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भागलपुर-हंसडीहा मार्ग पर भलजोर पुल के गर्डर में आई दरार, भारी वाहनों का परिचालन होगा बंद; डायवर्जन रूट देखें

Published: Tue, 29 Sep 2026 01:05 AM (IST)

Bhaljor Bridge Damaged: भागलपुर-हंसडीहा मार्ग पर स्थित 70 साल पुराना भलजोर पुल गर्डर में दरार आने के कारण खतरनाक हो ...और पढ़ें

Bhaljor Bridge Damaged: भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर सुखनिया नदी पर बना पुल जर्जर।

Bhaljor Bridge Damaged: भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर सुखनिया नदी पर बना पुल जर्जर।

HighLights

  1. भलजोर पुल के गर्डर में दरार, भारी वाहनों पर प्रतिबंध।

  2. एक सप्ताह में बैरियर, गोड्डा-पंजवारा से होगा डायवर्जन।

  3. मरम्मत में लगेंगे दो माह, नया फोरलेन पुल भी बनेगा।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhaljor Bridge Damaged: भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर सुखनिया नदी पर स्थित लगभग 70 साल पुराना भलजोर पुल उचित रखरखाव और मेंटेनेंस के अभाव में खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। पुल के मुख्य गर्डर में गहरी दरारें उभर आई हैं, जिसके कारण इस महत्वपूर्ण ढांचे के कभी भी ध्वस्त होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।

किसी भी संभावित बड़े हादसे को टालने के लिए एनएच (राष्ट्रीय उच्चमार्ग) प्रशासन ने इस पुल से भारी वाहनों के परिचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। विभागीय योजना के अनुसार, आगामी एक सप्ताह के भीतर पुल के दोनों मुहानों पर लोहे का मजबूत बैरियर लगा दिया जाएगा, जिससे भारी ट्रकों, ट्रेलरों और भारी लोड वाले वाहनों का प्रवेश बंद हो जाएगा।

30 से 35 किमी का अतिरिक्त चक्कर, गोड्डा-पंजवारा से डायवर्जन

पुल पर बैरियर लगने के बाद मरम्मत कार्य संपन्न होने तक भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इस अवधि में सभी भारी व्यावसायिक वाहनों को हंसडीहा से मोड़कर गोड्डा और पंजवारा होते हुए भागलपुर की ओर भेजा जाएगा।

भलजोर पुल बंदी व ट्रैफिक डायवर्जन

  • स्थान: भलजोर पुल, भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग।

  • पुल की उम्र व स्थिति: लगभग 70 वर्ष पुराना, मुख्य लोड-बेयरिंग गर्डर में दरार।

  • सुरक्षात्मक कदम: 1 सप्ताह में हाइट बैरियर लगाकर भारी वाहनों (ट्रक, ट्रेलर, भारी बसें) का प्रवेश बंद।

  • वैकल्पिक मार्ग (डायवर्जन): हंसडीहा $\rightarrow$ गोड्डा $\rightarrow$ पंजवारा $\rightarrow$ भागलपुर।

  • अतिरिक्त दूरी व प्रभाव: वाहनों को 30 से 35 किमी अधिक चक्कर लगाना पड़ेगा, ईंधन व समय की होगी अतिरिक्त खपत।

  • मरम्मत कार्य अवधि: निविदा व एजेंसी चयन के बाद मरम्मत में लगेंगे करीब 2 माह।

  • स्थायी समाधान: सुखनिया नदी पर नया फोरलेन पुल प्रस्तावित, एजेंसी तय; नए पुल के बाद पुराना ढांचा टूटेगा।

इस वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करने के कारण मालवाहक वाहनों को लगभग 30 से 35 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे न केवल ढुलाई का समय बढ़ेगा बल्कि ईंधन पर भी अतिरिक्त खर्च आएगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि मरम्मत चलने के दौरान कार, बाइक, ऑटो और अन्य हल्के वाहनों के आवागमन पर कोई रोक नहीं होगी।

निविदा प्रक्रिया जल्द, मरम्मत में लगेंगे दो माह

राष्ट्रीय उच्चमार्ग (NH) के अभियंता ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त गर्डर और स्लैब के मेंटेनेंस के लिए तकनीकी एजेंसी का चयन किया जाना है। इसके लिए जल्द ही औपचारिक निविदा (टेंडर) जारी की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया और एजेंसी के चयन के बाद मरम्मत का काम मौके पर शुरू कराया जाएगा, जिसे पूरी तरह दुरुस्त करने में लगभग दो महीने का समय लग सकता है।

सुखनिया नदी पर बनेगा नया फोरलेन पुल

इस मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव और पुराने पुल की मियाद खत्म होने को देखते हुए सुखनिया नदी पर एक नया फोरलेन पुल स्वीकृत किया गया है। एनएच अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नए फोरलेन पुल के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी का चयन पहले ही पूरा कर लिया गया है और धरातल पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। नया फोरलेन पुल बनकर तैयार और चालू हो जाने के बाद इस जर्जर हो चुके पुराने भलजोर पुल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा।

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