पति के सामने पत्नी और पिता के सामने उठी बच्चों की अर्थी, भागलपुर में बेकाबू हाइवा ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार
भागलपुर के नारायणपुर में एक बेकाबू हाइवा ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी को रौंद दिया, जिससे दादी और उनके दो ...और पढ़ें

भागलपुर में फूटा दुखों का पहाड़: झोपड़ी पर पलटा बालू लदा हाइवा, दादी समेत तीन मासूमों की मौत; छह लोग गंभीर जख्मी
संवाद सूत्र, नारायणपुर (भागलपुर)। Bhagalpur Road Accident News: भागलपुर जिले के भवानीपुर थाना के ठीक सामने डोमासी टोला में गुरुवार की सुबह मौत बनकर आए एक बेकाबू हाइवा ने हंसते-खेलते महादलित परिवार को उजाड़ दिया। बालू से लदा एक तेज रफ्तार हाइवा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी फूस की झोपड़ी पर पलट गया, जिससे दादी और दो मासूम पोता-पोती की दर्दनाक मौत हो गई।
जोरदार धमाके के साथ फटा टायर और मच गई चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बालू लदा हाइवा खगड़िया की ओर से नवगछिया की तरफ बेहद तेज गति से जा रहा था। डोमासी टोला के पास अचानक वाहन के बाएं तरफ का टायर जोरदार धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। टायर फटते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और खुद कूदकर अपनी जान बचा ली।
तिनका-तिनका जोड़कर बनाई झोपड़ी बनी अपनों की कब्र
बेकाबू हाइवा सीधे भिखारी डोम, गुड्डू डोम और नीरज डोम के घरों को रौंदते हुए पलट गया। उस वक्त झोपड़ी के भीतर 50 वर्षीय इंदु देवी अपने तीन साल के पोते अंकुश और चार साल की पोती राधा के साथ सुबह का खाना बना रही थी। लोगों के चिल्लाने पर वे भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन भारी-भरकम हाइवा उनके आशियाने पर गिर गया।
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दादी की ममता और मासूमों की किलकारी पल भर में शांत
मलबे और बालू के नीचे दबी इंदु देवी को ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, दोनों मासूम बच्चे ट्रक के नीचे ही दबे रह गए, जिन्हें बाद में क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। इस हादसे में प्रियंका देवी और कारे कुमार समेत छह लोग घायल हुए हैं।
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पति के सामने पत्नी और पिता के सामने उठी बच्चों की अर्थी
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। भिखारी डोम की आंखों के सामने उसकी पत्नी की सांसें टूट गईं, तो वहीं गुड्डू डोम ने अपने दोनों मासूम बच्चों को हमेशा के लिए खो दिया। सुबह जो बच्चे अपनी दादी को खाना बनाते देख चहक रहे थे, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी।
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मुआवजे के लिए आक्रोश, एनएच 31 पर 45 मिनट तक जाम
हादसे से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर घर के सामने ही एनएच 31 को करीब 45 मिनट तक जाम रखा। घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया के ट्रैफिक एसडीपीओ अनिल कुमार और अंचल अधिकारी विशाल अग्रवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सरकारी नियमानुसार मदद का भरोसा देकर जाम खुलवाया।
महादलित टोले में पसरा सन्नाटा, किसी घर नहीं जला चूल्हा
इस खौफनाक मंजर के बाद से पूरे महादलित टोले में मातम पसरा हुआ है। जिस गांव में सुबह होते ही बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ रोने और सिसकियों की आवाजें आ रही हैं। हादसे के सदमे के कारण पूरे गांव में किसी भी घर में गुरुवार को चूल्हा तक नहीं जला, हर आंख नम है।
