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भागलपुर में गंगा ने बदली चाल, सुबह घटने के बाद शाम से बढ़ने लगा जलस्तर; 3-4 दिनों में कुछ ऐसा द‍िखेगा स्‍वरूप

Published: Tue, 29 Sep 2026 06:15 AM (IST)

Bhagalpur Ganga River भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटने के बाद सोमवार शाम से फिर बढ़ने लगा है। हालांकि, जल ...और पढ़ें

भागलपुर में गंगा का जलस्‍तर।

भागलपुर में गंगा का जलस्‍तर।

HighLights

  1. भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटने के बाद फिर बढ़ा।

  2. अगले 3-4 दिनों में लगभग 1 मीटर तक बढ़ने का अनुमान।

  3. वर्तमान में बाढ़ का कोई खतरा नहीं, विभागीय निगरानी जारी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Ganga River पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में जारी लगातार गिरावट के सिलसिले पर सोमवार को अचानक विराम लग गया और नदी ने अपना रुख बदल दिया। सोमवार की सुबह तक जहां भागलपुर में गंगा का पानी नीचे उतरने के क्रम में था, वहीं दिन ढलते-ढलते शाम को जलस्तर में बढ़ोतरी का ट्रेंड दर्ज किया गया।

शाम तक भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़कर 32.24 मीटर पर पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्तमान में जलस्तर बढ़ने की गति धीमी है, लेकिन आगामी तीन से चार दिनों तक नदी के स्तर में वृद्धि जारी रहने की प्रबल संभावना है, जिससे साफ है कि गंगा एक बार फिर बढ़ने के मूड में आ गई है।

प्रयागराज से मुंगेर तक उफान, नीचे की ओर आ रहा पानी

भागलपुर के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और प्रमुख स्टेशनों—प्रयागराज, बनारस (वाराणसी), बक्सर, पटना और मुंगेर में गंगा का जलस्तर निरंतर ऊपर की ओर उठ रहा है। ऊपरी इलाकों से डिस्चार्ज होकर आ रहे इस पानी का प्रत्यक्ष असर अब निचले मैदानी इलाके यानी भागलपुर में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नदी विशेषज्ञों का कहना है कि ऊपरी क्षेत्रों का पानी जैसे-जैसे नीचे की ओर प्रवाहित होगा, भागलपुर में जलस्तर में वृद्धि की गति और तेज हो सकती है।

3 से 4 दिनों में 1 मीटर तक बढ़ोतरी का अनुमान

जल संसाधन विभाग अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि गंगा के वर्तमान बहाव पैटर्न और ऊपरी स्टेशनों के इनफ्लो को देखते हुए अगले तीन-चार दिनों तक भागलपुर में जलस्तर में वृद्धि का रुख बना रहेगा।

भागलपुर गंगा जलस्तर: आंकड़े एक नजर में

  • वर्तमान जलस्तर (सोमवार शाम): 32.24 मीटर

  • खतरे का निशान (Danger Level): 33.68 मीटर

  • खतरे के निशान से दूरी: 1.44 मीटर नीचे

  • उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL): 34.86 मीटर

  • एचएफएल से अंतर: 2.62 मीटर नीचे

  • अनुमानित वृद्धि: आगामी 3 से 4 दिनों में करीब 1 मीटर तक

  • प्रभाव डालने वाले ऊपरी स्टेशन: प्रयागराज, बनारस, बक्सर, पटना और मुंगेर

प्रारंभिक तकनीकी आकलन के आधार पर नदी के जलस्तर में करीब एक मीटर तक का इजाफा दर्ज किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश और डिस्चार्ज का असर चरणबद्ध ढंग से नीचे पहुंचता है, जिसका प्रभाव यहां अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा।

खतरे के निशान से 1.44 मीटर नीचे

जलस्तर में बढ़ोतरी के बावजूद विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी प्रकार के बाढ़ का खतरा नहीं है। भागलपुर में गंगा का खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है, जबकि वर्तमान जलस्तर 32.24 मीटर है। इस प्रकार नदी अभी खतरे के निशान से 1.44 मीटर नीचे सुरक्षित दायरे में बह रही है।

बाढ़ की आशंका नहीं

वहीं भागलपुर का ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 34.86 मीटर है, जिससे वर्तमान जलस्तर 2.62 मीटर नीचे है। अधिकारियों का कहना है कि अनुमानित एक मीटर की संभावित बढ़ोतरी के बाद भी नदी का पानी खतरे के निशान के इर्द-गिर्द ही पहुंचेगा। लिहाजा, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, हालांकि तटवर्ती इलाकों और स्परों पर विभागीय निगरानी निरंतर जारी है।

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