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भागलपुर जंक्‍शन पर 14 करोड़ का मॉड्यूलर वेटिंग हॉल! शिफ्ट होंगे यूनियन ऑफिस, कंफर्म टिकट वालों के ल‍िए गुड न्‍यूज

Published: Sat, 12 Sep 2026 10:42 PM (IST)

Bhagalpur Station Modular Waiting Hall: भागलपुर रेलवे स्टेशन पर 14 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला मॉड्यूलर वेटिंग हॉल ...और पढ़ें

Bhagalpur Station Modular Waiting Hall: भागलपुर स्टेशन पर 14 करोड़ से बनेगा दो मंजिला होल्डिंग एरिया; शिफ्ट होंगे यूनियन दफ्तर, छठ तक पूरा होना मुश्किल

Bhagalpur Station Modular Waiting Hall: भागलपुर स्टेशन पर 14 करोड़ से बनेगा दो मंजिला होल्डिंग एरिया; शिफ्ट होंगे यूनियन दफ्तर, छठ तक पूरा होना मुश्किल

HighLights

  1. भागलपुर जंक्शन पर 14 करोड़ का दो मंजिला मॉड्यूलर वेटिंग हॉल बनेगा।

  2. छठ पूजा तक निर्माण का लक्ष्य, पर यूनियन कार्यालयों के विस्थापन में देरी।

  3. जनरल टिकट और कंफर्म यात्रियों के लिए अलग एंट्री की सुविधा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Station Modular Waiting Hall: त्योहारों और लग्न के मौसम में भागलपुर रेलवे स्टेशन पर उमड़ने वाले भारी यात्री दबाव को नियंत्रित करने के लिए सर्कुलेटिंग एरिया में स्थाई होल्डिंग एरिया (मॉड्यूलर वेटिंग हॉल) के निर्माण की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। परियोजना का टेंडर फाइनल कर लिया गया है। 14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 7200 वर्ग फीट के विस्तृत भूभाग पर बनने वाले इस दो मंजिला मॉड्यूलर वेटिंग हॉल को आगामी छठ पूजा तक पूरा करने का रेलवे बोर्ड का सख्त दिशा-निर्देश है।

हालांकि, निर्माण कार्य धरातल पर उतारने से पहले रेलवे के ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन और ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस के वर्तमान कार्यालय भवनों को दूसरी जगह विस्थापित करना होगा, जो वर्तमान में बड़ी तकनीकी चुनौती बन गया है। शनिवार को स्टेशन अधीक्षक विनय प्रकाश, आईओडब्ल्यू (निरीक्षक निर्माण कार्य) ओमप्रकाश भगत और मेंस यूनियन के सचिव चंदन कुमार सहित रेलवे की तकनीकी टीम ने यूनियन कार्यालयों के पुनर्वास के लिए कार पार्किंग क्षेत्र का स्थलीय सर्वेक्षण किया।

  • भागलपुर रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में 14 करोड़ रुपये की लागत से 7200 वर्ग फीट में तैयार होगा दो मंजिला मॉड्यूलर वेटिंग हॉल

  • रेलवे बोर्ड ने दिया छठ पूजा तक निर्माण का लक्ष्य, लेकिन यूनियन कार्यालय, आरपीएफ बैरक व इंस्पेक्टर क्वार्टर की शिफ्टिंग से होगी देरी

  • कार पार्किंग के नीचे 11 हजार वोल्ट (11 KV) की भूमिगत लाइन बनी रोड़ा; दो अलग-अलग स्थानों पर यूनियन भवन बनाने की योजना

  • होल्डिंग एरिया में ही कटेंगे जनरल टिकट; बैठने की व्यवस्था, शौचालय व डिस्प्ले बोर्ड की होगी सुविधा; कंफर्म टिकट वालों को मिलेगी सीधी अलग एंट्री

जांच के दौरान सामने आया कि पार्किंग क्षेत्र के नीचे से 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाई-टेंशन अंडरग्राउंड विद्युत केबल गुजर रही है। यदि यहां नया भवन बनाया जाता है, तो भविष्य में केबल में फाल्ट आने पर मरम्मत करना बेहद दुरूह होगा और तार शिफ्टिंग का भारी-भरकम खर्च अलग से वहन करना पड़ेगा।

