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भागलपुर में औरंगजेब हत्याकांड का फैसला! कुख्यात शाहरुख और सागर को उम्रकैद, 50-50 हजार जुर्माना; अजहर हुआ बरी

Published: Tue, 29 Sep 2026 11:47 AM (IST)

Bhagalpur Aurangzeb Murder Case भागलपुर व्यवहार न्यायालय ने औरंगजेब हत्याकांड में कुख्यात शाहरुख और सागर को आजीवन कारावास की सजा ...और पढ़ें

Bhagalpur Aurangzeb Murder Case

Bhagalpur Aurangzeb Murder Case 

HighLights

  1. औरंगजेब हत्याकांड में शाहरुख और सागर को आजीवन कारावास की सजा।

  2. दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड, अजहर को किया बरी।

  3. यह मामला मादक पदार्थों के अवैध धंधे के वर्चस्व से जुड़ा था।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Aurangzeb Murder Case भागलपुर व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम संजय प्रिया की अदालत ने सोमवार को तातारपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित मुहम्मद औरंगजेब हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने मामले के मुख्य अभियुक्त कुख्यात मुहम्मद शाहरुख और मुहम्मद सागर को दोषी करार देते हुए कठोर उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में दोनों को छह-छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं, मामले के तीसरे आरोपित मुहम्मद अजहर को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रिहा (बरी) करने का आदेश दिया। मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (एपीपी) दीप कुमार ने प्रभावी बहस की।

चार सितंबर 2021 को घर के सामने सटाकर मारी थी गोली

घटनाक्रम के अनुसार, 4 सितंबर 2021 की शाम करीब सवा सात बजे तातारपुर थाना क्षेत्र के जब्बारचक स्थित हकीम अमीर हसन लेन में मुहम्मद औरंगजेब की उसके घर के ठीक सामने गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। यह पूरी वारदात मादक पदार्थों (ब्राउन शुगर व नशीली दवाओं) की खरीद-बिक्री और भंडारण के अवैध धंधे के वर्चस्व से जुड़ी थी।

औरंगजेब हत्याकांड: पूरा घटनाक्रम एक नजर में

  • वारदात की तिथि व स्थल: 4 सितंबर 2021, हकीम अमीर हसन लेन (जब्बारचक), तातारपुर, भागलपुर।

  • विवाद की वजह: मादक पदार्थ (नशीले पदार्थ) की खरीद-बिक्री व भंडारण को लेकर वर्चस्व।

  • घटना का स्वरूप: घर से आवाज देकर बाहर बुलाया गया और सिर में सटाकर गोली मारकर हत्या की गई।

  • अदालत का फैसला:

    • मुहम्मद शाहरुख: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)।

    • मुहम्मद सागर: उम्रकैद + ₹50,000 अर्थदंड (न देने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास)।

    • मुहम्मद अजहर: साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त (बरी)।

  • कोर्ट परिसर में उपद्रव: 14 सितंबर को सजा टलने पर शाहरुख ने हाजत में मार्बल के टुकड़े से हवलदार दिनेश प्रसाद का सिर फोड़ दिया था, जिस पर तिलकामांझी थाने में अलग से दर्ज है केस।

मृतक के भाई मुहम्मद इरफान के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, घटना के वक्त इरफान घर के बाहर बाइक खड़ी कर रहा था, तभी शाहरुख अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचा और औरंगजेब को बात करने के बहाने बाहर बुलाया। घर के बाहर आते ही दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते बदमाशों ने औरंगजेब के सिर में पिस्टल सटाकर गोली दाग दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

कोर्ट में सिपाही पर हमला कर फोड़ दिया था सिर

गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व में 14 सितंबर को ही दोनों अभियुक्तों को सजा सुनाई जानी थी। पेशी के दौरान जब तकनीकी कारणों से सजा की तिथि आगे बढ़ाई गई, तो शाहरुख आपा खो बैठा और सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज करने लगा। बीच-बचाव कर रहे हवलदार दिनेश प्रसाद के साथ उसने धक्का-मुक्की की और हाजत के भीतर फर्श पर पड़े मार्बल के नुकीले टुकड़े से हवलदार के सिर पर जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इसके बाद खुद को बचाने के लिए उसने स्वयं का सिर भी फोड़ लिया था।

हवलदार पर हमले के आरोप में शाहरुख के खिलाफ तिलकामांझी थाने में 14 सितंबर को अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। न्यायाधीश संजय प्रिया ने इस दुस्साहसिक घटना पर गंभीर संज्ञान लेते हुए एपीपी दीप कुमार से पूरे प्रकरण की जांच कराई थी और सजा के लिए 28 सितंबर की तिथि मुकर्रर की थी। सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत ने दोनों कुख्यातों को ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे भेजने का फैसला सुनाया। 

29 साल पुराने चोरी की संपत्ति छिपाने के मामले में फैसला

वहीं, एक अन्‍य मामले में- चोरी की संपत्ति को छिपाने और ठिकाने लगाने से जुड़े 29 वर्ष पुराने एक मामले में सोमवार को न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मामले के अभियुक्त सुनील तांती उर्फ सुनील शर्मा को दोषी करार देते हुए 20 माह के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त पर पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में सरकार की ओर से अभियोजन पदाधिकारी मनीष कुमार ने बहस में भाग लेकर प्रभावी दलीलें पेश कीं।

कजरैली नाबालिग दुष्कर्म कांड में छोटू कुमार दोषी करार

कजरैली थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने त्वरित सुनवाई करते हुए सोमवार को अपना फैसला सुनाया। पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश सुगंध प्रसाद की अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपित छोटू कुमार को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई और सजा सुनाने के लिए 30 सितंबर 2026 की तिथि निर्धारित की है। मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) शंकर जयकिशन मंडल ने बहस में भाग लेते हुए अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा।

डॉक्टर और आईओ सहित 6 गवाहों की गवाही पर टिका फैसला

यह पूरा मामला कजरैली थाना क्षेत्र में 30 अगस्त 2023 को घटी नाबालिग से दुष्कर्म की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से छोटू कुमार को नामजद आरोपित बनाते हुए कजरैली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच के बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई और 4 सितंबर 2024 को आरोपित के विरुद्ध आरोप (चार्ज) गठित किया गया था।

विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, चिकित्सक और केस के अनुसंधानकर्ता (आईओ) सहित कुल छह प्रमुख गवाहों का न्यायालय में परीक्षण कराया गया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपित को कसूरवार ठहराया।

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