वर्धमान से गांजा ला रहीं 3 महिला तस्कर गिरफ्तार; भागलपुर में Whatsapp से खुला असम-मणिपुर से जुड़ा इंटरस्टेट नेटवर्क
Bhagalpur Kaviguru Express Ganja Smuggling: भागलपुर रेलखंड पर कविगुरु एक्सप्रेस से आरपीएफ और जीआरपी ने 17.65 किलोग्राम गांजा बरामद किया ...और पढ़ें

Bhagalpur Kaviguru Express Ganja Seized
HighLights
कविगुरु एक्सप्रेस के जनरल कोच से 17.65 किलोग्राम गांजा बरामद।
आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में तीन महिलाएं गिरफ्तार।
गिरफ्तार महिलाओं पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज।
जागरण संवाददाता, भागलपुर।Bhagalpur Kaviguru Express Ganja Seized:पश्चिम बंगाल के वर्धमान से ट्रेन के जरिए मादक पदार्थों की बड़ी खेप लेकर आ रहीं तीन अंतरराज्यीय महिला तस्करों को रेल पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने कविगुरु एक्सप्रेस में छापेमारी कर दबोच लिया है।
तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 17 किलोग्राम उच्च श्रेणी का गांजा बरामद किया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर नसीम अहमद को किसी मुखबिर ने सटीक इनपुट दिया था कि वर्धमान से तीन महिलाएं गांजे की बड़ी खेप लेकर कविगुरु एक्सप्रेस से भागलपुर के लिए निकली हैं।
सूचना का गोपनीय सत्यापन कराने के बाद वरीय रेल अधिकारियों के निर्देश पर रेल थाना और आरपीएफ की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने ट्रेन के भागलपुर पहुंचते ही सामान्य कोच की घेराबंदी कर तीनों महिलाओं को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पकड़ी गई महिलाओं की पहचान बरौनी थाना क्षेत्र के सिमरिया, कटिहार और पटना जिले के कासा दियारा की निवासी के रूप में हुई है। अभियान का नेतृत्व जीआरपी इंस्पेक्टर नसीम अहमद और आरपीएफ इंस्पेक्टर एके गिरी ने किया, जिसमें हेड कांस्टेबल उत्तम सरकार सहित महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।
मोबाइल से मिले चौंकाने वाले राज, असम-मणिपुर से जुड़े तार
गांजा तस्करी सिंडिकेट
ट्रेन व जब्ती: कविगुरु एक्सप्रेस; 17 किलोग्राम हाई-ग्रेड (उच्च श्रेणी) गांजा।
कहा से लाया जा रहा था: वर्धमान (पश्चिम बंगाल) से भागलपुर।
गिरफ्तार आरोपित: 3 महिलाएं (निवासी: सिमरिया-बरौनी, कटिहार और कासा दियारा-पटना)।
कार्रवाई टीम: जीआरपी इंस्पेक्टर नसीम अहमद, आरपीएफ इंस्पेक्टर एके गिरी, हेड कांस्टेबल उत्तम सरकार व महिला बल।
नेटवर्क का फैलाव: पश्चिम बंगाल, गुवाहाटी, मणिपुर, दीमापुर से बिहार के 15+ जिले।
डंपिंग जोन (भागलपुर): सबौर, औद्योगिक क्षेत्र, फतेहपुर, चौका, छोटी-बड़ी धनकर, आदमपुर, इशाकचक, बबरगंज, परबत्ती, नाथनगर, सजौर व बाइपास।
महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में जब आरोपितों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो देशव्यापी अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ। गिरफ्तार महिलाओं के पास से जब्त स्मार्टफोन्स की तकनीकी जांच में पश्चिम बंगाल, असम और मणिपुर के बड़े तस्करों के मोबाइल नंबर, कॉन्टैक्ट लिस्ट और व्हाट्सएप चैट मिले हैं।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह सूखा और गीला नशा सप्लाई करने की एक विशाल श्रृंखला चला रहा था। अलग-अलग टोलियों में बंटी महिलाएं गुवाहाटी, दीमापुर, मणिपुर और पश्चिम बंगाल से गांजा लेकर चलती थीं और शीर्ष सरगना के व्हाट्सएप कॉल पर मिले निर्देशों के आधार पर तय ठिकानों पर डिलीवरी देती थीं।
इस पूरे नेक्सस में भागलपुर, बरौनी, गड़हरा, सहरसा, खगड़िया, बिहपुर, खरीक, सोनबरसा, नवगछिया, कटिहार, बनमनखी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और आरा तक की महिलाओं को करियर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। तकनीकी सेल की मदद से अब इन नंबरों की सीडीआर खंगालकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई चल रही है।
भागलपुर के इन इलाकों में होता था भंडारण, कारों से सप्लाई
पूछताछ में सबसे सनसनीखेज खुलासा तस्करी के माल को छिपाने और डंप करने को लेकर हुआ है। पूर्वोत्तर और बंगाल से लाया जाने वाला गांजा सबसे पहले भागलपुर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में डंप किया जाता था। सबौर-औद्योगिक थाना क्षेत्र के फतेहपुर, चौका, छोटी धनकर, बड़ी धनकर, आदमपुर, इशाकचक, बबरगंज, परबत्ती, नाथनगर, सजौर और बाइपास के चिन्हित सुरक्षित ठिकानों पर इसका गुप्त भंडारण किया जाता था।
गोदामों में माल पहुंचने के बाद बिहार, झारखंड और ओडिशा में सक्रिय गिरोह के सदस्य डिमांड के अनुसार चार पहिया वाहनों (कारों व एसयूवी) में गांजा लोड कर दूसरे राज्यों के खुदरा व थोक बाजारों में खपा देते थे। रेल पुलिस अब स्थानीय डंपिंग सिंडिकेट से जुड़े सफेदपोशों और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
