'AC वाले जहाज पर हूं; 2 घंटे में अमेरिका लैंड कर जाऊंगा, जलयान के हाल पर भागलपुर के यात्री का तंज
भागलपुर में बियाडा घाट से जाह्नवी चौक तक गंगा में जहाज यात्रा के दौरान यात्रियों को भीषण गर्मी, उमस और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।

जहाज और वीडियो कॉल पर अपने संबंधी से बात करते शाहबाज आलम। फोटो जागरण
HighLights
जहाज यात्रा में यात्रियों को बैठने की पर्याप्त जगह नहीं मिली।
भीषण गर्मी और उमस के कारण एक यात्री बेहोश हो गई।
घाटों पर भीड़ प्रबंधन और अव्यवस्था से यात्रियों को परेशानी हुई।
अभिषेक प्रकाश, भागलपुर। सुबह 8:10 बजे बियाडा घाट से यात्रियों को लेकर जहाज गंगा की तेज धारा को चीरते हुए जाह्नवी चौक की ओर बढ़ा। जहाज पर सवार चौसा निवासी शाहबाज आलम वीडियो कॉल पर अपने किसी संबंधी से बात करते हुए बोले- "हेलो, जहाज खुल गई है। एसी वाले जहाज पर हूं... दो घंटे के अंदर मैं अमेरिका लैंड कर जाऊंगा!"
उमस और तपती धूप के बीच उनका यह कटाक्ष कुछ पल के लिए जहाज पर खड़े यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान ले आया। जहाज पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। तेज धूप और उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर।
इसी दौरान बिहपुर की रितु कुमारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। सहयात्रियों ने छतरी की आड़ दी और चेहरे पर पानी का छींटा मारा। कुछ देर बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई।
गौरीपुर के रमेश ने बताया कि तेज धूप और उमस में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सफर काफी मुश्किल रहा। छोटी परबत्ता के गणेश मंडल ने बताया कि घाट पर उतरने-चढ़ने के दौरान भीड़ को व्यवस्थित करने की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।
9:45 बजे जाह्नवी चौक घाट पहुंचा, उतरने में लगे 20 मिनट
करीब एक घंटे 35 मिनट के सफर के बाद जहाज 9:45 बजे जाह्नवी चौक घाट पहुंचा। लेकिन यहां पहुंचने के बाद भी यात्रियों की परेशानी खत्म नहीं हुई। नीचे पहले से भीड़ और अव्यवस्था थी।
मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों को यात्रियों को व्यवस्थित करने में करीब 20 मिनट लग गए। इसके बाद यात्रियों को जहाज से उतारा गया। करीब 30 मिनट रुकने के बाद जहाज 10:15 बजे बियाडा के लिए रवाना हुआ।
वापसी में केले, दूध का सामान और मोटरसाइकिल लेकर चढ़ने वाले यात्रियों की जल्दबाजी ने परेशानी बढ़ा दी। कई लोगों ने मुख्य गेट के सामने ही मोटरसाइकिल खड़ी कर दी।
मजिस्ट्रेट ने समझाया, लेकिन स्थिति में खास बदलाव नहीं आया। नवगछिया निवासी दूध कारोबारी उमेश यादव ने बताया कि पहले पुल से मुफ्त में आना-जाना हो जाता था।
अब पुल बंद होने से जहाज का किराया देना पड़ रहा है। रोज आने-जाने वालों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ गया है।
घाट पर फिर इंतजार
तेज धारा और बहाव का साथ मिलने के कारण करीब 20 मिनट में जहाज बियाडा के करीब पहुंच गया। लेकिन घाट पर पहले से जहाज खड़ा होने के कारण इसे नदी के बीच करीब 20 मिनट तक एंकर डालकर रोकना पड़ा।
तेज धूप में खुले आसमान के नीचे यात्रियों की फिर अग्निपरीक्षा हुई। इसी दौरान जहाज संचालक और कुछ यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी भी हो गई।
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