भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। माओवादियों के हिरावल दस्ते का सेकेंड मोर्चा कार्बाइन से लैस होता है। अग्रिम पंक्ति में एके-47, इंसास, एसएलआर लिए पार्टी के सदस्य मोर्चा संभालते हैं। माओवादी ऐसा अपने काली योजनाओं को अंजाम देने से पहले बाकायदा संदेशा देते हैं। कूच करने से पूर्व अग्रिम पंक्ति को एंबूस लगाकर हमला करने और सेकेंड मोर्चा को गुरिल्ला हमले को तैयार रखते हैं। यह चौंकाने वाली जानकारियां औरंगाबाद के मुंशी बिगहा में 28 जून 2020 को दबोचे गए तीन नक्सलियों से पूछताछ में सामने आई है। वहां के एसडीपीओ अनूप कुमार की अगुआई में गिरफ्तार सरयू भुइंया, अरविंद भुइंया और फुलवसिया देवी से कई चौकाने वाली जानकारियां मिली है।

मुंगेर के अवैध हथियार निर्माण करने वाले कारीगरों के नक्सलियों से पुराने संबंध रहे हैं

माओवादी अपने दस्ते को कैसे पुलिस और अद्र्ध सैनिक बलों पर हमले के लिए तैयार करते हैं। उनके प्रशिक्षण के तौर-तरीके। उनका संदेशा और उन्हें प्रशिक्षित करने वाले कमांडरों की जानकारियां मिली है। उन तमाम जानकारियों के आधार पर पुलिस अधिकारी और अद्र्ध सैनिक बलों के कमांडर अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहे हैं। तीनों नक्सलियों के पास बरामद कार्बाइन भी मुंगेर की बनी बताई जा रही है। मुंगेर के अवैध हथियार निर्माण करने वाले कारीगरों के नक्सलियों से पुराने संबंध रहे हैं।

नक्सली और मुंगेरिया हथियार कारीगरों से सांठगांठ

नक्सलियों की ओर से समय-समय पर मिलने वाले लोकल मेड एके-47, कार्बाइन, इंसास और एसएलआर भी उन्हें मुहैया कराते रहे हैं। पुलिस और अद्र्ध सैनिक बलों से लूटे गए हथियारों को खराब होने पर कारीगर जंगलों तक बुलाए जाते हैं। लूटे गए हथियारों के मेंटेनेंस के लिए ऐसे कारीगरों को मुंगेर से ही समय-समय पर बुलाने की बात जांच के क्रम में पूर्व में खुलासा हो चुका है। मुंगेरिया कार्बाइन समेत अन्य हथियारों की खेप मुंगेर से बिहार-झारखंड भेजे जाने की बात भी तफ्तीश में पहले भी आ चुकी है। खुफिया महकमा नक्सलियों से मुंगेरिया हथियार कारीगरों के सांठगांठ की ताजा जानकारियां जुटाने में लगी है।

 

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