नक्शे पर खोजे नदियों के उद्गम! भागलपुर जिला स्कूल में शिक्षक बने DDC, 21 मॉडल स्कूलों में PTM; कई केंद्रों से अफसर गायब
Bhagalpur Model School PTM Inspection: भागलपुर में उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने जिला स्कूल मॉडल का निरीक्षण किया और ...और पढ़ें
HighLights
डीडीसी रवि राकेश ने जिला स्कूल मॉडल का निरीक्षण किया।
21 मॉडल स्कूलों में नया परीक्षा कैलेंडर लागू किया गया।
कई नामित अधिकारी निरीक्षण के लिए अनुपस्थित पाए गए।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Model School PTM Inspection: कक्षा के ब्लैकबोर्ड के पास भारत का भौतिक नक्शा टंगा था और नौवीं कक्षा के विद्यार्थी पूरी एकाग्रता के साथ उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रवि राकेश द्वारा पूछे जा रहे सवालों के जवाब तलाश रहे थे। मौका था बुधवार को जिला स्कूल मॉडल में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) और निरीक्षण का।
क्लासरूम में पहुंचे डीडीसी ने जब एक अनुभवी शिक्षक की तरह कमान संभाली, तो बच्चों का उत्साह देखते ही बना। डीडीसी ने छात्रों को मानचित्र पर देश की प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल पहचानने का टास्क दिया। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ नक्शे पर उंगलियां फेरते हुए नदियों का सफर तय किया और उनके उद्गम स्थलों को सटीक रूप से खोज निकाला।
डीडीसी ने बच्चों को मानचित्र अध्ययन के जरिए भूगोल को व्यवहारिक रूप से समझने के कई रोचक गुर सिखाए। इस दौरान विद्यालय पहुंचे 100 से अधिक अभिभावकों से भी उन्होंने बातचीत कर पठन-पाठन और बुनियादी सुविधाओं का फीडबैक लिया।
दरअसल, शिक्षा विभाग के निर्देश पर बुधवार को भागलपुर जिले के सभी 21 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, आधारभूत संरचना और अभिभावक-शिक्षक संवाद की जमीनी हकीकत परखने के लिए वृहद निरीक्षण अभियान चलाया गया था।
मॉडल स्कूलों में नया परीक्षा व मूल्यांकन कैलेंडर
माहवार परीक्षा कैलेंडर: सभी 21 मॉडल स्कूलों में सीखने के स्तर का नियमित आकलन करने के लिए तैयार होगा वार्षिक/माहवार रोस्टर।
यूनिट टेस्ट का दिन: प्रत्येक मंगलवार को विषयवार यूनिट टेस्ट का आयोजन।
अवकाश की स्थिति: मंगलवार को सरकारी अवकाश होने पर अगले कार्यदिवस (बुधवार) को ली जाएगी परीक्षा।
परिणाम की घोषणा: शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं का त्वरित मूल्यांकन कर शनिवार को छात्रों को अंकों से अवगत कराएंगे।
कॉपियों की वापसी: सोमवार को जांची गई उत्तर पुस्तिकाएं अनिवार्य रूप से छात्रों को लौटाई जाएंगी, ताकि वे अपनी गलतियों में सुधार कर सकें।
इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग विद्यालयों में नामित किया गया था। हालांकि, जमीनी स्तर पर प्रशासनिक गंभीरता की पोल उस वक्त खुल गई, जब जिले के आधे से अधिक मॉडल स्कूलों में नामित अधिकारी जांच के लिए पहुंचे ही नहीं। जिन स्कूलों में अधिकारी नहीं पहुंचे, वहां शिक्षकों और अभिभावकों ने अपने स्तर पर संगोष्ठी संपन्न कराई।
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कहलगांव में पहुंचे एसडीओ
कहलगांव स्थित ऐतिहासिक शारदा पाठशाला मॉडल स्कूल में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) ने स्वयं कक्षाओं में पहुंचकर पठन-पाठन की गुणवत्ता देखी, बच्चों से संवाद किया और अभिभावकों के साथ बैठक की। जगदीशपुर मॉडल स्कूल में भी प्रतिनियुक्त नामित अधिकारी ने निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वहीं, सुल्तानगंज के कृष्णानंद सूर्यमल इंटर स्तरीय मॉडल स्कूल में स्थानीय स्तर पर प्रभारी बीईओ तनु कुमारी तो पहुंचीं, लेकिन नामित अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनुपस्थित रहे, जिसे लेकर विद्यालय स्तर से रिपोर्ट तलब की गई है।
सुल्तानगंज में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रहे नदारद
दूसरी ओर, शहर के मोक्षदा इंटर बालिका मॉडल स्कूल, बिहपुर के नकछेदी कुंवर प्लस टू मॉडल स्कूल, पीरपैंती के लक्ष्मी नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय मलिकपुर और गोराडीह स्थित सरस्वती विद्या निकेतन बिरनौद में भी प्रतिनियुक्त अधिकारी नहीं पहुंचे। बिरनौद में जुटे 20 से 25 अभिभावकों के बीच शिक्षकों ने संवाद स्थापित किया और छात्रों को 12वीं के बाद रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
हर मंगलवार यूनिट टेस्ट
विद्यार्थियों के सतत मूल्यांकन और उनकी शैक्षणिक प्रगति को धार देने के लिए जिले के सभी 21 मॉडल स्कूलों में एक कड़ा परीक्षा कैलेंडर लागू किया जा रहा है। इसके तहत अब प्रत्येक मंगलवार को अनिवार्य रूप से विषयवार यूनिट टेस्ट लिया जाएगा। यदि मंगलवार को कोई सार्वजनिक अवकाश रहता है, तो परीक्षा अगले कार्यदिवस यानी बुधवार को आयोजित की जाएगी।
शनिवार को परिणाम और सोमवार को कॉपियां होंगी वापस
शिक्षकों को कॉपियों के त्वरित मूल्यांकन का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत शनिवार तक परिणाम घोषित कर बच्चों को उनके अंक बताए जाएंगे। इसके बाद सोमवार को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं बच्चों को वापस सौंपी जाएंगी, ताकि अभिभावक भी अपने बच्चों की कमजोरियों और प्रगति की नियमित निगरानी कर सकें।
