भागलपुर: गंगा के कटाव पर एक्शन मोड में प्रशासन, खरीक में सुस्त काम पर भड़कीं डीएम अलंकृता पांडेय
भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने खरीक अंचल में गंगा नदी के कटाव निरोधी कार्य में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है।

गंगा के कटाव पर एक्शन मोड में प्रशासन, खरीक में सुस्त काम पर भड़कीं डीएम अलंकृता पांडेय (फाइल फोटो)
HighLights
जिलाधिकारी ने कटाव कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताई।
कार्यपालक अभियंता से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया।
जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। खरीक अंचल के अंतर्गत बाबा ब्रह्मस्थान के पास गंगा नदी के कटाव से बचाव कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिलाधिकारी ने कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं होने और कटाव निरोधी कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराने पर नाराजगी जताई है। जिलाधिकारी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, नौ अक्टूबर की संध्या में खरीक अंचल के बाबा ब्रह्मस्थान के पास कटाव की सूचना प्राप्त हुई थी।
इसके बाद कटाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए सैंडबैग, जिओ बैग सहित अन्य आवश्यक तकनीकी उपाय तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है।
निरीक्षण में नहीं दिखी अपेक्षित प्रगति
जिलाधिकारी के पत्र में कहा गया है कि 10 अक्टूबर को कटाव प्रभावित स्थल के निरीक्षण के दौरान बचाव कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। कटाव निरोधी कार्य में तेजी नहीं दिखी और स्थल पर आवश्यक उपकरण एवं संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था भी नजर नहीं आई, जबकि गंगा के कटाव से तटबंध और आसपास के इलाके को बचाने के लिए समय पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी थी।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कटाव प्रभावित स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और कार्य की निगरानी को लेकर अपेक्षित तत्परता नहीं दिखी। ऐसे संवेदनशील मामले में अधिकारियों की उदासीनता से स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए बचाव कार्य में तेजी लाने और आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
24 घंटे में देना होगा जवाब
जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्ट और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। पत्र में कहा गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए विभाग को प्रतिवेदित किया जाएगा।
पत्र की प्रतिलिपि अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी और विभागीय वरीय अधिकारियों को भी भेजी गई है।
प्रशासन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कटाव निरोधी कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
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