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IIT छोड़ चुके गोपेश उड़ाएंगे रॉकेट! IIIT भागलपुर के छात्र इसरो में वैज्ञानिक पद पर चयन, 9 बार पास की है GATE परीक्षा

Published: Fri, 23 Oct 2026 06:54 PM (IST)

IIIT Bhagalpur Alumnus Gopesh Krishna Yadav ISRO Scientist: ट्रिपल आइटी भागलपुर के पूर्व छात्र गोपेश कृष्ण यादव इसरो में साइंटिस्ट/इंजीनियर ...और पढ़ें

IIIT Bhagalpur Alumnus Gopesh Krishna Yadav ISRO Scientist: गोपेश कृष्ण यादव

IIIT Bhagalpur Alumnus Gopesh Krishna Yadav ISRO Scientist: गोपेश कृष्ण यादव 

HighLights

  1. ट्रिपल आइटी भागलपुर के छात्र गोपेश यादव इसरो में चयनित।

  2. गोपेश ने मैकेनिकल साइंटिस्ट/इंजीनियर पद पर हासिल की रैंक।

  3. चार तकनीकी विषयों में नौ बार GATE परीक्षा उत्तीर्ण की।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। IIIT Bhagalpur Alumnus Gopesh Krishna Yadav ISRO Scientist: यदि लक्ष्य तय हो और मेहनत की राह पर लगातार आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प, तो कोई भी मुकाम असंभव नहीं रह जाता। इस बात को पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया है भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आइटी), भागलपुर के पूर्ववर्ती छात्र गोपेश कृष्ण यादव ने।

गोपेश ने देश की सर्वोच्च अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की साइंटिस्ट/इंजीनियर (मैकेनिकल) भर्ती परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 90वीं रैंक (AIR 90) हासिल कर संस्थान और पूरे बिहार का मान बढ़ाया है। उनकी इस शानदार कामयाबी की खबर मिलते ही ट्रिपल आइटी परिसर में जश्न का माहौल छा गया।

4 तकनीकी विषयों में 9 बार GATE पास कर रचा इतिहास

गोपेश कृष्ण यादव ट्रिपल आइटी भागलपुर के मेकाट्रोनिक्स इंजीनियरिंग शाखा के वर्ष 2018-22 बैच के मेधावी छात्र रहे हैं। तकनीकी विषयों पर उनकी असाधारण पकड़ और बहुआयामी प्रतिभा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा को चार अलग-अलग संकायों में कुल नौ बार उत्तीर्ण किया है।

उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग साइंसेज जैसे जटिल विषयों में बार-बार अपनी योग्यता सिद्ध की। अपनी इस विशिष्ट शैक्षणिक प्रतिभा के बल पर उन्हें पूर्व में आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भी उच्च अध्ययन के लिए प्रवेश का अवसर प्राप्त हुआ था।

महारत्न कंपनी BHEL में दे चुके हैं सेवाएं, अब अंतरिक्ष में भरेंगे उड़ान

इसरो जैसी शीर्ष वैज्ञानिक संस्था में चयन से पहले गोपेश ने कॉरपोरेट और पब्लिक सेक्टर में भी अपनी कार्यकुशलता साबित की है। वे देश के प्रमुख महारत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में एक वर्ष तक बतौर इंजीनियर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। हालांकि, उनका अंतिम सपना देश के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अभियानों से सीधे जुड़कर अनुसंधान कार्य करने का था, जिसे उन्होंने अपनी लगन के दम पर सच कर दिखाया।

संस्थान के विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणास्रोत

गोपेश की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर ट्रिपल आइटी भागलपुर के निदेशक, संकाय सदस्यों और अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। संस्थान प्रबंधन ने कहा कि गोपेश की सफलता उनकी सतत मेहनत, कठिन परिश्रम और तकनीकी विषयों के गहरे ज्ञान का प्रतिफल है।

इसरो से जुड़कर अब वे देश के भावी अंतरिक्ष अभियानों और उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपना महत्वपूर्ण तकनीकी योगदान देंगे। उनकी यह यात्रा संस्थान के वर्तमान छात्र-छात्राओं को शोध, कोर इंजीनियरिंग और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगी।

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