दो अलग-अलग स्थानों पर शिफ्ट होंगे यूनियन दफ्तर, मुख्यालय जाएगी ड्राइंग

इस तकनीकी अड़चन के बाद रेलवे प्रशासन ने दोनों यूनियनों के कार्यालयों को दो अलग-अलग भूखंडों पर स्थानांतरित करने की नई रूपरेखा तैयार की है। योजना के तहत एक यूनियन कार्यालय को कार पार्किंग के सुरक्षित हिस्से में और दूसरे कार्यालय को वर्तमान भवन के ठीक पीछे रेलवे क्वार्टर की खाली जमीन पर शिफ्ट किया जाएगा।

रविवार को इसका संशोधित लेआउट और ड्राइंग तैयार किया जाएगा। आईओडब्ल्यू, स्टेशन अधीक्षक और यूनियन पदाधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए पूर्व रेलवे मुख्यालय (कोलकाता) भेजा जाएगा। मेंस यूनियन के सचिव चंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि पहले नया भवन बनकर तैयार होगा, उसके बाद ही वर्तमान कार्यालय खाली किया जाएगा।

आरपीएफ बैरक और क्वार्टर भी टूटेंगे, छठ तक पूरा होना कठिन

सर्कुलेटिंग एरिया में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी होल्डिंग एरिया की मूल ड्राइंग रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) ने तैयार की है, जबकि इसका भौतिक निर्माण रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न होना है। भले ही रेलवे बोर्ड ने इसे आगामी छठ तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन निर्माण प्रक्रिया की जटिलताओं को देखते हुए यह समय-सीमा पर पूरा होना नामुमकिन सा दिख रहा है।

परियोजना की जद में आने के कारण आरपीएफ बैरक के अलावा आरपीएफ और जीआरपी इंस्पेक्टर के आवासों को भी ध्वस्त किया जाना है। विस्थापन, मलबा हटाने और नए निर्माण की लंबी प्रक्रिया के चलते इस साल छठ तक केवल प्रारंभिक ढांचा ही तैयार होने की संभावना है।

प्रतिदिन 20-25 हजार अतिरिक्त भीड़ का दबाव, अलग होगी एंट्री

भागलपुर जंक्शन से सामान्य दिनों में रोजाना 108 ट्रेनों (अप और डाउन मिलाकर) का परिचालन होता है और लगभग 50 से 55 हजार यात्रियों का आवागमन रहता है। लेकिन छठ पूजा के दौरान यह भीड़ 20 से 25 हजार प्रतिदिन तक बढ़ जाती है। इसी तरह होली में 10 से 12 हजार और शादी-ब्याह के लग्न के सीजन में 8 से 10 हजार अतिरिक्त मुसाफिर स्टेशन पहुंचते हैं।

यात्रियों की इसी भीड़ को प्लेटफॉर्म पर जाने से रोकने के लिए दो मंजिला होल्डिंग एरिया बनाया जा रहा है। इस होल्डिंग एरिया में ही सामान्य टिकट काउंटर संचालित होंगे। जनरल टिकट लेने के बाद ही मुसाफिरों को इस हॉल में प्रवेश मिलेगा, जहां आरामदायक बैठने की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय और ट्रेनों की स्थिति दर्शाने वाले बड़े एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।

वहीं, जिन यात्रियों के पास पहले से आरक्षित (कंफर्म) टिकट होगा, उन्हें स्टेशन प्लेटफॉर्म पर सीधी आवाजाही के लिए अलग डेडिकेटेड एंट्री पॉइंट दिया जाएगा। इसके अलावा, एक नंबर प्लेटफॉर्म को छोड़कर अन्य प्लेटफॉर्मों की कम चौड़ाई व लंबाई को देखते हुए उन्हें भी 24 कोच की ट्रेनों के अनुरूप विस्तारित करने की योजना पर काम जारी है।