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दुबई में बिहार सरकार का फैसला: राज्य में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क, EBIA ने की भागलपुर में बनाने की मांग

Published: Sun, 13 Sep 2026 06:00 AM (IST)

बिहार सरकार के उद्योग विभाग और एआईएम ग्लोबल फाउंडेशन ने दुबई में बिहार में एक समर्पित खाद्य प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

दुबई में कार्यक्रम में शामिल मंत्री श्रेयसी सिंह। (सोशल मीडिया)

दुबई में कार्यक्रम में शामिल मंत्री श्रेयसी सिंह। (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. बिहार में खाद्य प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर।

  2. ईबीआईए ने भागलपुर को पार्क के लिए प्राथमिकता देने की मांग की।

  3. यह पार्क किसानों को बेहतर मूल्य और रोजगार के अवसर देगा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। दुबई में आयोजित एआईएम कांग्रेस 2026 के दौरान बिहार सरकार के उद्योग विभाग और एआईएम ग्लोबल फाउंडेशन के बीच बिहार में समर्पित खाद्य प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ है।

इस पहल का उद्देश्य बिहार की कृषि एवं बागवानी उपज में मूल्यवर्धन करते हुए प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और निर्यात को बढ़ावा देना तथा देश-विदेश से निवेश आकर्षित करना है।

समझौते का स्वागत करते हुए ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ईबीआईए) ने प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग पार्क के लिए भागलपुर को प्रमुख संभावित स्थल के रूप में प्राथमिकता देने की मांग की है।

ईबीआईए अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने उद्योग मंत्री, बिहार श्रेयसी सिंह को ट्वीट के माध्यम से तथा मेल भेजकर भागलपुर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि भागलपुर और आसपास का क्षेत्र कृषि एवं बागवानी उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां मक्का, केला, आम, लीची, सब्जियों सहित विभिन्न कृषि उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विकसित करने के लिए भागलपुर में मजबूत आधार मौजूद है।

किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

ईबीआईए के उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण पार्क बनने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे।

कृषि उपज का स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन होने से किसानों को अपनी उपज दूसरे राज्यों के बाजारों तक भेजने की निर्भरता भी कम होगी।

महासचिव अमर्त्य बंधुल ने कहा कि भागलपुर की रेल और सड़क संपर्क व्यवस्था इसके पक्ष में महत्वपूर्ण है। पूर्वी बिहार और झारखंड के प्रमुख कृषि क्षेत्रों से इसकी निकटता है।

इसके अलावा गंगा नदी के कारण यहां परिवहन और लॉजिस्टिक की भी संभावनाएं हैं। इन सुविधाओं को देखते हुए भागलपुर को खाद्य प्रसंस्करण और वितरण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

एक ही परिसर में होंगी कई सुविधाएं

ईबीआईए के पीआरओ सुमित जैन ने कहा कि भागलपुर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित होने पर शीत भंडारण, आधुनिक गोदाम, खाद्य गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला, पैकेजिंग, परिवहन और निर्यात जैसी सुविधाओं को एकीकृत किया जा सकता है। इससे बिहार के कृषि उत्पादों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।

संगठन ने बिहार सरकार से आग्रह किया है कि प्रस्तावित पार्क के स्थान चयन की प्रक्रिया में भागलपुर को प्राथमिकता से शामिल किया जाए और इसके लिए विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन कराया जाए।

ईबीआईए का मानना है कि भागलपुर में पार्क स्थापित होने से पूर्वी बिहार में कृषि आधारित औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय किसानों, छोटे एवं मध्यम उद्यमों और नए उद्यमियों के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा होंगे।

‘खेत से वैश्विक बाजार तक’ हो परियोजना की अवधारणा

ईबीआईए ने सुझाव दिया है कि परियोजना को ‘खेत से वैश्विक बाजार तक’ की अवधारणा पर विकसित किया जाए। इसमें स्थानीय कृषि उपज का प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग, भंडारण और निर्यात एक ही समेकित व्यवस्था के माध्यम से किया जा सके। संगठन का कहना है कि इससे बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था तैयार होगी।

कहलगांव में पहले भी प्रस्तावित था फूड पार्क

ज्ञात हो कि भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित बियाडा परिसर में पूर्व में भी फूड पार्क प्रस्तावित किया गया था। हालांकि जमीन विवाद के कारण यह योजना फलीभूत नहीं हो सकी।

ऐसे में ईबीआईए ने नए प्रस्तावित खाद्य प्रसंस्करण पार्क के लिए भागलपुर को फिर से गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।

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