भागलपुर के 21 मॉडल स्कूलों में शिक्षक बनेंगे प्रशासनिक अधिकारी; डीडीसी पढ़ाएंगे इतिहास, डीएसओ सिखाएंगे Politics
Bhagalpur Model School DM Initiative: भागलपुर के 21 मॉडल स्कूलों में अब प्रशासनिक अधिकारी ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर विद्यार्थियों ...और पढ़ें

Bhagalpur Model School DM Initiative: जिलाधिकारी के निर्देश पर भागलपुर के 21 मॉडल स्कूलों के लिए नामित किए गए वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी।
HighLights
प्रशासनिक अधिकारी अब मॉडल स्कूलों में छात्रों को सीधे पढ़ाएंगे।
डीडीसी इतिहास, डीएसओ राजनीति शास्त्र और सामान्य ज्ञान सिखाएंगे।
यह पहल शिक्षा गुणवत्ता सुधारने और छात्रों के विकास हेतु है।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Model School DM Initiative: जिले के मॉडल स्कूलों में अब प्रशासनिक पदाधिकारी केवल औपचारिक निरीक्षण करते ही नहीं, बल्कि ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर विद्यार्थियों को पढ़ाते हुए भी नजर आएंगे। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के 21 मॉडल स्कूलों के लिए अलग-अलग वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष रूप से नामित किया गया है।
तय व्यवस्था के अनुसार, ये अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने-अपने चिह्नित विद्यालय पहुंचेंगे और सीधे क्लासरूम में जाकर बच्चों की कक्षाएं लेंगे। कोई अधिकारी इतिहास की बारीकियां समझाएगा, तो कोई राजनीति शास्त्र और सामान्य ज्ञान का पाठ पढ़ाएगा। वहीं, डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए बच्चों को कंप्यूटर और तकनीक की व्यावहारिक शिक्षा भी दी जाएगी। इसके साथ ही अधिकारी छात्रों से सीधा संवाद कर उनकी शंकाओं, शैक्षणिक समस्याओं और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर मार्गदर्शन करेंगे।
डीडीसी इतिहास तो डीएसओ पढ़ाएंगे राजनीति शास्त्र
पहल के तहत अधिकारियों ने अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुरूप विषयों का चयन किया है। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने बताया कि वे अपने संबद्ध मॉडल स्कूल में छात्रों को इतिहास पढ़ाएंगे। इसके साथ ही बच्चों को स्पष्ट लक्ष्य तय करने, निरंतर मेहनत और विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि विषय ज्ञान के साथ उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सही दिशा मिल सके।
मॉडल स्कूल प्रबंधन: कौन अधिकारी क्या पढ़ाएंगे?
उप विकास आयुक्त (DDC): इतिहास विषय की कक्षाएं लेंगे और छात्रों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण व सफलता के लिए प्रेरित करेंगे।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO): राजनीति शास्त्र (पॉलिटी) और सामान्य ज्ञान (GK) की पढ़ाई कराएंगे।
डीपीओ (माध्यमिक शिक्षा): कंप्यूटर/डिजिटल तकनीक और अंग्रेजी भाषा कौशल की शिक्षा देंगे।
अन्य अधिकारी (ADM, SDO, PGRO, वरीय उपसमाहर्ता): अपनी रुचि व विशेषज्ञता के अनुसार ऐच्छिक विषयों की कक्षाएं संचालित करेंगे।
निगरानी ढांचा: डीएम की अध्यक्षता में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (DPMU) गठित; डीईओ सदस्य सचिव बनाए गए।
वहीं, जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) ने बताया कि वे अपने चिह्नित विद्यालय में विद्यार्थियों को राजनीति शास्त्र और सामान्य ज्ञान पढ़ाएंगे और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ सह मॉडल स्कूल के नोडल पदाधिकारी ने बताया कि आज का दौर तकनीक का है, इसलिए वे बच्चों को कंप्यूटर, डिजिटल टूल्स और अंग्रेजी भाषा कौशल का ज्ञान देंगे।
इसके अतिरिक्त अपर समाहर्ता (एडीएम), अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (पीजीआरओ) और वरीय उपसमाहर्ता स्तर के अधिकारी भी अपने ऐच्छिक विषयों की कक्षाएं लेंगे। रोस्टर के तहत हर अधिकारी को महीने में कम से कम चार दिन स्कूल पहुंचकर एक या उससे अधिक कक्षाएं लेनी होंगी।
पढ़ाई से लेकर सुविधाओं तक का होगा सघन मूल्यांकन
नामित अधिकारी केवल कक्षाएं लेने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था की पड़ताल भी करेंगे। नियमित व औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षक और विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, पाठ योजना (लेसन प्लान), साप्ताहिक मूल्यांकन और शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी (पीटीएम) के आयोजन की समीक्षा की जाएगी।
इसके साथ ही स्कूलों में संचालित जेईई और नीट की ऑनलाइन कक्षाओं, 'विद्या साथी' पोर्टल पर छात्रों के निबंधन, क्लास मॉनिटर प्रणाली और शिक्षकों की दैनिक डायरी/नोटबुक की भी नियमित जांच होगी। अधिकारी स्कूल परिसर के रंग-रोगन, आधुनिक शौचालयों, शुद्ध पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।
मॉनिटरिंग के लिए बनी जिला स्तरीय प्रबंधन इकाई
जिले के सभी 21 मॉडल स्कूलों के सुचारू संचालन, समन्वय और सतत निगरानी के लिए जिला स्तर पर जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) का गठन किया गया है। इसके पदेन अध्यक्ष जिला पदाधिकारी (डीएम) होंगे।
समिति में उप विकास आयुक्त, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएसईआईडीसी) के कार्यपालक अभियंता या उप प्रबंधक (तकनीकी) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को इस समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।
