4 मिनट की देरी, घाट में बितानी पड़ी रात; विक्रमशिला सेतु बंद होने का दंश झेल रहे भागलपुर के लोग
भागलपुर के बियाडा जहाज घाट पर अंतिम जहाज छूट जाने के कारण सौ से अधिक यात्री रातभर फंसे रहे। यात्रियों ...और पढ़ें

बियाडा घाट पर आराम करते लोग। फोटो जागरण
HighLights
अंतिम जहाज छूटने से सौ से अधिक यात्री फंसे।
यात्रियों को रातभर बियाडा जहाज घाट पर रुकना पड़ा।
सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की कमी का सामना।
परिमल सिंह, भागलपुर। यह भागलपुर स्टेशन का नजारा नहीं, बल्कि बियाडा जहाज घाट का दृश्य है। अमूमन रात में रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों की भीड़ दिखती है, लेकिन शुक्रवार की रात बियाडा जहाज घाट पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
अंतिम जहाज छूट जाने के कारण नवगछिया और पूर्णिया समेत अन्य जगहों पर जाने वाले सौ से अधिक महिला-पुरुष यात्री घाट परिसर के आसपास रात गुजारते दिखे। इनमें कई यात्री इलाज कराने के लिए भागलपुर आए थे।

यात्रियों के अनुसार, अंतिम जहाज का समय शाम पांच बजे था। लेकिन गेट शाम 4:35 बजे बंद कर दिया गया था। इसके बाद पहुंचे यात्रियों को जहाज पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।
नवगछिया निवासी रवि कुमार और प्रेम कुमार ने बताया कि वे शाम 5:04 बजे जहाज घाट पहुंचे थे। तब तक अंतिम जहाज जा चुका था। दोनों भागलपुर चिकित्सक से इलाज कराने आए थे। अब उन्हें सुबह तक घाट किनारे ही इंतजार करना पड़ेगा।
महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
घाट पर रात गुजार रहे यात्रियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। यात्रियों ने बताया कि यहां मोबाइल चार्ज करने की कोई सुविधा नहीं है। रात में बड़ी संख्या में महिला यात्री भी मौजूद हैं, लेकिन महिला पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं है।
ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी यात्री चिंतित दिखे। पूर्णिया जाने के लिए विलंब से घाट पहुंचे संतोष कुमार और शिवम ने बताया कि घाट पर पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। चापाकल से पानी के साथ मिट्टी भी निकलती है।

यात्रियों ने सवाल उठाया कि रात में किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो तत्काल इलाज की व्यवस्था कैसे होगी। घाट पर चिकित्सक की भी व्यवस्था नहीं है। दंडाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की गई है।
रात में महिला पुलिसकर्मी की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी लगातार घाट पर मौजूद यात्रियों की सुरक्षा में जुटे हैं।
हालांकि, यात्रियों का कहना है कि रातभर घाट पर रुकने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
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