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भागलपुर में गंगा जहाज सेवा का नया फॉर्मूला; बियाडा से सिर्फ पैदल यात्री, बाबूपुर से जाएंगी बाइक; 50% घटेगी भीड़

Published: Sun, 04 Oct 2026 10:05 AM (IST)

Bhagalpur Vikramshila Ferry Service New Rules: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर आवागमन ठप होने के बाद शुरू हुई जलमार्ग फेरी ...और पढ़ें

Bhagalpur Vikramshila Ferry Service New Rules: बि‍याडा घाट से जहाज सेवा।

Bhagalpur Vikramshila Ferry Service New Rules: बि‍याडा घाट से जहाज सेवा।

HighLights

  1. बियाडा घाट अब केवल पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित।

  2. बाबूपुर घाट से बाइक और सामान वाले यात्री जाएंगे।

  3. नई व्यवस्था से भीड़ 50% तक कम होने की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Vikramshila Ferry Service New Rules:  विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का आवागमन ठप होने के बाद एक अक्टूबर से प्रारंभ हुई वैकल्पिक जलमार्ग फेरी सेवा अब तीन दिनों के मैदानी अनुभव, यात्रियों की फजीहत और व्यवस्था की कड़ी परीक्षा के बाद एक नए और सुव्यवस्थित ढांचे में ढलने जा रही है।

पहले दिन गंगा का उफान जहां एप्रोच पथ के लिए चुनौती बना, वहीं जलयान पर एक साथ पैदल यात्रियों के बीच बाइक चढ़ाने और उतारने की आपाधापी ने पूरे तंत्र को हलकान कर दिया था। अब इन्हीं व्यावहारिक परेशानियों से सबक लेते हुए भागलपुर जिला प्रशासन ने नया 'ट्रैफिक सेग्रीगेशन फॉर्मूला' तैयार किया है, जिससे जलमार्ग का सफर अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

जिला प्रशासन की नई व्यवस्था के तहत बियाडा गंगा घाट को मुख्य 'यात्री जलमार्ग स्टेशन' (पैसेंजर टर्मिनल) बनाया जाएगा। यहां से केवल पैदल यात्री ही जलयान पर सवार होकर गंगा पार कर सकेंगे। वहीं, मोटरसाइकिल, स्कूटर, साइकिल अथवा व्यावसायिक सामान के साथ यात्रा करने वाले मुसाफिरों के लिए बाबूपुर गंगा घाट को मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। इस व्यवस्था से बियाडा घाट पर इंसानों और वाहनों की खतरनाक मिक्सिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।

बियाडा पर आधा होगा दबाव, खत्म होगी धक्का-मुक्की

प्रशासनिक आकलन के अनुसार, बाइक और भारी सामान वाले मुसाफिरों को बाबूपुर शिफ्ट करने से बियाडा घाट पर यात्रियों का वर्तमान दबाव करीब 50 प्रतिशत तक घट जाएगा। पिछले तीन दिनों में देखा गया था कि बियाडा घाट पर संकरे एप्रोच रास्ते, दलदली जमीन और जहाज पर चढ़ने की ऊंचाई के चलते बाइक लोड कराने में लंबा वक्त लग रहा था।

जलमार्ग सेवा का नया प्रशासनिक फॉर्मूला

  • बियाडा गंगा घाट: केवल पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित (यात्री जलमार्ग स्टेशन)।

  • बाबूपुर गंगा घाट: बाइक, स्कूटर, साइकिल और भारी सामान लेकर चलने वाले मुसाफिरों के लिए निर्धारित केंद्र।

  • मकसद: घाट पर पैदल मुसाफिरों और दोपहिया वाहनों की मिली-जुली अफरा-तफरी खत्म करना और बोर्डिंग समय घटाना।

  • अपेक्षित प्रभाव: बियाडा घाट पर लगभग 50% तक कम हो जाएगा भीड़ का दबाव।

  • नदी की स्थिति: जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार शाम से गंगा का जलस्तर स्थिर होकर कम होने की संभावना; धारा की गति थमेगी।

पैदल यात्रियों और बाइक सवारों की एक साथ कतार लगने से धक्का-मुक्की की नौबत आ रही थी। वहीं, शाम ढलते ही दो जहाजों के तकनीकी रूप से खराब होने के बाद उपजे हंगामे ने भी प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भीड़ को एक ही बिंदु पर केंद्रित रखना जोखिम भरा है। दोनों घाटों का अलग-अलग इस्तेमाल होने से जहाजों के फेरे (टर्न-अराउंड टाइम) बढ़ेंगे और समय की भारी बचत होगी।

उफनती गंगा की थमेगी रफ्तार, जलस्तर घटने से मिलेगी राहत

जलमार्ग के संचालन में बाधा बन रही उफनती गंगा भी रविवार से राहत के संकेत देने लगी है। जल संसाधन विभाग के तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर में गंगा का जलस्तर रविवार शाम तक स्थिर (स्टेबल) होने का पूर्वानुमान है, जिसके उपरांत जलस्तर में क्रमिक गिरावट दर्ज की जाएगी।

नदी का पानी घटने और करंट की रफ्तार धीमी पड़ने से घाटों के मुहाने पर जहाजों को सुरक्षित लगाना, एंकरिंग करना और अस्थायी रैंप तैयार करना तकनीकी रूप से काफी आसान हो जाएगा, जिससे मुसाफिर बिना फिसलन और कीचड़ के आसानी से सवार हो सकेंगे।

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"जलमार्ग परिचालन शुरू होने के पहले तीन दिनों में जो धरातलीय कमियां और यात्रियों की असुविधाएं सामने आईं, उनकी सूक्ष्म समीक्षा के बाद व्यवस्था में यह बड़ा संरचनात्मक बदलाव किया जा रहा है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि सेतु बंदी के दौरान जलमार्ग आवागमन का एक अनुशासित, सुरक्षित और पूर्णतः भरोसेमंद विकल्प बने। किसी भी मुसाफिर को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासनिक निगरानी चौबीसों घंटे जारी है।"

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— अलंकृत पांडेय, जिलाधिकारी, भागलपुर