भागलपुर, जेएनएन। बाढ़ के दौरान खाने-पीने और रहने की दिक्कत नहीं होगी। जहां चलंत शौचालय की आवश्यकता हो, वहां इसकी व्यवस्था की जाए। डीएम प्रणव कुमार ने यह निर्देश बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा के दौरान दी। डीएम ने सभी अंचालाधिकारी को निर्देश दिया कि वे वर्षा मापक यंत्र का नियमित मॉनीटरिंग करें। सभी छोटी-बड़ी नावों का एकरारनामा कर लें। जिस दिन से बाढग़स्त क्षेत्रों में पानी आ जाए, उसी दिन से नाव का परिचालन शुरू कर दें। सरकारी नावों पर निशुल्क परिचालन अंकित रहना चाहिए। नाव का लॉकबुक तैयार किया जाएगा। साथ ही नावों का निबंधन कराना जरूरी होगा।

डीएम ने कहा कि पॉलीथिन सीट अनुमंडल में उपलब्ध रहेगा। लाइफ जैकेट, महाजाल एवं टेंट आदि का भौतिक सत्यापन कर लें। मरम्मत के लायक हो तो तुरंत मरम्मत करा लें। एसडीआरएफ से रिफ्रेस ट्रेनिंग अनुमंडलवार करा दें।

आश्रय स्थल, सामुदायिक किचन सभी सरकारी सार्वजनिक भवन एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेगा। मध्याह्न भोजन का रसोइया सामुदायिक किचन में काम करेंगे। आश्रय स्थल में शारीरिक दूरी का पालन होगा। उन्होंने आश्रय स्थल के लिए ज्यादा से ज्यादा भवनों को चिन्हित करने का निर्देश दिया। उन्होने निर्देश दिया कि कोविड सेंटर के लिए जिस सरकारी भवनों का उपयोग किया गया है, उसमें बिजली-पानी, साफ-सफाई के लिए आवश्यकतानुसार आदमी रखें। आश्रय स्थल की सूची अंचलाधिकारी दो दिनों के अंदर भेजेंगे। डीएम ने पशु कैंप के लिए अलग से जगह चिन्हित करने का निर्देश। जिला पशुपालन पदाधिकारी वहां चारा एवं समुचित पशु दवा की व्यवस्था रखेंगे। साथ ही जो पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिनियुक्त होंगे, उसका मोबाइल नंबर के साथ सूची उपलपब्ध कराएंगे।

उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि आश्रय स्थल, राहत शिविर पर मेडिकल कैंप की व्यवस्था करें। पर्याप्त मात्र में दवा की व्यवस्था (हेलोजन टेबलेड, ओआरएस का पैकेट, ब्लीचिंग पाउडर) रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रतिनियुक्त डाक्टर एवं कर्मी का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष टुनटुन साह, अपर समाहर्ता राजेश झा राजा, डीआरडीए निदेशक प्रमोद कुमार पांडेय, तीनों अनुमंडल पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता, सिविज सर्जन, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी समेत अन्य विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।

भूमि विवाद निपटाने और बाढ़ पूर्व तैयारी को बनी योजना

नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश कुमार ने भूमि विवाद निपटाने और बाढ़ से पूर्व तैयारी के लिए बैठक की। एसडीओ ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण भूमि विवाद के बहुत से मामले लंबित हो गए होंगे। एक माह से अधिक लंबित आवेदन को अगले दस दिन में निष्पादन करने का निर्देश दिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पूर्व से आकलन कर सूची उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया। सीओ को कहा कि नाव मालिक से तीन माह के लिए नौका परिचालन के लिए एग्रीमेंट कर लें। आश्रय स्थल बनाने के लिए जगह चिन्हित कर लें। वहां शौचालय व पेयजल की व्यवस्था भी करना हैं। बिहपुर प्रखंड के गोविंदपुर में नदी के कटाव से तीन लोगों के घर कट गया हैं। बिहपुर सीओ को निर्देश दिया गया कि स्थल निरीक्षण कर पीडि़त परिवार को बाढ़ आपदा के तहत मिलने वाली सहायता को उपलब्ध करवाएं। इस मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रवेंद्र भारती, परबत्ता थानाध्यक्ष रामचंद्र यादव, गोपालपुर थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती, बिहपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार, झंडापुर ओपी प्रभारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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