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भागलपुर में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, ₹98 लाख के फ्रॉड केस में क्लर्क जफर अली सस्पेंड

Published: Mon, 26 Oct 2026 02:38 PM (IST)

भागलपुर शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षिका आईडी बनाकर 98.12 लाख रुपये के गबन मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है।

भागलपुर शिक्षा विभाग। फाइल फोटो

भागलपुर शिक्षा विभाग। फाइल फोटो

HighLights

  1. फर्जी शिक्षिका आईडी से 98.12 लाख का गबन।

  2. लिपिक जफर अली निलंबित, डीपीओ पर प्रपत्र 'क'।

  3. भागलपुर शिक्षा विभाग में हड़कंप, जांच जारी।

अभिषेक प्रकाश, भागलपुर। जिला शिक्षा विभाग में फर्जी विशिष्ट शिक्षिका की आईडी बनाकर 98.12 लाख रुपये के गबन मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है।

निदेशक प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) सुभाष कुमार गुप्ता ने स्थापना शाखा के निम्न वर्गीय लिपिक जफर अली को निलंबित कर दिया है।

वहीं, मुख्यालय के निर्देश पर तत्कालीन डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी के विरुद्ध प्रपत्र क गठित किया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

आरडीडीई सुभाष कुमार गुप्ता ने बताया कि फर्जी शिक्षिका की आईडी बनाने में स्थापना शाखा के लिपिक जफर अली की मेकर आईडी का इस्तेमाल किया गया था।

आरोप है कि आपरेटर अविनाश राज ने 29 मार्च 2026 को बैक डेट में वर्ष 2025 की ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर तनुश्री नाम की फर्जी शिक्षिका की आईडी तैयार की थी।

इसके बाद इसी फर्जी आईडी के माध्यम से वेतन भुगतान कर सरकारी राशि का गबन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए निदेशक प्रशासन के निर्देश पर लिपिक को निलंबित किया गया है।

हालांकि, इस मामले में जफर अली की भूमिका और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि स्थापना शाखा के निम्न वर्गीय लिपिक जफर अली को इस संदर्भ में कोई जानकारी भी नहीं थी कि उनके नाम से मेकर आईडी है।

अब यह भी जांच का विषय है कि बिना जफर अली के जानकारी के ही किसके कहने पर उसका मेकर आईडी बनाया गया था।

पहले निलंबित हो चुके हैं दो अधिकारी

98.12 लाख रुपये के गबन मामले में इससे पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी को मुख्यालय स्तर से निलंबित किया जा चुका है।

वहीं, मामले में नामजद लिपिक शिशिर कुमार झा फरार बताया जा रहा है, जबकि संविदा पर कार्यरत आपरेटर अविनाश राज जेल में बंद है।

फर्जीवाड़े की परतें खुलने के साथ बढ़ रही कार्रवाई

शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान की प्रक्रिया और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) में फर्जी आईडी तैयार किए जाने का मामला सामने आने के बाद से लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है।

इस मामले में अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। फर्जी शिक्षिका के नाम पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या अनियमितता हुई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

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