भागलपुर में खतरे के निशान से महज 11 सेंटीमीटर ऊपर बची गंगा, 27 घंटे में 12 सेमी घटा पानी; अब लाल निशान से नीचे जाने के आसार
Bhagalpur Ganga Water Level: भागलपुर में गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है, जो अब खतरे के निशान से मात्र ...और पढ़ें

Bhagalpur Ganga Water Level: गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट! खतरे के निशान से सिर्फ 11 सेमी ऊपर बह रही नदी, चार दिनों में आधा मीटर घटा पानी
HighLights
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब।
27 घंटे में 12 सेमी, चार दिनों में 50 सेमी घटा।
पशु चारे की किल्लत, धान की फसल हुई बर्बाद।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Ganga Water Level: भागलपुर और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का दंश झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गंगा के जलस्तर में निरंतर गिरावट का सिलसिला जारी है और नदी अब लाल निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी है। शुक्रवार सुबह नौ बजे भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटकर 33.79 मीटर दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार सुबह छह बजे यह 33.91 मीटर पर था। इस प्रकार बीते 27 घंटे के भीतर नदी के जलस्तर में कुल 12 सेंटीमीटर की उल्लेखनीय कमी आई है।
भागलपुर में गंगा का चेतावनी और खतरे का स्तर 33.68 मीटर निर्धारित है। शुक्रवार सुबह तक नदी खतरे के निशान से मात्र 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। केंद्रीय जल आयोग और स्थानीय जल संसाधन विभाग के अनुमानों के मुताबिक यदि पानी के घटने की यही गति बनी रही, तो शनिवार तक गंगा पूरी तरह खतरे के निशान से नीचे आ जाएगी।
चार दिनों में 50 सेंटीमीटर नीचे उतरा पानी
आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले चार दिनों में गंगा के जलस्तर में आधा मीटर से अधिक की गिरावट आई है:
रविवार: सुबह छह बजे जलस्तर 34.29 मीटर था, जो शाम तक 34.24 मीटर दर्ज हुआ।
सोमवार व मंगलवार: सोमवार सुबह पारा गिरकर 34.17 मीटर और मंगलवार शाम तक 34.02 मीटर पर पहुंचा।
बुधवार व गुरुवार: बुधवार रात 33.94 मीटर और गुरुवार सुबह 33.91 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
शुक्रवार: सुबह नौ बजे यह घटकर 33.79 मीटर पर आ गया।
इस तरह रविवार से शुक्रवार के बीच गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर नीचे उतर चुका है, जिससे दियारा और तटवर्ती गांवों पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टल गया है।
पानी घटा तो बढ़ी चारे और फसलों के नुकसान की चिंता
जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंडों से पानी तेजी से उतरने लगा है। नाथनगर प्रखंड में प्रतिदिन 12 से 15 सेंटीमीटर की गति से पानी कम हो रहा है। अधिकांश संपर्क और ग्रामीण सड़कों से बाढ़ का पानी निकल चुका है, जिससे आवागमन फिर से पटरी पर लौटने लगा है। हालांकि, हफ्तों तक पानी में डूबे रहने के कारण मवेशियों के लिए हरे चारे की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर घटकर 33.79 मीटर पर पहुंचा; खतरे के निशान (33.68 मीटर) से अब महज 11 सेंटीमीटर ऊपर
बीते 27 घंटे के दौरान 12 सेंटीमीटर और पिछले चार दिनों में आधा मीटर (50 सेंटीमीटर) से अधिक घटा बाढ़ का पानी
नाथनगर में ग्रामीण सड़कों से निकला पानी, गोराडीह में धान की फसल बर्बाद; पीरपैंती के निचले इलाकों में अब भी जलभराव
पानी उतरने के बाद पशु चारे की घोर किल्लत और महामारी की आशंका; अंचल कार्यालयों में जीआर राशि के लिए जुटने लगी भीड़
गोराडीह प्रखंड में भी स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और ग्रामीण सुरक्षित अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। जोगिया जैसे निचले इलाकों में अभी भी आंशिक दिक्कतें हैं। सबसे बड़ा झटका किसानों को लगा है, जिनकी सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में सड़कर पूरी तरह तबाह हो चुकी है।
पीरपैंती में नाव ही सहारा, जीआर राशि के लिए जुटी भीड़
दूसरी ओर, पीरपैंती प्रखंड के सुदूर निचले इलाकों में संकट अब भी बरकरार है। कई गांवों और घरों के आंगन में अब भी बाढ़ का पानी जमा है। काली प्रसाद और सिंघिया नाला पुल के पास मुख्य सड़क पर तेज बहाव जारी है, जबकि चौखंडी पुल के समीप आवागमन पूरी तरह ठप रहने से ग्रामीण नावों के सहारे ही सफर करने को मजबूर हैं।
इस बीच, सरकार द्वारा दी जाने वाली जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) सहायता राशि प्राप्त करने के लिए प्रभावित ग्रामीण अंचल कार्यालयों में जुटने लगे हैं। वहीं, जलजनित बीमारियों और महामारी की रोकथाम के लिए पंचायतों में ब्लीचिंग पाउडर और चूने के छिड़काव की प्रशासनिक तैयारी तेज कर दी गई है।
