10 दिन रास्ता बंद कर दिन-रात काम या वैकल्पिक मार्ग? भागलपुर भोलानाथ फ्लाइओवर के पिलर पर निगम नहीं ले पा रहा फैसला, रेलवे भी चुप
Bholanatha Flyover Bhagalpur Pillar Construction भागलपुर में 86.17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भोलानाथ फ्लाईओवर का इशाकचक पिलर ...और पढ़ें

Bholanatha Flyover Bhagalpur Pillar Construction: भोलानाथ फ्लाइओवर का इशाकचक पिलर निर्माण अटका; रास्ता बंद होने के डर से फंसा काम, गार्डर लांचिंग की अनुमति भी लंबित
HighLights
इशाकचक पिलर निर्माण के कारण भोलानाथ फ्लाईओवर का काम अटका।
यातायात बाधित होने के डर से निगम फैसला लेने में असमर्थ।
परियोजना 15 माह पीछे, जून 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bholanatha Flyover Bhagalpur Pillar Construction शहर के बहुप्रतीक्षित 86.17 करोड़ रुपये की लागत से मिरजानहाट शीतला स्थान और भीखनपुर गुमटी नंबर तीन के बीच बन रहे भोलानाथ फ्लाइओवर का निर्माण कार्य एक बार फिर गंभीर गतिरोध में फंस गया है। फ्लाइओवर के लिए इशाकचक की ओर जाने वाले रास्ते पर पिलर का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
पिलर का काम शुरू होते ही इशाकचक का मुख्य आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ के पिलर पर काम शुरू होते ही भोलानाथ अंडरपास से इशाकचक विषहरी स्थान की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग भी बंद करना पड़ेगा। रास्ता बंद होने से हजारों स्थानीय नागरिकों को होने वाली फजीहत और संभावित जनाक्रोश को देखते हुए निगम पिलर का ढांचा खड़ा करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
पुल निर्माण निगम ने इस पिलर के निर्माण के लिए जमीन के अंदर पाइलिंग का काम तो काफी पहले ही पूरा करा लिया है, लेकिन इसके ऊपर का सुपर स्ट्रक्चर और पिलर ढलाई का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। तकनीकी दृष्टि से बिना मुख्य मार्ग को बंद किए इस संकीर्ण इलाके में पिलर खड़ा करना संभव नहीं है। ऐसे में जब तक स्थानीय आबादी के लिए किसी वैकल्पिक मार्ग की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक काम को गति देना असंभव नजर आ रहा है।
10 दिन दिन-रात काम कराने का मिला था सुझाव, पर फैसला नहीं
हाल ही में पुल निर्माण निगम और पूर्व रेलवे के अभियंताओं की संयुक्त टीम ने निर्माण स्थल का जायजा लिया था। इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने दो-टूक शब्दों में स्पष्ट किया था कि सुरक्षा मानकों के तहत रास्ता बंद किए बिना पिलर निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।
86.17 करोड़ की लागत से बन रहे भोलानाथ फ्लाइओवर के इशाकचक पिलर का काम पाइलिंग के बाद ठप, रास्ता बंद होने से फंसा पेच
इशाकचक और विषहरी स्थान मार्ग बंद होने पर जनता के विरोध का डर; 10 दिन दिन-रात काम या वैकल्पिक रास्ते पर अनिर्णय
पिलर का काम अधूरा रहने से मालदा रेल मंडल में अटकी गार्डर लांचिंग की स्वीकृति; 35 करोड़ से अधिक का हो चुका भुगतान
जून 2025 की तय समय-सीमा से 15 माह पीछे चल रही परियोजना; सरकार ने अगले साल 30 जून तक काम पूरा करने का दिया अल्टीमेटम
अधिकारियों ने यह व्यावहारिक सुझाव भी दिया था कि यदि मार्ग अवरुद्ध करना ही पड़े, तो लगभग 10 दिनों के लिए यातायात को पूरी तरह रोककर दिन-रात 24 घंटे युद्धस्तर पर काम कराया जाए, ताकि पिलर का स्ट्रक्चर जल्द खड़ा हो सके और लोगों की परेशानी कम से कम रहे। हालांकि इस सकारात्मक सुझाव के बावजूद निगम अब तक कोई ठोस कार्ययोजना धरातल पर नहीं उतार सका है।
मालदा रेल मंडल में अटकी गार्डर लांचिंग की स्वीकृति
इशाकचक छोर पर पिलर का निर्माण अधर में लटकने का सीधा असर रेलवे ट्रैक के ऊपर होने वाली गार्डर लांचिंग पर पड़ रहा है। पिलर तैयार न होने की वजह से ही पूर्व रेलवे के मालदा मंडल से गार्डर लांचिंग की औपचारिक अनुमति अब तक नहीं मिल पाई है। लांचिंग की विस्तृत स्कीम और सुरक्षा अनापत्ति मालदा रेलवे कार्यालय में लंबित पड़ी है। तकनीकी जानकारों के अनुसार जब तक पिलर बनकर तैयार नहीं हो जाता और उसका लोड बेयरिंग टेस्ट नहीं हो जाता, तब तक रेलवे ट्रैक के ऊपर गार्डर चढ़ाने की हरी झंडी नहीं दे सकता।
15 माह लेट हुई परियोजना, अगले साल 30 जून तक का अल्टीमेटम
भोलानाथ फ्लाइओवर का निर्माण कार्य 12 जून 2023 को आरंभ हुआ था और संविदा की शर्तों के तहत इसे 11 जून 2025 तक हर हाल में बनकर तैयार हो जाना चाहिए था। यह परियोजना अपनी निर्धारित समय-सीमा से करीब 15 माह पिछड़ चुकी है। भौतिक प्रगति की बात करें तो अब तक फाउंडेशन का करीब 98 प्रतिशत, सब-स्ट्रक्चर का 87 प्रतिशत और सुपर-स्ट्रक्चर का लगभग 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। एजेंसी को अब तक 35 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
लगातार हो रही देरी के बीच राज्य सरकार ने निर्माण एजेंसी को कड़ा रुख दिखाते हुए अगले साल 30 जून तक फ्लाइओवर का काम अनिवार्य रूप से पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम थमाया है। ऐसे में यदि इशाकचक पिलर और रेलवे गार्डर लांचिंग की अड़चनों को फौरी तौर पर नहीं सुलझाया गया, तो तय मियाद में शहरवासियों को जाम से मुक्ति दिलाना संभव नहीं होगा।
