भागलपुर में लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन का काम अटका, ₹30 लाख बिजली चार्ज और वन विभाग की NOC ने बढ़ाई भारी मुश्किल
Bhagalpur Lohia Pul Aliganj Fourlane :भागलपुर की 3.70 किलोमीटर लंबी लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन सड़क परियोजना प्रशासनिक सुस्ती और अंतर-विभागीय समन्वय ...और पढ़ें

लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन सड़क।
HighLights
लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन परियोजना प्रशासनिक सुस्ती के कारण रुकी।
बिजली विभाग का ₹30 लाख सुपरविजन चार्ज बकाया, काम ठप।
वन विभाग से एनओसी न मिलने से निर्माण कार्य बाधित।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Lohia Pul Aliganj Fourlane : शहर के दक्षिणी क्षेत्र को सुगम यातायात की सौगात देने वाली 3.70 किलोमीटर लंबी बहुप्रतीक्षित लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन सड़क परियोजना प्रशासनिक सुस्ती और अंतर-विभागीय समन्वय की कमी के कारण धरातल पर दम तोड़ती दिख रही है।
जमीन पर नहीं उतर पा रही मशीनरी
भव्य शिलान्यास और औपचारिक शुरुआत के बावजूद यह सड़क निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर रफ्तार नहीं पकड़ सका है। सड़क के चौड़ीकरण में इस वक्त दोहरी प्रशासनिक अड़चन सबसे बड़ा रोड़ा बनकर खड़ी हो गई है। इस परियोजना में सबसे बड़ा गतिरोध यूटिलिटी शिफ्टिंग को लेकर पैदा हुआ है।
पांच माह पूर्व मिला था वर्क ऑर्डर
सड़क के दायरे में आने वाले दर्जनों बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के लिए बिजली विभाग को करीब 30 लाख रुपये का सुपरविजन चार्ज जमा कराना अनिवार्य है। निर्माण विभाग द्वारा यह राशि अब तक बिजली विभाग के खाते में जमा नहीं कराई गई है। इसके चलते बिजली विभाग ने खंभे और लाइन हटाने का काम पूरी तरह रोक रखा है।
वन विभाग की एनओसी भी बनी बड़ा पेच
बिजली विभाग के गतिरोध के साथ-साथ वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलना भी इस मार्ग के लिए दूसरा बड़ा सिरदर्द बन गया है। सड़क निर्माण के लिए चिन्हित दायरे में आने वाले पेड़ों और वन संपदा को हटाने के लिए वन विभाग की औपचारिक हरी झंडी अनिवार्य है, जो फाइलों में ही धूल फांक रही है।
जब तक बिजली के खंभे नहीं हटते और वन विभाग से एनओसी नहीं मिल जाती, तब तक निर्माण एजेंसी के लिए भारी मशीनें उतारकर चौड़ीकरण का कार्य आगे बढ़ाना तकनीकी रूप से असंभव हो गया है।
मंत्री के शिलान्यास के बाद भी काम सुस्त
उल्लेखनीय है कि पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेन्द्र ने बीते आठ अगस्त को बड़े तामझाम के साथ इस फोरलेन सड़क निर्माण की आधारशिला रखी थी। वहीं संबंधित निर्माण एजेंसी को करीब पांच महीने पहले ही वर्क ऑर्डर थमाया जा चुका है। एजेंसी ने अलीगंज छोर के समीप से निर्माण कार्य की शुरुआत भी की थी, लेकिन जरूरी अनापत्तियां और फंड क्लीयरेंस न होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।
लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन
सड़क की लंबाई: 3.70 किलोमीटर।
परियोजना स्वरूप: 2-लेन से 4-लेन (फोरलेन) चौड़ीकरण।
शिलान्यास: 8 अगस्त (पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र द्वारा)।
वर्क ऑर्डर की स्थिति: निर्माण एजेंसी को लगभग 5 माह पूर्व जारी।
पहली अड़चन: बिजली विभाग का ₹30 लाख सुपरविजन चार्ज बकाया, जिससे यूटिलिटी शिफ्टिंग शुरू नहीं हो सकी।
दूसरी अड़चन: वन विभाग (Forest Department) से अनिवार्य एनओसी (NOC) का लंबित होना।
वर्तमान स्थिति: अलीगंज छोर पर मामूली काम के बाद जमीनी स्तर पर प्रगति ठप।
आधारशिला रखे जाने के बाद शहरवासियों में उम्मीद जगी थी कि दक्षिणी भागलपुर को जाम से शीघ्र मुक्ति मिलेगी, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस है। विभागीय अधिकारी केवल प्रक्रिया आगे बढ़ाने का औपचारिक दावा कर रहे हैं, लेकिन राशि कब जमा होगी और एनओसी कब मिलेगी, इस पर स्पष्ट जवाब देने से कतरा रहे हैं। विभागीय खींचतान के कारण भागलपुर की यह महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना अधर में लटकी नजर आ रही है।
