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विक्रमशिला सेतु बंद होने पर नहीं थमेगी माल ढुलाई, बाबूपुर गंगा घाट बनेगा मालवाहक जलयानों का मुख्य सेंटर

Published: Mon, 28 Sep 2026 02:00 AM (IST)

विक्रमशिला सेतु बंद होने से पहले बाबूपुर गंगा घाट को मालवाहक जलयानों के संचालन का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है।

निरीक्षण करते अधिकारी।

निरीक्षण करते अधिकारी।

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु बंद होने पर वैकल्पिक जलमार्ग तैयार

  2. बाबूपुर गंगा घाट बनेगा मालवाहक जलयानों का केंद्र

  3. प्रशासन ने घाट तक रास्ते से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु बंद होने से पहले वैकल्पिक जलमार्ग को तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। एक अक्टूबर से बाबूपुर गंगा घाट को मालवाहक जलयानों के संचालन का प्रमुख सेंटर बनाने की तैयारी है।

इसी सिलसिले में जिला प्रशासन की टीम ने रविवार को बाबूपुर घाट पहुंचकर गंगा किनारे से एनएच-80 तक एक-एक बिंदु पर व्यवस्था का जायजा लिया।

घाट तक पहुंचने वाले रास्ते, एप्रोच पथ, सड़क संपर्क, जलयान के आवागमन और उपलब्ध जगह समेत अन्य पहलुओं का आकलन किया गया। जहां जरूरत महसूस हुई, वहां अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने ग्रामीणों से कहा- खुद हटा लें अतिक्रमण

सदर एसडीएम विकास कुमार ने ग्रामीणों को सड़क किनारे से ऐसे सभी अवरोध हटाने का निर्देश दिया, जिससे जलयान संचालन के दौरान वाहनों के आवागमन में परेशानी हो सकती है।

उन्होंने नाद, खूंटा, पशुओं का तबेला, गोबर के ढेर, सड़क की ओर बढ़ी झोपड़ी और अन्य अस्थायी अतिक्रमण को स्वयं हटाने को कहा।

एसडीएम ने स्पष्ट किया कि आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए। यदि लोगों ने स्वयं अवरोध नहीं हटाए तो प्रशासन को कार्रवाई करते हुए इन्हें हटाना पड़ेगा।

एनएच-80 से घाट तक निर्बाध रास्ते की तैयारी

बाबूपुर गंगा घाट तक पहुंचने के लिए एनएच-80 से बाबूपुर मोड़ के पास ग्रामीण पथ से होकर आगे जाना होगा। इसके बाद गंगा घाट की ओर जाने वाले एप्रोच पथ से आवागमन होगा।

प्रशासन की टीम ने एनएच-80 से लेकर गंगा किनारे तक पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। गंगा घाट से ग्रामीण पथ तक सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। घाट के पास पर्याप्त जगह उपलब्ध होने पर अधिकारियों ने संतोष जताया।

विक्रमशिला सेतु बंद रहने के दौरान सामानों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए बाबूपुर घाट से मालवाहक जलयान चलाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन का प्रयास है कि जलयान संचालन के साथ घाट तक पहुंचने वाले सड़क मार्ग पर भी निर्बाध आवागमन सुनिश्चित रहे।

निरीक्षण के दौरान लॉ एंड ऑर्डर एडीएम राकेश रंजन, एडीएम आपदा कुंदन कुमार, डीएसपी समेत जिले के अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे। टीम ने स्थल की स्थिति के अनुसार जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

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