भागलपुर बनेगा महानगर, 384 गांवों के शामिल होने से सेटेलाइट टाउन का रास्ता साफ, 359 वर्ग किमी में फैलेगा शहर
बिहार सरकार ने भागलपुर आयोजना क्षेत्र का 218.28 से 359 वर्ग किलोमीटर तक विस्तार किया है, जिसमें 384 गांव और ...और पढ़ें

Bhagalpur Planning Area: भागलपुर में जुड़ेंगे 140 वर्ग किमी के नए क्षेत्र, अगले 20 साल का मास्टर प्लान तैयार
HighLights
भागलपुर आयोजना क्षेत्र का 359 वर्ग किलोमीटर तक विस्तार हुआ।
384 गांव और तीन शहरी निकाय अब इसमें शामिल।
अगले 20 वर्षों के सुनियोजित विकास की आधारशिला रखी गई।
भागलपुर, जागरण संवाददाता। भागलपुर शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाली एक बड़ी प्रशासनिक पहल के तहत बिहार सरकार ने भागलपुर आयोजना क्षेत्र का व्यापक विस्तार कर दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार, अब भागलपुर का आयोजना क्षेत्र 218.28 वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 359 वर्ग किलोमीटर हो गया है। यानी इसमें कुल 140.72 वर्ग किलोमीटर का नया क्षेत्र जोड़ा गया है। यह विस्तार शहर के अगले 20 वर्षों के सुनियोजित विकास की मजबूत आधारशिला बनेगा।
384 गांव और तीन शहरी निकाय होंगे शामिल
सरकार ने बिहार शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम, 2012 के तहत यह अधिसूचना जारी की है। इसके तहत भागलपुर नगर निगम के साथ नगर पंचायत सबौर और नगर पंचायत हबीबपुर को भी आयोजना क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसके अलावा दो सेंसस टाउन और 384 राजस्व गांव भी इस दायरे में आएंगे। इनमें मुख्य रूप से नाथनगर के 144, जगदीशपुर के 90, सबौर के 60, शाहकुंड के 42, सुल्तानगंज के 33, गोराडीह के 11 और नारायणपुर के चार गांव शामिल हैं।
सुल्तानगंज से नारायणपुर तक तय हुई सीमा
नई महायोजना (मास्टर प्लान) के तहत सरकार ने उत्तर में नारायणपुर और नाथनगर, दक्षिण में गोराडीह, जगदीशपुर और शाहकुंड, पूर्व में सबौर तथा पश्चिम में सुल्तानगंज तक की विस्तृत सीमा तय की है। इस नए क्षेत्र के शामिल होने से अब शहर का विकास अनियोजित तरीके से नहीं होगा। मास्टर प्लान के अनुसार ही सड़कों का चौड़ीकरण, ड्रेनेज, सीवरेज, पेयजल, बिजली, पार्क, स्कूल, अस्पताल, बस टर्मिनल और अत्याधुनिक आवासीय कॉलोनियों का विकास किया जाएगा।
सेटेलाइट टाउन बनने से कम होगा शहर का दबाव
भागलपुर में लंबे समय से मुख्य शहर पर बढ़ते आबादी के बोझ को कम करने के लिए सेटेलाइट टाउन विकसित करने की चर्चा होती रही है। आयोजना क्षेत्र के इस ऐतिहासिक विस्तार के बाद सरकार के पास अब पर्याप्त भूमि उपलब्ध होगी। सेटेलाइट टाउन बनने से मुख्य शहर की भीड़ कम होगी और नए आवास, बाजार, बड़े संस्थान और रोजगार के बेहतरीन अवसर शहर के बाहरी हिस्सों में विकसित होंगे, जिससे मुख्य शहर को भारी जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
औद्योगिक निवेश और नए उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मास्टर प्लान लागू होने के बाद भागलपुर में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और निजी निवेश के लिए भी नई संभावनाएं खुलेंगी। विस्तारित आयोजना क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक जोन विशेष रूप से चिन्हित किए जाएंगे। नई व्यवस्था के बाद कृषि भूमि, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र और हरित क्षेत्र (Green Zone) का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा, जिससे अनधिकृत निर्माण और अव्यवस्थित शहरीकरण पर पूरी तरह रोक लगेगी।
20 वर्षों की जरूरतों का रखा गया है ध्यान
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि विस्तारित आयोजना क्षेत्र के लिए अगले 20 वर्षों अथवा उससे अधिक की लंबी अवधि को ध्यान में रखकर महायोजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही आयोजना क्षेत्र का नक्शा, सभी शामिल शहरी निकायों और राजस्व गांवों की सूची तथा उनकी आबादी का पूरा विवरण भी इस डिजिटल अधिसूचना के साथ प्रकाशित कर दिया गया है। इस फैसले से भागलपुर अब एक अत्याधुनिक और सुव्यवस्थित महानगर के रूप में विकसित हो सकेगा।
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