खगड़िया, जेएनएन। एसटीएफ व जिला पुलिस के संयुक्त आपरेशन में शहर से सटे रहीमपुर एनएच 31 के किनारे एक भाड़े के मकान में हथियार फैक्ट्री पकड़ा गया है। उक्त स्थल से 28 अर्द्धनिर्मित पिस्टल, बनाने के उपकरण में ड्रील मशीन, लेथ मशीन, हथौडी, रेती,आरी, सरसर, इंच, पेचकश आदि भी बरामद किया गया है। इस दौरान मुंगेर के आधे दर्जन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। इधर, एसपी अमितेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर बताया कि पटना एसटीएफ के साथ मुफस्सिल थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के नेतृत्व में एक गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई के दौरान इतनी बड़ी सफलता हाथ लगी है।

गिरफ्तार तस्करों में मिनीगन फैक्ट्री का मुख्य संचालक मुंगेर कासिम बाजार थाना क्षेत्र के मकस्सपुर गांव के अनिल उर्फ रिंकू शर्मा, हजरतगंज के मु. मिराज, मु. सलीम, मु. तस्लीम उर्फ मोना, मु. असमान के अलावा हवेली खड़गपुर के मोहनपुर गांव का संतोष शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि किराए पर मकान लगाने वाले मालिक की खोज की जा रही है।  गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में बड़ा खुलासा होने के संकेत मिले हैं। एसपी ने कहा कि आपरेशन में शामिल मुफस्सिल थानाध्यक्ष रंजीत कुमार समेत अन्य को पुरस्कृत किया जाएगा।

थोड़ी से चूक होती तो हाथ से निकल जाती सफलता

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एसपी अमितेश कुमार के आदेश पर पुलिस सक्रिय हो उठी है। वहीं तस्कर किसी भी मौके को चुकना नहीं चाह रहे हें। शहर से महज एक किलोमीटर के दूरी पर रहीमपुर के एक घर्मकांटा के पीछे लाज में महीनों से हथियार का फैक्ट्री चल रहा था। मगर किसी को कानोंकान पता नहीं चल पाया। एसटीएफ पटना को मजबूत सूचना मिली और एसपी को इसकी सूचना दी गई। एसपी ने त्वरित गति से मुफस्सिल थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर आपरेशन को रवाना कर दिया। आपरेशन इतनी मजबूत थी कि तस्करों को मकान के पीछे दियारा में भागने का मौका नहीं मिला और सभी धरा गए। टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आपरेशन के दौरान थोड़ी भी चूक होती तो सफलता हाथ से निकल जाती। लाज के मालिक की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार तस्करों ने जो कुछ बताया वह चौकाने वाला है। तस्करों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दो साल पहले सभी मुंगेर से खगड़िया आया था। यहां चीमनी पर ईंट बनाने का काम करने लगा। दिन गुजरने के साथ वह हथियार का फैक्ट्री खोल लिया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्करों द्वारा कई जिलों के अपराधकर्मियों को पिस्टल पहूंचाता था। यह भी सामने आया कि मोबाइल के डब्बे में पिस्टल को पैक करता था उसमें गोली भी देता था और 18 से 20 हजार में अपराधियों को पहुंचा देता था। उसका यह भी कहना हुआ कि मोबाइल के डब्बे में पिस्टल बंद होने से पुलिस से भी भय नहीं लगता था और आसानी से कोई भी परख नहीं सकता था कि इसमें पिस्टल है। दो दिनों में खगड़िया पुलिस को दो बड़ी सफलता हाथ लगी। गोगरी के एक किराना दुकान में चोरी की घटना के तुरंत बाद पुलिस द्वारा दो अपराधी पांच हथियार व करीब डेढ़ लाख रुपया बरामद कर लिया गया। पड़ताल में सामने आयेगा कि इस अवैध धंधे में कौन कौन और लोग शामिल थे। बहरहाल, पुलिस इसी तरह लगातार सक्रिय रही तो तस्करों की दुकान बंद हो जाएगी।

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