भागलपुर रेलवे जंक्शन पर बनेगा 'बंबू पर तंबू'; यूनियन दफ्तर शिफ्ट न होने से अटक गया स्थायी होल्डिंग एरिया निर्माण
Bhagalpur Railway Station Holding Area Delay:भागलपुर जंक्शन पर दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों को इस बार भी अस्थायी तंबू ...और पढ़ें

Bhagalpur Railway Station Holding Area Delay: भागलपुर जंक्शन पर तंबू में ही ट्रेनों का इंतजार करेंगे यात्री
HighLights
यात्रियों को इस बार भी तंबू में करना होगा इंतजार।
स्थायी होल्डिंग एरिया निर्माण की योजना यूनियनों के कारण अटकी।
त्योहारों पर 8-10 हजार अतिरिक्त यात्रियों का दबाव।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Railway Station Holding Area Delay: दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ पर परदेस से घर लौटने और पर्व समापन के बाद वापस काम पर जाने वाले यात्रियों को इस बार भी भागलपुर जंक्शन पर तंबू के नीचे ही ट्रेनों का इंतजार करना होगा। रेलवे बोर्ड की उस महत्वाकांक्षी योजना को बड़ा झटका लगा है।
जिसके तहत इस त्योहारी सीजन में यात्रियों को सर्वसुविधायुक्त दोमंजिला स्थायी होल्डिंग एरिया की सौगात मिलनी थी। रेलवे यूनियनों के कार्यालयों और पुराने रेल आवासों को शिफ्ट करने के मुद्दे पर सहमति न बनने के कारण यह पूरा प्रोजेक्ट फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।
8 से 10 हजार की अतिरिक्त भीड़
दीपावली और छठ के दौरान भागलपुर जंक्शन पर सामान्य दिनों की तुलना में प्रतिदिन 8 से 10 हजार अतिरिक्त यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है। त्योहार खत्म होने के बाद 10 से 12 दिनों तक प्रवासियों के लौटने का भारी रेला लगा रहता है। इस दौरान प्लेटफॉर्मों पर भगदड़ जैसी स्थिति और अत्यधिक दबाव से निपटने के लिए रेलवे बोर्ड ने यहां दोमंजिला मॉड्युलर वेटिंग हॉल (स्थायी होल्डिंग एरिया) बनाने का कड़ा निर्देश जारी किया था।
1 अक्टूबर से शुरू होना था काम
योजना के मुताबिक, 01 अक्टूबर से इसका निर्माण कार्य शुरू कर छठ से पहले पूरा कर लिया जाना था, ताकि प्रवासियों को शेड, पंखे, लाइट, बैठने की बेंच और डिजिटल डिस्प्ले जैसी पक्की सुविधाएं मिल सकें। लेकिन जमीन खाली न होने के कारण यह पूरी योजना समय-सीमा से भटक चुकी है।
11 रेल भवन बने रोड़ा, बैठक में भी नहीं बनी बात
यह स्थायी होल्डिंग एरिया जंक्शन स्थित पार्सल घर और पुराने रिजर्वेशन केंद्र के सामने वाली जमीन पर बनना प्रस्तावित है। इस चिन्हित भूमि पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन और ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस के कार्यालयों के अलावा आरपीएफ व जीआरपी अधिकारियों के क्वार्टर समेत कुल 11 रेल भवन बने हुए हैं। रेलवे प्रशासन मई महीने से ही इन भवनों को खाली कराने की जद्दोजहद कर रहा है।
गतिरोध दूर करने के लिए मालदा डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने एक सप्ताह पूर्व दोनों यूनियनों के नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया था। मेंस कांग्रेस के मालदा के नेता रोबिन दास तो बैठक में शामिल हुए, लेकिन मेंस यूनियन का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।
बैठक में डीआरएम ने नया भवन बनने तक अस्थायी रूप से कार्यालय किसी अन्य जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया। इस पर यूनियन नेता ने दो-टूक कहा कि पहले नया कार्यालय भवन तैयार कराया जाए और तत्काल शिफ्टिंग के लिए मुकम्मल जगह दी जाए, तभी वे वर्तमान जगह छोड़ेंगे। एक यूनियन के अनुपस्थित रहने और दूसरे के अड़ जाने से मामला लटक गया।
डीआरएम बोले- भ्रम की स्थिति नहीं, तय जगह पर ही बनेगा हॉल
होल्डिंग एरिया को लेकर गहराए विवाद पर मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। डीआरएम ने स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह का कोई संशय या कन्फ्यूजन नहीं है। रेलवे का निर्णय बिल्कुल स्पष्ट है और पूर्व निर्धारित चिन्हित स्थल पर ही हर हाल में दोमंजिला होल्डिंग एरिया का निर्माण कराया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत नए भवन के निर्माण तक यूनियनों को वैकल्पिक जगह देकर जल्द ही स्थल को खाली कराने और निर्माण शुरू करने की दिशा में कड़े कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, प्रशासनिक खींचतान के चलते यह तय हो चुका है कि इस बार छठ पूजा पर यात्रियों को पक्के हॉल के बजाय पुराने ढर्रे पर बने तंबू के सहारे ही अपनी ट्रेन का इंतजार करना पड़ेगा।
