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₹226 करोड़ की ड्रेनेज योजना का आज ग्राउंड टेस्ट, भागलपुर में 74 किमी नालों व 6 पंपिंग स्टेशनों की होगी तकनीकी जांच

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:34 AM (IST)

Bhagalpur Storm Water Drainage Project: भागलपुर में जलजमाव की गंभीर समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए 226.76 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

Bhagalpur Storm Water Drainage Project: भागलपुर में ₹226 करोड़ की ड्रेनेज योजना की तकनीकी समीक्षा आज

Bhagalpur Storm Water Drainage Project: भागलपुर में ₹226 करोड़ की ड्रेनेज योजना की तकनीकी समीक्षा आज

HighLights

  1. ₹226 करोड़ की ड्रेनेज योजना पर काम तेज।

  2. नगर निगम-बुडको टीम करेगी स्थलीय निरीक्षण।

  3. जलजमाव से स्थायी निजात दिलाना लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Storm Water Drainage Project:  भागलपुर महानगर को जलजमाव की गंभीर समस्या से स्थायी निजात दिलाने के उद्देश्य से 226.76 करोड़ रुपये की लागत वाली स्टार्म वाटर ड्रेनेज योजना पर काम तेज हो गया है। योजना को धरातल पर उतारने से पहले किसी भी तरह की तकनीकी खामी से बचने के लिए नगर निगम प्रशासन ने इसकी समीक्षा शुरू कर दी है।

इसके तहत गुरुवार को नगर निगम और बुडको (BUIDCO) के अभियंताओं व अधिकारियों की एक संयुक्त टीम प्रस्तावित ड्रेनेज नेटवर्क के विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार नालों का निर्माण होने पर पानी की प्राकृतिक निकासी में कहीं कोई रुकावट न आए।

शहर में बारिश के दिनों में उत्पन्न होने वाले जलभराव के स्थायी समाधान के लिए तैयार योजना में 74 किलोमीटर लंबे पक्के नालों का जाल बिछाने, छह अत्याधुनिक ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और नालों में कचरा व गाद रोकने के लिए 500 प्रमुख सिल्ट ट्रैप बनाने का प्रस्ताव है। डीपीआर निर्माण एजेंसी यूनिफार्म इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक ड्राफ्ट पर मेयर, उपमेयर और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों के बाद अब तकनीकी टीम इसके एक-एक रूट का भौतिक सत्यापन कर रही है।

नगर आयुक्त ने बनाई विशेष टीम, ढलान और आउटफॉल पर नजर

बुधवार को नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यालय में बुडको और नगर निगम के अभियंताओं की समन्वय बैठक हुई। इसमें ड्रेनेज योजना के तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। इस टीम में बुडको व निगम के अभियंताओं के साथ-साथ तीन उपनगर आयुक्तों और योजना शाखा के पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।

यह टीम गुरुवार को शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर यह परखेगी कि डीपीआर में प्रस्तावित नालों की चौड़ाई, गहराई और पानी के बहाव की दिशा स्थानीय बनावट के अनुकूल है या नहीं। इसके अलावा नालों का आपसी जुड़ाव और पानी का अंतिम डिस्चार्ज पॉइंट (आउटफॉल) सही स्थान पर है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी ताकि निर्माण पूरा होने के बाद किसी नए इलाके में जलभराव का संकट पैदा न हो।

लोहिया पुल से अलीगंज तक फोरलेन नाले का होगा मिलान

निरीक्षण दल का विशेष फोकस शहर के दक्षिणी इलाके पर रहेगा। वर्तमान में लोहिया पुल से अलीगंज तक पथ निर्माण विभाग द्वारा फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें सड़क के दोनों ओर नाले भी बनने हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पथ निर्माण विभाग के इस नाले का पानी किस मुख्य नाले से होकर गुजरेगा और वह नगर निगम के मास्टर ड्रेनेज प्लान से कैसे जुड़ेगा।

यदि दोनों विभागों की योजनाओं में उचित समन्वय नहीं रहा, तो भविष्य में जलनिकासी बाधित हो सकती है। इसी जोखिम को समाप्त करने के लिए संयुक्त टीम सड़क किनारे बनने वाले नाले की क्षमता, ढलान और निगम के प्रस्तावित नेटवर्क से उसके जुड़ाव का तकनीकी आकलन करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि निर्माण के बाद आसपास के रिहायशी इलाकों में जलजमाव की आशंका तो नहीं है।

डीपीआर संशोधन के बाद ही मिलेगी वित्तीय स्वीकृति

नगर निगम प्रशासन की प्राथमिकता है कि योजना की डीपीआर को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाया जाए। गुरुवार को होने वाले स्थल निरीक्षण के दौरान जो भी व्यावहारिक सुझाव और कमियां सामने आएंगी, उनके आधार पर डीपीआर में तुरंत आवश्यक सुधार कराया जाएगा। इसके उपरांत ही संशोधित तकनीकी रिपोर्ट को राज्य सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग को अंतिम वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के लिए अग्रसारित किया जाएगा, ताकि निर्माण शुरू होने के बाद शहरवासियों को जलजमाव से मुकम्मल राहत मिल सके।

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