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भागलपुर में बाढ़-अतिवृष्टि से 31,260 हेक्टेयर में फसल बर्बाद; 51.43 करोड़ मुआवजे का आकलन, 25,787 आवेदनों का निबटारा

Published: Mon, 05 Oct 2026 08:40 AM (IST)

Bhagalpur Crop Damage Compensation: भागलपुर में अगस्त के अंत में हुई भारी बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से 31,260 ...और पढ़ें

Bhagalpur Crop Damage Compensation: बाढ़-बारिश से बर्बाद हुई धान की फसल!

Bhagalpur Crop Damage Compensation: बाढ़-बारिश से बर्बाद हुई धान की फसल!

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Crop Damage Compensation: अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में हुई मूसलाधार अतिवृष्टि और विभिन्न नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से भागलपुर जिले में खरीफ फसलों को भारी तबाही झेलनी पड़ी है। जिला कृषि विभाग द्वारा तैयार विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, जिले में लगभग 31,260.35 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति का आकलन किया गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग के निर्धारित मानकों के तहत 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति वाले क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए किसानों की आर्थिक भरपाई के लिए करीब 51.43 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का आकलन किया गया है।

फसल क्षति इनपुट अनुदान को लेकर जिले भर के 89,029 प्रभावित किसानों ने अब तक ऑनलाइन आवेदन दाखिल किए हैं। किसानों को समय पर राहत राशि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर तेजी से जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 25,787 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है। आवेदनों के त्वरित निबटारे के लिए रविवार को अवकाश के बावजूद जिला और प्रखंड कृषि कार्यालय खुले रहे और कर्मी सत्यापन कार्य में जुटे रहे।

सही आवेदन बढ़ रहे आगे, त्रुटिपूर्ण किए जा रहे रिजेक्ट

जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि फसल क्षति मुआवजे को लेकर किसानों के आवेदनों की जांच अत्यंत पारदर्शिता और तेजी से की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धरातलीय जांच और राजस्व अभिलेखों के मिलान के दौरान जिनका आवेदन पूरी तरह सही पाया जा रहा है, उसे अविलंब भुगतान की अगली प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, जिन आवेदनों में मानक के अनुरूप साक्ष्य नहीं मिल रहे अथवा कमियां पाई जा रही हैं, उन्हें सीधे रिजेक्ट किया जा रहा है।

भागलपुर फसल क्षति व मुआवजा: मुख्य आंकड़े एक नजर में

  • कुल प्रभावित रकबा: 31,260.35 हेक्टेयर (धान, मक्का व अन्य खरीफ फसलें)।

  • अनुमानित मुआवजा राशि: ₹51.43 करोड़ (33% से अधिक नुकसान वाले क्षेत्र)।

  • किसानों के कुल आवेदन: 89,029।

  • निबटारा किए गए आवेदन: 25,787 (सत्यापन जारी)।

  • सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र: 3 अनुमंडलों की 15 पंचायतें (नवगछिया- 7, सदर- 5, कहलगांव- 3)।

  • रिपोर्ट प्रेषण: डीएम द्वारा 21 सितंबर को कृषि निदेशक, बिहार सरकार (पटना) को भेजा गया विस्तृत प्रतिवेदन।

उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी की ओर से 21 सितंबर को ही कृषि निदेशक, बिहार (पटना) को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इसमें प्रपत्र एक और दो के तहत प्रखंडवार, फसलवार और पंचायतवार 33 प्रतिशत से अधिक प्रभावित रकबे तथा अनुमानित सहायता राशि का संपूर्ण ब्योरा शामिल है। खेतों में कई दिनों तक जलजमाव रहने के कारण धान, मक्के और दलहन की खड़ी फसलें पूरी तरह गलकर नष्ट हो गई थीं।

3 अनुमंडलों की 15 पंचायतें बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित

अतिवृष्टि और नदियों के बांधों के फाटक खोले जाने से जिले के तीनों अनुमंडलों की 15 पंचायतें बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं:

  1. नवगछिया अनुमंडल (सर्वाधिक प्रभावित): नवगछिया की स्थिति बेहद गंभीर रही है। यहां के नारायणपुर, बिहपुर, खरीक, नवगछिया, रंगरा चौक, गोपालपुर एवं इस्माइलपुर प्रखंड की कुल 7 पंचायतों में पानी घुसने से फसलों का भारी विनाश हुआ है।

  2. भागलपुर सदर अनुमंडल: सदर अनुमंडल के गोराडीह, सबौर, नाथनगर, सुल्तानगंज एवं शाहकुंड प्रखंडों की 5 पंचायतें बाढ़ और जलजमाव की चपेट में आईं।

  3. कहलगांव अनुमंडल: कहलगांव के पीरपैंती, कहलगांव एवं सन्हौला प्रखंड की 3 पंचायतें बाढ़ के पानी से घिरने के कारण फसलों से वंचित हो गईं।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही कृषि विभाग, बिहार सरकार के स्तर से सहायता राशि सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

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