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भागलपुर में सड़क पर कटा पैर देख मची भारी सनसनी, CCTV खुला तो 2 नामचीन डॉक्टरों पर लगा ₹50-50 हजार का जुर्माना

Published: Sat, 11 Jul 2026 06:15 PM (IST)

भागलपुर के हटिया रोड पर सड़क किनारे मानव का कटा पैर मिलने से हड़कंप मच गया, जिसकी जांच में अवैध ...और पढ़ें

भागलपुर में बीच सड़क पर इंसानी पैर फेंकने वाले डॉक्टरों पर चला निगम का चाबुक; लगा 1 लाख का जुर्माना

भागलपुर में बीच सड़क पर इंसानी पैर फेंकने वाले डॉक्टरों पर चला निगम का चाबुक; लगा 1 लाख का जुर्माना

HighLights

  1. भागलपुर में सड़क किनारे मिला कटा हुआ मानव पैर।

  2. सीसीटीवी फुटेज से क्लीनिक कर्मचारी की लापरवाही उजागर।

  3. दो डॉक्टरों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। सिल्क सिटी भागलपुर के अतिव्यस्त तिलकामांझी हटिया रोड पर शुक्रवार की सुबह उस वक्त खौफ का माहौल बन गया, जब राहगीरों की नजर सड़क किनारे पड़े एक इंसानी अंग पर पड़ी। सड़क किनारे एक मानव का कटा हुआ पैर देखकर वहां से गुजर रहे लोग पूरी तरह दहल गए और इलाके में देखते ही देखते यह बात आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों को आशंका हुई कि यह किसी की बेरहमी से हत्या कर शव को छिपाने की बड़ी साजिश है, जिसके बाद करीब आधे घंटे तक मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।

वार्ड पार्षद की सूचना पर जांच करने पहुंची नगर निगम की टीम

इस खौफनाक मामले की भनक जब स्थानीय वार्ड पार्षद को मिली तो वे तुरंत स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम को आपात सूचना दी। नगर निगम की टीम जब पूरे दलबल के साथ मौके पर जांच के लिए पहुंची, तब जाकर इस खौफनाक रहस्य के पीछे का एक बेहद हैरान करने वाला सच समाज के सामने आया। गहनता से की गई जांच में पता चला कि वह कटा हुआ पैर किसी मर्डर मिस्ट्री का हिस्सा नहीं, बल्कि हटिया रोड स्थित डॉ. मनोज राम के क्लीनिक से फेंका गया एक मरीज का पैर था।

CCTV फुटेज में खुली पोल, कर्मचारी ने सड़क पर फेंका था पैर

नगर निगम के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी जयप्रकाश यादव और स्वच्छता पदाधिकारी शशि भूषण सिंह ने तुरंत डॉ. मनोज राम के क्लीनिक में दबिश दी और वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाला। वीडियो फुटेज देखने पर साफ हो गया कि क्लीनिक के ही एक लापरवाह कर्मचारी ने ऑपरेशन के बाद कटे हुए मानव पैर को कचरा समझकर सरेआम सड़क पर फेंक दिया था। जांच टीम के सामने रंगे हाथ पकड़े जाने पर कर्मचारी ने रोते हुए अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद निगम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. मनोज राम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया।

डॉ. सोमेन चटर्जी पर भी लगा 50 हजार का भारी जुर्माना

अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर द्वारा जुर्माने की राशि तुरंत जमा करने पर सहमति जताने और भविष्य के लिए शपथ पत्र देने के कारण उनके खिलाफ फिलहाल एफआईआर (मुकदमा) दर्ज नहीं की गई। इसी जांच अभियान के दौरान पास में ही स्थित डॉ. सोमेन चटर्जी के क्लीनिक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी बारीकी से जांच की गई, जिसमें एक और बड़ी लापरवाही उजागर हुई। वीडियो फुटेज में डॉ. सोमेन चटर्जी के क्लीनिक का कर्मचारी भी खुलेआम मेडिकल वेस्ट (बायोमेडिकल कचरा) सड़क पर फेंकता दिखा, जिसपर निगम ने उन पर भी तत्काल 50 हजार का जुर्माना लगा दिया।

क्या है सरकारी नियम, जिसका सर्जन उड़ा रहे हैं सरेआम धज्जियां?

नगर निगम के अधिकारियों ने दोनों डॉक्टरों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा ऐसी घोर लापरवाही मिली, तो भारी जुर्माने के साथ सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी। नियम के मुताबिक, यदि कोई डॉक्टर मरीज का अंग काटता है, तो उसके निष्पादन के लिए 'सिनर्जी वेस्ट मैनेजमेंट' कंपनी को लिखित सूचना और बीमारी का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होता है। इसके बाद कंपनी के विशेषज्ञ आकर उस मानव अंग को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि भागलपुर के अधिकांश सर्जन पिछले एक साल से इस कड़े नियम की धज्जियां उड़ा रहे हैं।