स्थित राजगीर खेल अकादमी में 24 से 27 अक्टूबर तक भारत सरकार और बिहार सरकार के तत्वावधान में आयोजित होने जा रही ऐतिहासिक 'इंडिया-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी सेवन सीरीज' में भागलपुर के ये दोनों लाल आधिकारिक निर्णायक (रेफरी) की भूमिका में नजर आएंगे। रग्बी इंडिया द्वारा किए गए इस चयन से भागलपुर के खेल जगत में उत्सव जैसा माहौल है।
पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर संभालेंगे अंपायरिंग की कमान
राजगीर के आधुनिक खेल परिसर में आयोजित इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत और न्यूजीलैंड के चुनिंदा अंडर-20 खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ दमखम दिखाते नजर आएंगे। मैदान पर तकनीकी नियमों का पालन कराने और निष्पक्ष फैसले देने के लिए रग्बी इंडिया ने भागलपुर रग्बी संघ से जुड़े दो अनुभवी तकनीकी अधिकारियों को चुना है।
कुणाल कर्ण इससे पहले कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निर्णायक की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। वहीं, यह पहला मौका होगा जब कुणाल और प्रतीक दोनों एक साथ किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अंपायरिंग का दायित्व संभालेंगे।
कुणाल कर्ण और प्रतीक राज: प्रोफाइल
कुणाल कर्ण: पिता- अभिमन्यु प्रसाद सिंह, निवासी- दयालपुर (कहलगांव, भागलपुर)। पूर्व में राष्ट्रीय स्तर पर रेफरी रहे हैं और वर्तमान में बिहार व भागलपुर रग्बी टीम के मुख्य प्रशिक्षक हैं।
प्रतीक राज: पिता- पप्पू राय, निवासी- भीखनपुर (भागलपुर)। राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं और बिहार सरकार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत भागलपुर समाहरणालय की जिला स्थापना शाखा में पदस्थापित हैं।
प्रतियोगिता: इंडिया बनाम न्यूजीलैंड U-20 रग्बी 7s सीरीज (24 से 27 अक्टूबर 2026)।
आयोजन स्थल: राजगीर खेल अकादमी, नालंदा (बिहार)।
विशेषता: दोनों का पहला अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग असाइनमेंट।
रग्बी के समर्पित कोच
कहलगांव के दयालपुर निवासी अभिमन्यु प्रसाद सिंह के पुत्र कुणाल कर्ण जिले में रग्बी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटे हैं। वे रेफरी होने के साथ-साथ बिहार और भागलपुर रग्बी टीम के खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण भी देते हैं।
'मेडल लाओ नौकरी पाओ' से बने सरकारी कर्मी
वहीं, भागलपुर के भीखनपुर निवासी पप्पू राय के पुत्र प्रतीक राज खुद एक प्रतिभावान रग्बी खिलाड़ी रहे हैं। खेल में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें बिहार सरकार की बहुचर्चित 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत सीधी सरकारी नौकरी मिली थी। वर्तमान में वे भागलपुर समाहरणालय की जिला स्थापना शाखा में निष्ठापूर्वक अपनी प्रशासनिक सेवाएं दे रहे हैं।
खेल प्रेमियों और संघ ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई
दोनों युवा निर्णायकों के इस अंतरराष्ट्रीय चयन पर बिहार रग्बी संघ के सचिव पंकज कुमार ज्योति और भागलपुर रग्बी संघ के सचिव राज गौरव ने खुशी जताते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया। इसके साथ ही समाजसेवी विजय कुमार यादव, कहलगांव नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव कुमार, शारीरिक शिक्षक जितेंद्र मणि राकेश, तेजस फिजिकल एकेडमी के संस्थापक कृष्णा कुमार और जिले के युवा खिलाड़ियों ने दोनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
