विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मानसून 2026 की विदाई, भागलपुर शहर में सामान्य से 12 फीसदी कम बारिश, सबौर में 970.3 मिमी के साथ पूरा हुआ कोटा

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:40 AM (IST)

Monsoon Rainfall Report 2026: भागलपुर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ इस साल की बारिश का लेखा-जोखा सामने आया ...और पढ़ें

Monsoon Rainfall Report 2026:  भागलपुर में मानसून की विदाई के साथ बारिश का रिपोर्ट कार्ड।

Monsoon Rainfall Report 2026: भागलपुर में मानसून की विदाई के साथ बारिश का रिपोर्ट कार्ड।

HighLights

  1. भागलपुर शहर में सामान्य से 12% कम वर्षा दर्ज।

  2. सबौर में 970.3 मिमी वर्षा, सामान्य से अधिक दर्ज।

  3. सितंबर माह की बारिश ने कुल वर्षा आंकड़े सुधारे।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Monsoon Rainfall Report 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक विदाई के साथ ही भागलपुर जिले में इस वर्ष हुई बारिश का अंतिम लेखा-जोखा पूरी तरह साफ हो गया है। इस मानसून सीजन में भागलपुर शहर और सबौर क्षेत्र के वर्षा आंकड़ों में एक बड़ा और दिलचस्प अंतर देखने को मिला है।

पूरे सीजन में भागलपुर शहर में कुल 856.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य वर्षा मानक 970.2 मिलीमीटर की तुलना में लगभग 11.7 प्रतिशत (करीब 12 फीसदी) कम रही। वहीं दूसरी ओर, सबौर में मेघ पूरी तरह मेहरबान रहे और वहां कुल 970.3 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। यानी शहर और सबौर के बीच महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी में 113.4 मिलीमीटर वर्षा का फासला दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर शहर मानसून के तय मानक को छूने में पीछे छूट गया। इसके विपरीत सबौर का आंकड़ा इस बार बेहद संतुलित रहा। सबौर में सामान्य मानक (970.2 मिमी) के मुकाबले 970.3 मिमी पानी बरसा, जो सामान्य से महज 0.1 मिलीमीटर अधिक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पूरे मानसून काल में सबौर प्रखंड व आसपास के इलाके में बादलों का वितरण सामान्य स्तर पर रहा, जबकि शहरी क्षेत्र में अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी।

मानसून वर्षा रिपोर्ट: भागलपुर बनाम सबौर

  • सामान्य वर्षा का मानक: 970.2 मिलीमीटर

  • भागलपुर शहर में कुल वर्षा: 856.9 मिलीमीटर (सामान्य से 11.7% / करीब 12% कम)

  • सबौर में कुल वर्षा: 970.3 मिलीमीटर (सामान्य से 0.1 मिमी अधिक)

  • शहर और सबौर में अंतर: 113.4 मिलीमीटर

  • सितंबर में बारिश की स्थिति:

    • 3 सितंबर तक (एक सप्ताह में): 178.8 मिलीमीटर

    • 26 सितंबर तक: 35.0 मिलीमीटर

  • वर्तमान मौसम का मिजाज: मानसूनी गतिविधियों में कमी, आसमान साफ और सुबह-शाम मौसम में नरमी।

सितंबर की बारिश ने सुधारा कुल आंकड़ा

मानसून के अंतिम महीने यानी सितंबर में हुई लगातार वर्षा ने जिले के कुल औसत को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। सितंबर माह में रुक-रुक कर कई दौर में अच्छी बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर के शुरुआती दिनों में मानसून काफी सक्रिय रहा और 3 सितंबर तक के एक सप्ताह में ही 178.8 मिलीमीटर झमाझम बारिश दर्ज की गई थी।

विदाई की राह पर मानसून

इसके बाद महीने के अंतिम सप्ताह में भी बादलों ने राहत दी और 26 सितंबर तक 35 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। यदि सितंबर में यह दौर नहीं आता तो शहर में बारिश की कमी का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था। अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (विदाई) की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिले में मौसमी गतिविधियों में बदलाव साफ नजर आने लगा है।

आसमान साफ होने के संकेत

हवा का रुख बदलने और बादलों की आवाजाही थमने से बारिश की गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। दिन के समय हल्की गर्माहट के बाद रात के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गुलाबी ठंड की शुरुआत के संकेत मिलने लगेंगे।

यह भी पढ़ें- शाम-ए-भागलपुर का मनमोहक रूप! नारंगी-लाल रंग में रंगा शहर का क्षितिज; बांका में समय से पहले धान में निकली बालियां