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कांवड़‍ियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अजगैवीनाथ-देवघर पथ पर बनेंगी 4 धर्मशालाएं, 1-1 एकड़ जमीन चिह्नित करने के निर्देश

Published: Mon, 26 Oct 2026 11:03 AM (IST)

Kanwariya Path Dharamshala Land: भागलपुर जिला प्रशासन ने कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के लिए चार नई धर्मशालाएं बनाने की कवायद ...और पढ़ें

Kanwariya Path Dharamshala Land:  अजगैवीनाथ धाम से देवघर जाने वाला कच्चा कांवरिया पथ

Kanwariya Path Dharamshala Land:  अजगैवीनाथ धाम से देवघर जाने वाला कच्चा कांवरिया पथ

HighLights

  1. कांवरिया पथ पर चार नई धर्मशालाएं बनेंगी।

  2. प्रत्येक धर्मशाला के लिए एक एकड़ भूमि चिह्नित।

  3. लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा और आराम।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Kanwariya Path Dharamshala Land:विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला सहित सालों भर अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) की पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए सुखद खबर है। कांवरियों की लंबी और कठिन पदयात्रा को सुगम व सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कांवरिया पथ के किनारे चार महत्वपूर्ण स्थानों पर सर्वसुविधायुक्त धर्मशालाओं के निर्माण की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए प्रत्येक चयनित स्थल पर एक-एक एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित कर उसके निःशुल्क हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला राजस्व शाखा ने जारी किया निर्देश, तय हुई एक सप्ताह की मियाद

भागलपुर जिला राजस्व शाखा द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सावन के महीने में देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवरिया इसी मार्ग से होकर पैदल देवघर पहुंचते हैं। करीब 105 किलोमीटर की इस दुर्गम यात्रा में तपती धूप, बारिश और थकान के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठहराव, विश्राम, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की सर्वाधिक आवश्यकता होती है।

प्रशासन ने अजगैवीनाथ धाम के अंचलाधिकारी (सीओ) को निर्देशित किया है कि वे पत्र प्राप्ति के महज एक सप्ताह के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) के माध्यम से जांच रिपोर्ट और प्रस्ताव जिला राजस्व शाखा को उपलब्ध कराएं, ताकि भूमि हस्तांतरण की मंजूरी के बाद निर्माण का रास्ता साफ हो सके।

चार स्थानों पर एक-एक एकड़ भूमि का बनेगा अलग प्रस्ताव

कार्ययोजना के अनुसार, कांवरिया पथ पर रणनीतिक दूरी तय करते हुए ऐसे चार स्थानों का चयन किया जाएगा जहां पैदल यात्रियों का दबाव अधिक रहता है और विश्राम स्थलों की कमी है। प्रत्येक धर्मशाला परिसर के लिए कम से कम एक एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वहां बड़े हॉल, प्रतीक्षालय, स्वास्थ्य शिविर, स्नानागार और भोजन कक्ष का निर्माण सुनियोजित रूप से किया जा सके।

सीओ को निर्देशित किया गया है कि वे चारों स्थलों के लिए अलग-अलग निःशुल्क भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव तैयार करें। इसमें जमीन के रकबा, खाता, खेसरा, चौहद्दी और भूमि की विधिक स्थिति से जुड़े अभिलेख पूरी तरह त्रुटिरहित तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे तकनीकी या कानूनी अड़चन न आए।

श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगी सीधी राहत

कांवरिया पथ पर वर्तमान में निजी शिविरों और अस्थाई सेवा पंडालों के भरोसे अधिकांश व्यवस्थाएं टिकी रहती हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर चार पक्की और व्यवस्थित धर्मशालाओं का निर्माण होने से श्रद्धालुओं को मौसम की मार से सुरक्षा मिलेगी। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार कांवरियों के लिए यह धर्मशालाएं बेहद उपयोगी साबित होंगी। प्रशासन का प्रयास है कि भूमि हस्तांतरण की कागजी औपचारिकताएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि आगामी श्रावणी मेले से पूर्व निर्माण एजेंसी कार्य को धरातल पर उतार सके।

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